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  • 2 days ago
कई हफ्तों से बढ़ते संघर्ष के बाद अमेरिका, इजराइल और ईरान दो हफ्ते के लिए अस्थायी युद्धविराम पर सहमत हो गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में ईरान के प्रस्ताव को व्यवहारिक बताया. फिर थोड़ी देर बाद संदेह जताया. इससे लगता है कि मिडिल ईस्ट के हालात अस्थिर हैं. तनाव का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है. ये दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का करीब 25 फीसदी और एलएनजी का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. यही वजह है कि ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग पर अपना नियंत्रण और ट्रांजिट फीस चाहता है, जबकि अमेरिका सैन्य निगरानी बनाए रखने की योजना बना रहा है. इसके अलावा परमाणु हथियार भी अहम मुद्दा है. ईरान का कहना है कि वो यूरेनियम संवर्धन जारी रखेगा. वहीं, वाशिंगटन का कहना है कि ईरान अगर अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखता है तो उसको भारी कीमत चुकानी होगी. इस बीच, इजराइल इस अस्थाई युद्धविराम का समर्थन कर रहा है. लेकिन उसका कहना है कि वो लेबनान में हिज्बुल्लाह से लड़ना जारी रखेगा. बहरहाल, ये युद्धविराम फिलहाल गोलीबारी रोकने में कारगार साबित हो सकता है. लेकिन अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच लड़ाई का मूल कारण अब भी बना हुआ है.

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00:30व्यापार का करी 25% और LNG का 20% हिस्सा गुजरता है। यही वज़े है कि इरान इस अंतराश्ट्र
00:37समुद्री मार्ग पर अपना नियंतरन और ट्रांजिट फीस चाहता है। जबकि अमेरिका सेंड निगरानी बनाये रखने की ये उचना बना
00:43रहा है। इसके लावा परमाणू
00:46हत्यार भी एहम मुद्दा है। इरान का कहना है कि वो यूरेनियम समवर्धन जारी रखेगा। वही वाशिंग्टन का कहना है
00:52कि इरान अगर अपना परमाणू कारिक्रम जारी रखता है तो उसको भारी कीमच चुकानी होगी। इस बीच इसराइल इस अंस्था
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01:11आरी रोकने में कारगर साबित हो सकता है लेकिन अमेरिका इसराइल और इरान के बीच लडाई का मूल कारण अब
01:17भी बना हुआ है।
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