00:00गुजरातियों का हर जग है और ऐसा कोई देश नहीं जहां जाओ वहां गुजराती नहां मिले
00:06गर्वा फाफड़ा डोकला यह तो पक्कई है गुरु जी आप आईये गर्वे
00:23जब तक मन में जुनून नहीं होगा तब तक मन इस्थिर नहीं होगा पागलपन जब तक आपके अंदर नहीं होगा
00:31इसके लिए मन को
00:33रिपीट टू रिपीट आपको जैसे सोने के पीछे ब्रेंड का साइंस है हम बारवार जब आँख पलक जहपकते हैं आजप
00:40कल के बच्चे लीड देख देखके तब सोते हैं जब बलिकल आख बंद होने लगती है तो आप बारलवार जब
00:59आखों
01:03आए और कभी ध्यान करने बैठें तो इसको दोहराएं तो आपका मन उसके प्रती ललक भरेगा जुनून आएगा और फिर
01:11आपका मन विचलत नहीं होगा उसी के पीछे पागल होगा
01:14आपन गूरुजी अम मुझे यू थार चल तो मैं घुजराती ना बोलो तो में अंगली सी मोल यू हम अन्छार
01:26तो में आपनस तुम्हेश्विकंट में मैं उसके चल्ट डी मैं मैं मैं उसका प्लटोव दो तू एक एज तू लू
01:35दो अम सथ ने इस न आएखे जबा दो खीए
01:44you won't do it properly.
01:47Sorry, I can not understand.
01:49जंदी कैसा?
01:52नहीं वही है प्रस्टना उनका के उनका माइन वहाँ पे लगता ही नहीं.
01:56आपने जो बता है, उनको गुजे अती बें टांसलेट करके बता दूंगा.
02:00आप उनको बता दीजिएगा.
02:01और इससे हमें लगता मन की एकागरता होगी
02:04दूसरा इनको एक प्रियोग बताईए
02:06ब्रामरी प्रानायाम
02:13ये प्रियोग बार-बार करने से
02:15मन विचलित वाले विक्ति के लिए
02:17बहुत सर्थिया लुपाय है
02:18इससे मन एकागर होगा
02:20और वो दूसरा जुनून पागलपन चढ़ाने के लिए
02:22वो बार-बार उसको कहते हैं
02:42तो तीन दिन समझाया
02:44नाक की तरफ मत देखना
02:46नाक की तरफ मत देखना
02:47अब वो बच्चा बड़ा परेशान
02:49तीन दिन बाद वो रिस्तेदार आये तो वो नाक की ही तरफ देखे
02:53साइद पहले ना देखता लेकिन तीन दिन परिशान कर लिया तो वो ऐसे देखे टेड़ा
02:57पर देखे नाक की तरफ
02:59माता जी का दिमाग खराब कि कब दिस्तेδार जायें
03:02कब इसको चाटा लगाएं
03:04और वो बार-बार देखे
03:05मेहमान भी परेशान
03:06माँ भी परेशान
03:08बेटा देखे नाक की तरफ
03:10और तीन दम सम्झाया के नाक की तरफ मत देखना
03:13अब लगा कि अम्तिम जब चाय लेकर के आई कि अब चाय पिला दी जाए
03:17और इसके बाद में महमान जाने वाले हैं फिर बच्चे की किलास लेंगे
03:20तो जैसे चाय रखी तो उन्होंने कहा कि हम आपकी नाक में कितनी सक्कर डाले
03:28तब जो चौक गई
03:30अब बोलें भी क्या दरसल तीन दिन से वो नाक नाक नाक नाक नाक नाक नाक नाक तो बोलना था
03:36कि आपकी चाय में कितनी सक्कर डाले
03:38वो निकल गया कि आपकी नाक में कितनी सक्कर डाले
03:42और ऐसा कई पुर्शों के साथ हुआ कि जो बात छिपाना चाहते थे दूसरे वाली की मैसेज
03:49वो कभी-कभी फिलो में निकल जाते
03:52जब छिपाना चाहो तभी निकल जाते
03:55इसको कहते हैं संकल्प ही सिद्धी है
03:57क्या है?
