Skip to playerSkip to main content
  • 3 hours ago
कोरबा जैसे जिलों में महुआ संग्रहण बड़ी चुनौती भी है. दरअसल इस क्षेत्र में जंगली जानवरों खासकर हाथियों का आना-जाना लगा रहता है.

Category

🗞
News
Transcript
00:00
00:00
00:00
00:01
00:01
00:01
00:04
00:07
00:18
00:26
00:27
00:28
00:28
00:29
00:31
00:49भले ही महुआ देशी शराब बनाने के नाम से जाना जाता है लेकिन इसके औस्धिये महत्व भी हैं
00:57महुआ उन लोगों के लिए बहुत अच्छा एक आयमूलग गतीवी थी है
01:00महुआ का संग्रहन करना वो अपने घरेलू उपयोग के लिए इस चीज का उपयोग कर रहे हैं
01:05और इससे उनकी आजीवका को भी लाग प्राप्त होता है ये उनके दैनिक जीवको पारजन से जुड़ा हुआ चीज है
01:13हलांकि कोरबा जैसे जीलों में महुआ शंग्रहन बड़ी चुनावती भी है
01:18दरसल इस छेतर में जंगली जानवरों खासकर हाथियों का अनजाना लगा रहता है
01:24ऐसे में जिस छेतर में हाथियों की मूवेंट होती है वहाँ वन विभाग मौनिटरिंग कर ग्रामिनों को अलट कर देता
01:32है
01:56कोर्बा जीले के दोनों वन मंडल में लगभग 75,000 परिवार महुआ संग्रहन का काम करते हैं
02:03इनके लिए ये महुआ पीले सोने से कम नहीं है इसके संग्रहन से उन्हें अतिरिक्त आय होती है
02:10इसलिए वन विभाग का भीष में सहयोग मिल रहा है
02:14राजकुमार्शा, ETV भारत, कोर्बा
Comments

Recommended