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  • 4 hours ago
अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान बना 'शांतिदूत', पर्दे के पीछे कौन? देखें कूटनीति

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00:17अमेरिका और इरान के बीच युद्ध का 27 संगर्श्विराम हुआ है
00:23हॉर्बुस की खाड़ी बंद है दुनिया बर की देल बाजारों में कोहराम मचा है
00:26ऐसे में साथ को बचाने के लिए कौन सामने आया सहींतराश्व नहीं यूरोप नहीं बलकि पाकिस्तान
00:32जेहां इसनावबाद के राजमेक आज वाशिंटन तहरान के बीच खड़े होकर उस संगर्श्विराम यानि की सीजफ़ायर का प्रयास कर रहे
00:39हैं
00:40जिसके हिम्मत किसी और ने नहीं दिखाई
00:42लेकिन सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान वाकी अकिला है या फिर कहानी चीन ने लिखी मंच चीन ने तयार
00:48किया और पाकिस्तान के हाथ में बस माइक थमा दिया
00:50नबस्कार कूटनीती में आज बाद उस आयरेंड ब्रदर की जो परदे के पीछे से दुनिया का सबसे पावफल शांतिदूत बनने
00:58की कोशिश कर रहा है आपके साथ मैं हूँ सही दंसारी
01:08कभे दुनिया के लिए एक विश्वस्नी मेहमान माना जाने वाला पाकिस्तान अचानक दो परमाणू संपन देश्चों के मीच भरूसे मंद
01:16बिचोलिया कैसे बढ़के
01:17दिरसल पाकिस्तान ने वर्शू तक खुद को क्षित्रे डील मेकर के तोर पेश किया
01:22पहले अफगानिस्तान में और अब पश्रिम एशिया उसके पास तजर्बा तो था बस एक बड़े मंच की तलाश थी
01:29तब ही ट्रम्प ने इसलामबाद की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया जिससे पाकिस्तान को अंतरराश्ट्रे मज़ पर थोड़ी साख यानि
01:36की क्रेडिबिलिटी मिली
01:37उपर से 2024 में पाकिस्तान और इरान फुद युद्ध के मोहाने पर खड़े थे जब दोनों ने एक दूसरे की
01:42सीमा पर हमले किया थे
01:44पाकिस्तान को बहुँ भी ये पता था और पता है कि सीमा की एक छोटी सी जड़ब कैसे बड़ी तबाही
01:50में बदल सकती है
01:50और इसी निजी अनुभव में पाकिस्तान को बाचीत की बेस पर गंभीरता और अनुभव दोनों ती
01:56पाकिस्तान को ये सीज़ फायर सिर्फ पसंद नहीं था बलकि ये उसकी जरुवत थी
02:01लेकिन पाकिस्तान के बास सिर्फ साक और शटर्ल डिप्लोमैसिठ शक्ति बلकुल नहीं
02:07किसी डील के लिए मजबूर करने वाली आर्थिक या सेन ने शक्ति नहीं है
02:11ऐसे में इस डील को मसल पावर देने के लिए किसी और को सामने आना ही था
02:17और यहीं से इंट्री होती है चीन की बेहद खामोशी के साथ
02:23चीन ने खुद लाइम लाइट में आने के बजाए पाकिस्तान को आगी क्यों किया
02:26इसे आप ऐसे समझिए चीन एरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साज़ेदार है
02:31वो एरान से तेल खरीदता है उसके पास तहरान को सीधे फून करने की शक्ति है
02:37लेकिन अगर चीन खुद मुख्य मध्यस्त बनता तो वशिंग्टन और खाड़ी देश इसे एरान समर्थक चाल पता दे
02:44बीजिंग में पाकिस्तान को कमरे में सबसे आगे खड़ाए इसे चीन को प्रभाव भी मिल गया और उस पर कोई
02:51आरूप भी नहीं लेगा
02:52पाकिस्तान इस शान्ती प्रक्रिया कर चेहरा बनकर चीन उसके रेड़ की हड़ी बन गया और जैसा कि डॉक्टर भी कहेंगी
02:58शरीर का असली काम रेड़ की हड़ी ही करती है
03:02चीन को इस सबसे क्या मिल है
03:05ये कोई विचारतार है कि लड़ाई नहीं बलकि सीधा आर्थिक स्वार्थ
03:09हॉर्बुस के खाड़ी दुनिया की सबसे बड़ी तेल पाइपलाइन इसके बंद होने से चीन की एकोनॉमी को जबरदस्त जटका लगा
03:16लंबे समय तक चलने वाले अमेरिका एरान युद्ध का मतलब था तेल महंगा चीन के बेल्ट एंड रोड बियाराई निवेश
03:23का डूप जाना चीन के लिए ये शान्ती कोई परोपकार बिलकुल नहीं है
03:27बलकि खुद को बचाने की एक डिप्लोमेसी है चाल है
03:31चीन को एक और गहरी चिंता थी एक लंबा और अराजक युद्ध पेश्चिम एशिया में फिर से अमेरिकी सुरक्षा तंत्र
03:37को मजबूत कर सकता था
03:38बेजिंग में ये खेल पहले भी देखा था और वो इसे दोबारा नहीं होने देना चाहता था
03:43इसलिए चीन की ये शान्ती कोई निस्वार्थ सेवा नहीं थी बलकि कूटर नेतिक भाज़ा में लिप्टा उसका अपना एक स्वार्थ
03:51था
03:51चीन ने अपनी शक्ती का इस्तमाल कैसे किया
03:54ट्रम के अल्टिमेटम से ठीक पहले चीन के अधिकारियों ने तहरान से बात की उन्हें हॉर्मूस खोलने के लिए बनाया
04:00फिर उन्हें पांच पॉइंट का चीन पाकिस्तान प्लान पेश किया जिसका उद्देश्य था
04:05कोई विदेशी सैने दखल नहीं कोई अतिरिक प्रतिबंद नहीं सिर्फ बाच्ची यानि एक ऐसा फ्रेमवर्क जो चीन के निरेटिव में
04:14फिट बैठता है और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देता है
04:18चीन ने इसे एक ऐसे बहुत पक्षिय विकल्प के तौर पर पेश किया जो सम्प्रभूता के सम्मान करता है सरलभाशा
04:23में अगर हम कहें तो ये एक ऐसा धाचा था जिसने हर मोड पर अमेरिकी प्रभाव पुरूकनी का काम किया
04:29तो क्या चीन अब दुनिया का नया शांतिदू थे एमानदारी से कहीं तो बिलकुल नहीं लेकिन वो उम्मीद से कहीं
04:36जादा करीब पहुँच गया है
04:37हलांकि इस कायरवाई में कोई ठोस कायरवाई का तंतर बिलकुल नहीं है और ये सिर्फ गुडविल पर टिका हुआ एक
04:43मिलना है
04:44लेकिन चीन ने एक बार फिर से ये सिद्ध कर दिया जब वाशिंग्टन ने आग लगाई और उसे बजहने का
04:50कोई प्लान नहीं बना
04:51दुनिया के पास कोई प्लान नहीं था तब बीजिंग एक फ्रेमवर्क और एक पार्टमर के साथ ख़ड़ा था
04:56ये सीस फायर टिके या ना टिके चीन ने खुड को नज़र अंदास करना असंभूफ बना दिया है
05:02कोई नीती में आज के लिए बस इतना है आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखेगा देखते रहिए आज तक
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