03:58जब बार बार हम दोए रहेंगे तो वो सिद्धी बनेगा
04:01इनको अब गुजराती में ट्रांसेट तमे करी दियो
04:05ओके गुजराती जी चाहिए बाला जी सरकागी
04:08गुरुजी आपके चरण में कोटी-कोटी प्रणायम गुरुजी
04:12आश्रवाद
04:13मेरा प्रिशन है कि जो यहाँ पे रहते उन लोगों को बागेश्वर धाम के कितनी पेशी करनी चाहिए
04:20अगर वो कोई अरजी लगाते तो
04:23मैसे नियम तो वहाँ 21 का है पर आपके लिए 20 संभव नहीं है
04:27हाँ नहीं तो 21 साल लग जाएंगे तब तक पता लगे अरजी सफल हो या ना हो अपन सफल हो
04:33गए
04:35तो उसका सरवोत्तम उपाए हमने निकाला कि आप गर बैठ करके अवन करो
04:39जब जाओ तब 2-3 पेशी एक बार में करो तो 21 साल नहीं लगेगा
04:43चार-फैंक साल के अंदर फजये हो जाओ गए त Ole.?
04:49और पक्रिशाय, पूला अल wijấpनों जब एक आप गुर्णशाण जाओ हो और में
05:00एग्यसाम्हाय जाता रहन जहाओ जावा हैं आपकर ताम में यह
05:12मेरे साथ मेरे गुरू थे
05:14वो ही मेरे साथ ही गय
05:17उदर बगेश शर्दाम में
05:18और जैसे मेरे
05:20बद्रीनाच के उनके साथ गय थे मैं
05:22और उन्हें ने रास्ते मेरे को बोलगा
05:24कि जां तू होगा
05:27जां वो होगा
05:28बीच में कुछ नहीं होगा
05:30तो तबी हुआ क्या बहुत बड़ पड़ गी और पंड़त जो थे पुजारी वहां के बंद्रीनात के वो अपना समान
05:38उठा कर गए जाने लगे बैठ के पर ब्रांटे में बैठ के और काउंट क्या था हमने सीधे गए माथा
05:47देखा और दर्शन किये
05:52और मेरे को ऐसे पीट थपा के बोलते तेरे को मैं बोला था ना जा वो होगा जा तू होगा
05:59देख ले बीच में पंड़त भी नहीं है बार होगा वाँ ऐसे ही मेरे गुरुजी अब भी जब मैं ग्या
06:07बगेश्वर गाम आज आज तो वो भी मेरे साथ थे तो मेरे को बोल रहे �
06:14से वो है तू है बीच में कोई नहीं है कर ले दर्शन जम भी हो सकते हैं इसके ओपए
06:23गुरु की लिला है और मेरा मन बार जाता है जब जब उनको याद करता हूँ नदर को कोई कभी
06:32कभी मैं केला भी रोल लेता हूँ उनके बना उनका मैं इवाइट किया था इधर आने को �
06:37उनकी सिहत ने आने के नहीं दिया,
06:39ओ नहीं मेरे गर में इदर आ सके,
06:41मैंने बार बार उनको बिंती की थी,
06:43मगर हलाव नहीं मने,
06:45और मेरे मन में रह जाता है,
06:47कि काश हो मेरे गर में हो,
06:50आप पर गुरु कृपा बहुत है,
06:52और आपके गुरु ने कहा,
06:53कि जब वो है और तू है तो तीसरा कोई नहीं हम इतना कहशकते हैं कि इसके उपर एक और
07:01स्टेज है ना वो रहेगा ना तू रहेगा बस हम रहेंगे
07:07खोजा सारा जहां पता तेरा पाया नहीं पता जब तेरा चला तो पता मेरा में
07:14मगर मेरे पास कमाई नहीं है मैरे पास कमाई नहीं है गुरू करपा है और आपके पास गुरू करपा है
07:28वो बहुत है और भेद मिट जाना ही गुरू करपा है गुरू तो भेद मिटा आता है गुरू तो दीवालें
07:36तोड़ता है उसका नामी गुरू जो दीवालें तोड़ द
07:38जीवात्मा, महत्मा और परमात्मा
07:41इन तीनों की दीवाल तोड़ करके
07:43जो जीवात्मा को भी परमात्मा बना दे
07:45वो गुरू है
07:48परणाम गुरू जी
07:51मैं छोटा हूँ
07:52अनुभवीन हूँ
07:54पर एक प्रश्ण मुझे सता रहा था बहुत
07:56क्या नाम है आपका
07:58मैं शौमित हूँ, शौमित बासू
08:00How old are you?
08:01I'm 18
08:0318?
