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  • 2 hours ago
नालंदा में 25 साल से अधूरा पुल 50 गांवों के लिए जानलेवा मुसीबत बना है. ग्रामीण आज भी नदी तैरकर पार करने को मजबूर हैं.

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00:17नालंदा मुख मंतरी का ग्री जिला जहां विकास की कहानिया आकसर सुर्खिया बनती हैं
00:24लेकिन इसे जिले में एक ऐसी सचाई भी है जहां 25 साल से लोग एक अधूरे पुल के सहारे जिन्दगी
00:32और मौत के भी जी रहें
00:33ये तो अच्छा है कि नदी में पानी नहीं है अगर बाढ़ा जाए तो लोगों को वंती नदी तैर कर
00:40पार करनी परती है
00:41और पिछले 25 साल में सैकरो लोग इस नदी में डूब कर अपनी जान गवा चुके हैं
01:01ये कहानी है नालंदा के अस्थावा इलाके की जहां नूनिया नदी पर बनने वाला पुल आज भी अधूरा खरा है
01:10करीब पच्चास गाओं और डेड़ लाक की आबादी आज भी इस अधूरे सपने की कीमत चुका रही है
01:16इस पूल के बिना 36 किलो मीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है
01:21जबकि पूल बन जाए तो यही दूरी घटकर सिर्फ 8 किलो मीटर रह जाएगी
01:26यानि समय, पैसा और सबसे अहम जिंदगी बचेगी
01:44साल 2000 में इस पूल की नीव रखी गई थी
01:47करिब 36 लाग रुपे का बजट बड़े बड़े वरे वादे
01:51लेकिन कुछ ही समय बाद काम रुग गया
01:54सरकारे बदली, नीता बदले
01:56लेकिन पूल की किस्मत नहीं बदली
01:58पूल का लागा था 36 लाग
02:03और 36 लाग मिट्टी का कार थोड़ा सब पूरा हो सका था
02:08अस्थानिये लोग इसे सिर्फ लापरवाही नहीं
02:11बलकि वोट बैंक की राजनीती का शिकार मानते हैं
02:14स्वतंतरता सैनानी कौसलेंद्र प्रसाद का आरोप है
02:18कि सियासी समीकर्णों में इस पुल को भूला दिया गया
02:38अब 25 साल बाद करीब 5 करोर की लागत से नया टेंडर पास हुआ है
02:43और जल्द काम शुरू होने का दावा किया जा रहा है
02:59ननोर गाउं की किनारे खरा या दूरा ढाचा
03:02सिर्फ पुल नहीं बलके तूटी उमीदों की कहानी है
03:06अब 50 गाउं इंतिजार में हैं
03:09उस दिन के जब ये पुल बनेगा
03:11और मौत का ये रास्ता जिन्दगी की राह बन जाएगा
03:14इटी भारत के लिए नालंदा सी महमूद आलं की रिपोर्ट
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