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होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव के बीच United Nations Security Council में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।बहरीन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया, जिससे यह पास नहीं हो सका।इस प्रस्ताव का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को खोलना और वैश्विक तेल आपूर्ति को सामान्य करना था।11 देशों ने प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन Russia और China के वीटो ने पूरा खेल बदल दिया।इस कदम को Iran के लिए कूटनीतिक समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।वहीं Donald Trump पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं।पाकिस्तान और कोलंबिया की अनुपस्थिति भी कई सवाल खड़े कर रही है।इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि वैश्विक राजनीति में ताकतवर देशों का दबदबा अभी भी कायम है।क्या यह युद्ध अब और बड़े स्तर पर बढ़ेगा? यह सवाल अभी बना हुआ है।


Amid rising tensions over the Strait of Hormuz, a major development has emerged at the United Nations Security Council.A resolution proposed by Bahrain to reopen the crucial oil route failed after Russia and China vetoed itThe proposal aimed to restore global oil supply through the Hormuz Strait, which handles nearly 20% of the world’s oil.Despite support from 11 countries, vetoes by Russia and China blocked its passage.This move is being seen as strong diplomatic backing for Iran amid the ongoing conflict.Meanwhile, Donald Trump has already issued stern warnings to Iran.The absence of Pakistan and Colombia during voting has also raised questions globally.This incident highlights how global power dynamics still dominate decision-making at the UN.The big question now is whether this conflict will escalate further on the world stage.


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Transcript
00:01इरान वार में अब इक्वेशन क्लेरली चेंज होती नजर आ रही है एक तरफ अमेरिका और इसके अलाइस खड़े हैं
00:07और दूसरी तरफ इरान को मिल रहा है रूस और चीन का पावरफुल डिप्लोमाटिक सपोर्ट और इसका सबसे बड़ा प्रूफ
00:15अब सामने आ चुका है �
00:17United States Security Council में Middle East में चल रही इस चंग के बीच इरान ने दुनिया के सबसे इंपॉर्टेंट
00:24ओयल रूट शेट ओफ होर्मूस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है ये वही रूट है जहां से लगभग 20
00:31% ग्लोबल ओयल सप्लाइ होता है इस रूट के बंद होने से ग्लोबल मार
00:47रखा था जिसका में एम था होर्मूस ट्रेट को रियोपन करना और इंटरनाशनल शिपिंग को सेफ बनाना वोटिंग हुई 15
00:54में से 11 कंट्री इस ने सपोर्ट किया मतलब क्लियर मिजॉरिटी थी लेकिन फिर एंट्री होती है सूपर पावर पॉलिटिक्स
01:02की रशी और चा�
01:14रहना का कहना है कि ये प्रपोजल इरान के खिलाफ बायस था यानि ग्राउंड पर चाहे रश्या डारेट वार में
01:20ना हो लेकिन डिप्लोमैसी में वो क्लेरली इरान के साथ खड़ा नजर आ रहा था और शायद असल में सच्चाई
01:27में रश्या और चाइना वार में भी किसी
01:44प्रेशर को अब यहां समझना जरूरी है कि यूएनसी में सिर्फ मिजॉरिटी काम नहीं करती अगर पर्मानिंट मेंबर्स यूएस रश्या
01:52चाइना फ्रांस या यूके में से कोई भी वीटो यूज करता है तो रेजिल्यूशन तुरंत फेल हो जाएगी और इस
01:58केस में एक
02:10फ्रांग अल्टीमेटन दिया था होर्मूश च्रेट को खोल दो वरना इरान के पावर प्लांस और ब्रिजिस पर अटैक हो सकता
02:16है यानि एक तरफ यूएन डिपलोमेसी फेल हो रही है और दूसरी तरफ मिलिटरी एसकेलेशन का रिस्क बढ़ता जा रहा
02:23है एक्सपोट्स क
02:39आज का बिगस टेक अवे ये है कि एरान वार अब सरफ मिडल इस तक लिमिटेड नहीं है ये ग्लोबल
02:44पावर ब्लॉक्स का डारेक्ट ट्लैश बन चुका है यूएन वर्सेज एरान नहीं बलकि यूएस वर्सेज रश्या चाइना एक्वेशन मना है
02:50और जब तक वीटो सिस
03:02में जरूर बताईएगा
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