08:0418, yes
08:04कुछी महीनों पहले आस्ट्रेलिया आया हूँ पढ़ने के लिए
08:09तो मेरा सवाल आपसे ये है
08:12त्रिता यूग में श्री राम थे
08:14वो कहते थे कि मर्यादा में चलो
08:17मर्यादा पुरुशोत्तम थे
08:18तो अपनी माता की सुने
08:20फिर वनवास चले गए
08:22उन्हें शमा भी क्या माता कई कई को
08:23फिर द्वापर यूग में श्री कृष्णा आया
08:26उन्होंने कहा कि धर्म के लिए छल भी करना पड़े
08:28तो करो
08:30परिवार के विरुध्यूत करना है
08:32तो करड़ डालो
08:35अब इस यूग में
08:37कभी कभी हम लोग
08:38मैं धर्म संकट में पड़ता हूँ
08:40कभी मन की सुनू
08:41परिवार की सुनू
08:42या समाज की सुनू
08:43तो वो धर्म संकट कैसे
08:45मन से मिटा पाओ
08:47ये
08:48ना मन की सुनो
08:49ना परिवार की सुनो
08:52ना किसी की सुनो
08:53सुनना है
08:55तो देश, काल, परिस्तती और परंपरा की शुनो
09:00कई बार जो धर्म होता है
09:02हमारी दृष्टी में
09:04वो दूशरे की दृष्टी में अधर्म होता है
09:08जो यहां मर्यादा होती है
09:11कई बार वो अपने देश में अमर्यादा होती है
09:15हमारे भारत में जिसे धर्म कहा जाता है विदेशों में उसे बीगन खाने वाले लोग, बीगन भोजन करने वाले लोग,
09:20बीगन होता न, वो दूद को भी क्या मानते हैं, मासाहार, कि वो रक्त से च्छन करके आता है तो
09:27वो भी मासाहार, लेकिन भारत में कुछ ऐसे महत्मा है
09:31जो केबल दूद पी के रहते हैं, वो महतमा हो जाते हैं, पयाहारी महतमा, दूदाहारी महतमा, केबल दूद पी कर
09:38रहते हैं, और किसी बीगन वाले को कहो कि ये केबल दूद पी कर रहते हैं, तो वो कहेगा कि
09:43बहुत गंदा आदमी इससे निकिष्ट कौन होगा, तो जो कई �
09:48लोगों के लिए धर्म हो सकता वो आपके लिए अधर्म हो सकता जो आपके लिए अधर्म हो सकता वो कई
09:53लोगों के लिए धर्म हो सकता अब सेर का भोजन है हिरन
09:58पर वो हिरन हिंसा है
10:00तुम कहोगे तो कहोगे
10:02सेर बड़ा पागाल आदमी
10:03हिंसा करना है
10:05अधारमिक है
10:06नास्तिक है
10:07लेकि उसका धर्म ही है वो
10:09सेर सिकार नहीं करेगा
10:11तो क्या करेगा
10:13कई लोगों का धर्म
10:14कई जगे देश परस्तिती के करण
10:16बदल जाता है इसलिए हमने आज
10:18एक शूत्र दिया वो आपके काम
10:20का है और आपके दंद को मिटाएगा
10:22किसी के दिल को
10:24ना दुखाना इसी को धर्म समझ लेना
10:27पर नाम गुरुजी
10:29किसी का दिल ना दुखे
10:30यही धर्म है और किसी
10:32का भी दिल दुखे
10:34यहां तक की खुद का भी
10:37किसी का मतलब यह मत
10:38समझना कि किसी का ना दुखे खुद का ही
10:40दुख जाए
10:41भगवान राम को देखो वो जन को तारते रहे
10:43पर मन को मारते रहे
10:46तो किसी का मतलब
10:47तुम्हारा भी ना दिल दुखे
10:49समझना तुम धर्म पर चल रहे
10:51लेकिन यदि किसी का दिल दुख्या है तो समझना यही है धर्म
10:55परणाम गुरुजी
10:58परणाम गुरुजी
11:00आपके चर्णों में कोटी-कोटी परणाम गुरुजी
11:03खुश रहो
11:04गुरुजी मेरा पशन ये है कि हम हिंदु धर्म
11:09और धर्म के पद पे चलते हैं
11:11हमारे धर्म में बोला गया है कि हमारे पित्र भी उतने ही पूजने हैं जितने हमारे भगवान हैं लेकिन हम
11:21और शायद बहुत सारे लोग जो विदेश में रहते हैं अपने पित्रों की उस परकार से पूजा या अर्शना नहीं
11:28कर पाते हैं जैसे कि जो लोग भारत में रहते ह
11:32तो उसके लिए हम क्या करें?
12:30शुक्रिया गरुजी, दिन्यवाद।
12:32जितने गरेश जी के मंदरों में चुहे हैं, और उनको लड्डू लगाए जाते हैं, भोग में, उतने असली चुहों को
12:40खिलाए जाएं, तो कुछ बात और हो जाएं.
12:46जितने पत्थर के नंदियों को पूजा जा रहा, उतने ही असली नंदियों के यदि पूजा जाए, तो भारत की सड़कों
12:53से गव माता और नंदी दोनों मंदरों में बंद जाएंगे.
12:56तो हमको ऐसे ही पित्र पूजा में, पित्र पक्ष में पित्रों की पूजा तो करें, पर विदेश में रहते हैं
13:04ना कर पाएं, तो किसी के पिता को बहुत आवशकता है, और उसकी आवशकता पूरी करें, भोजन की, वस्त्र की,
13:12उनकी जीवन की, स्वास्त की, तो हमें लग
13:26Chiara Chiara where are you from Australia Australia which city can bear
13:36camera you say speak in your question so I do a japa counting I want to know how
13:45I can get not distracted because every time I do my counting on the japa
13:53counter I always get distracted how can I not get distracted
14:01Radhe Radhe Guruji Chiara ka prashne yeh hai ki mein bohut prayas kerti ho ki japa
14:07counter mein mein aapne naam ke japa kerti rahun but her wakt merah man joe
14:14distract ho jata hai mein bohut prayas kerti ho kya aap game dekhti hai?
14:18kherlti hoon? naa mobile? sometimes sometimes mobile? yes reel? huh? reels? yes 15
14:34miniatures movies? yes friend circle? yes okay
14:48abe kama karna hai in sab ke liye aap eek short time dijiye
14:55or naam jab ke liye aapne agouthe mein counter laga karke
15:01kheelte kheelte chalte chalte chalte movies picture dhekte dhekte games dhekte dhekte
15:08ya friend circle ke saath walking kerte kerte naam jab start kar dijiye
15:13dheere dheere jiv ki yaadat jivan ko ho jai ki
15:16very good you have your counter don't you? you can just use that while playing games and playing with your
15:23friends
15:24do you have anything else to tell them?
15:25okay?
15:30haji aap pohle
15:33parnaam guru ji
15:34mei naam sudi raji
15:35mei canada se aya hon
15:36canada se?
15:38hapko dhekne ke liye
15:39haji aapne ke liye
15:39dhekh liye
15:41haji aapne
15:43kaisa laga aaj
15:44bada aachha laga hi
15:45maipko vayashe 4-5 saal se video roj dhekta ho
15:48na dhekho toh meira dhin nahi hai
15:50you know
15:51meira parnaam ya hai
15:53ki sakshi baho me kaise raaj aai
15:55haa ye
15:56baut uchsa baho hai
15:59eek
16:00chhoti si bata bata ke
16:02aapko
16:03aapki pursnika
16:04aapko uttar mil jayega
16:051980 ke dhsak me
16:07eek mahatma amerika gaya
16:10un dynon me
16:12kuchh log bhoch chidtay thay
16:13bhagwara ng par
16:16koi
16:17bhool ho gai hogi mahatma se
16:19to kuch
16:21americans
16:23vahaan ke joh
16:24nivaasi thay
16:25woh mahatma ko peet nye lagay
16:27to woh husnye lagay
16:29aw woh peet nye
16:31aw woh husnye
16:31aw kisi ki pitaai ho
16:33joh joh pitaai bhar taagat kar raha ho
16:35aw samanhe wala yadhi husnye
16:38to uski mehnat pere pani phir jata
16:40usse aur gussan ata hai
16:42to woh aur pitae
16:42to woh aur husnye
16:44bhala hai
16:45aisa bade ki kathin kama
16:46to kisi eek
16:47hindustani bhakti ne
16:49ingles bholkar
16:50unhye bucha ya
16:51baapis laya
16:51to usnye kaha
16:52کہ ہمارi
16:53dilchaspi
16:54ispne nahi hai
16:54کہ آپ ne
16:55kya bhool ki
16:56hem je punchna
16:57چاہ رہے
16:58کہ jab aap
16:58pit raha te
16:59to aap
17:00hus kuyo raha
17:00to mahatma
17:02ne joh uttar
17:03diya
17:03woh aapka uttar
17:04bholi bhai
17:06aapne raam
17:07pit raha te
17:08to aapne raam
17:09hus raha te
17:12aapne raam
17:13pit raha te
17:15to aapne raam
17:16hus raha te
17:18to woh choka
17:18kone raam pit raha te
17:20bholi aapne raam
17:21to bholi
17:22pher hus kone raha
17:23thaa bholi aapne raam
17:25abu bada choka
17:26abu maatha
17:27khujata raha
17:27husnye ghar
17:28lhe gaya
17:28bhojan karo
17:29bhojan karne ke baad
17:30usnye pheru
17:32aapne raam
17:33kone hain
17:33joh pit raha
17:33bholi hum
17:35to bholi
17:36hus kone raha
17:37thaa
17:38bholi hum
17:39ono na kao
17:40maharaj
17:41pahiliyan
17:41mat bujhau
17:42sida sida
17:43kau
17:43aapne raam
17:44pit raha
17:45dhe
17:45to aapne raam
17:46hus raha
17:46dhe
17:46ono na
17:47kaha
17:47pit
17:48to tn
17:49raha
17:49thaa
17:50hus
17:50to
17:50man
17:51raha
17:51thaa
17:54saakshi
17:55bhao
17:55ka
17:55mtlap
17:56jab
17:56aap
17:56prishn
17:57kar raha
17:57aur
17:57hum
17:57dhe
17:58raha
17:58uttar
18:00aapke
18:00anndar
18:00jabhi
18:01aaj
18:01aaj
18:01kya
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18:02hi
18:02prishn
18:03bola
18:03aur
18:04hum
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18:04uttar
18:05dhe
18:05raha
18:05aur
18:06hum
18:06hi
18:06dhe
18:06raha
18:07jab
18:07ye
18:07prabatki
18:08tumhari
18:08man
18:09me
18:09ghat
18:09na
18:09samaj
18:10jana
18:10tum
18:10saakshi
18:11bhao
18:11pher
18:11pher
18:13aaj
18:13sita
18:13ram
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18:17hum
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18:17hum
18:19sita
18:20ram
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18:20jib
18:21sita
18:21ram
18:22prabhu
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18:23keshav
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18:25chandigar
18:25sa
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18:25in
18:26khanada
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18:27bhaia
18:27ko
18:27yuh
18:27do
18:28keshav
18:29khanji
18:29khani
18:30chandigar
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18:33pa
18:33student
18:33ho
18:34ma
18:34graduate
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18:35khen
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18:39ko
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18:43chandigar
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18:45last year
18:45panchkula
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18:48haan
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18:49prabhu
18:51jib
18:51pahli
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18:52anubab
18:53bata
18:53na
18:53chau
18:53ga
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18:54pahli
18:54ba
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18:55samak
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19:03har
19:03dins
19:04subah
19:04or
19:04sham
19:04hanuman
19:05chalisa
19:05padhta
19:06pahli
19:06us
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19:07pankti
19:08ae
19:08ki
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19:08pahle
19:09chute
19:10bandhi
19:10mahasuk
19:11ho
19:11ha
19:11to
19:11make
19:12kore
19:12like
19:12ae
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19:32को बता हूँ मेरे घरवाले अभी देख रहे है वो मेरे को मेसेज भी करी थी में सिस्टर के ठी
19:36पूछ ले पूछ ले सवाल पूछ ले मैं कब मैं तो हाथ खड़ा करके खड़ा हूँ मतलब तुम अपने चक्कर
19:42में नहीं पूछ रहे है घरवालों के चक्कर में पूछ रहे है
19:44नहीं, नहीं, नहीं, मैं आपको बताता हूँ, नहीं प्रभू जी ऐसा कुछ नहीं है, मैं कुछ चीजों से गुजर रहा
19:49हूँ, मतलब काफी ज़ादा टेंस रहता है, क्योंकि अभी ग्राजुएशन हुई है, और जॉब वेगार का बहुत ज़ादा चक्कर चल
19:56रहा है, और �
19:57ये ग्लोबल सिच्वेशन काफी ज़ादा खराब हो भी है, वार एन ओल के चक्कर में, मतलब प्रभू जी, इतना क्लोस
20:04होके भी हनुमान जी को मानते हूए भी ये चीज़ होती है, कि मन हार जाता है, मतलब अपने आपी
20:10आंसू टपकने लग जाते है, इतना ज़ादा हो जा
20:24कि वारादादां गेए
20:25कि न चैंड़ को
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