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पश्चिम बंगाल के मालदा में जजों के घेराव मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच NIA को सौंप दी है और राज्य पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
1 अप्रैल को वोटर लिस्ट (SIR) विवाद के बीच 7 न्यायिक अधिकारियों, जिनमें 3 महिला जज शामिल थीं, को घंटों तक घेरकर रखा गया था। इस घटना ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत आदेश देते हुए कहा कि सभी FIR अब NIA को ट्रांसफर की जाएं और जरूरत पड़ने पर नई FIR भी दर्ज की जा सकती है।
साथ ही, Chief Secretary और DGP को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही पर भी कड़ी टिप्पणी की।

इस वीडियो में जानिए पूरा मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियां और क्यों यह मामला इतना गंभीर है।

The Supreme Court has taken strict action in the Malda (West Bengal) judges gherao case by handing over the investigation to the NIA. The Court raised serious concerns over the role of the state police.
On April 1, during the voter list (SIR) revision protests, 7 judicial officers, including 3 women judges, were gheraoed for hours. The incident raised serious questions about the safety of the judiciary.
Invoking Article 142, the Supreme Court directed that all FIRs be transferred to the NIA and allowed the agency to register fresh cases if needed.
The Court also censured the Chief Secretary and DGP for administrative failure.

Watch this video for a complete breakdown of the case, Supreme Court observations, and why this issue is extremely serious.

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~ED.110~HT.408~GR.506~

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Transcript
00:05पस्चिम बंगाल के मालदा में न्यायक अद्कारियों के घिराओ मामले की जाच अब एनाईय करेगी।
00:11सुप्रियम कोट का आज सबसे बड़ा आदे सीधा, सक्त और बेहत आसाधारना।
00:17नमस्कार महुश्वें गौड आप देख रहे हैं One India।
00:20आज देश की सबसे बड़ी अदालत में साफ कर दिया है, जहां राज पुलिस पर ही सवाल उठें, बहां जाच
00:27अब राज के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती।
00:30सुप्रिम कोड ने अनुच्छिद 142 का इस्तिमाल करते हुए मालदा कांट से जुड़ी सभी FIR, NIA को सौपने का आदेश
00:38दिया है।
00:39और कहा है कि NIA जरूरत पड़े तो नई FIR भी दर्ज कर सकती। यानि अब इस पूरे मामले की
00:45जाच सीधे केंदर की एजनसी करेगे।
00:48और सुप्रिम कोड खोद इसकी मॉनिट्रिंग करेगा। अब सवाल आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुप्रिम कोड को इतना सक्त कदम
00:56उठाना पड़ा।
00:57तारीख एक अपर है। जगह पस्चीम बंगाल का मालदा जिला। बोटलिस रिवीजन यानि की SIR की पिर्केरिया चल रही थी।
01:06कुछ लोगों के नाम सूची से हटाए गए और इसके ब्रोद में भीर सटकों पर उतराए। लेकिन ब्रोद जल्दी उग्रों
01:12गया।
01:13बीर ने साथ न्याइक अधकारियों को जिन में तीन महला जज़ भी सामिलती घंटों तक घेर कर रखा। उन्हें डूटी
01:21करने से रोका गया, डराया गया, दवाव बनाया गया, यहां तक की एक महला जज़ का रोते हुए बीडियो सामने
01:29आया है।
01:30यही वो पल्दा जहां यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्ता का नहीं बलकि नया पालिका की सुरक्षा का मुद्धा ही बन
01:37गया।
02:00डीजीपी से संपर्क करने कोशिस को, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
02:06इस पर ज़स्टिस जॉए मालला वाक्षी ने तंज कसा, थोड़ा अपनी सुरक्षा कम कीजिए ताकि चीफ ज़स्टिस आप तक पहुँश
02:13सका।
02:13सुप्रम कोट ने ये भी कहा कि आपकी और पुलिस की बिफलता की वज़े से नयाएक अधकारियों को ये काम
02:20करना पड़ा है।
02:21और वो यही निरुके। कोट ने साप कहा कि जिस तरह अधकारियों को पैमपर किया जा रहा है ये चंता
02:27जनक।
02:28यहां तक कि चीफ सेकरेटरी को निर्देश दिया गया कि वो हाई कोट के चीफ ज़स्टिस से माफी मांगे।
02:34यानि सिर्फ जाँच नहीं पूरे प्रिसाशनिक सिस्टम पर सवाल खड़े किये गए।
02:41इस मामले में अब तक 12 FIR दर्ज 24 लोग की गरफतारी हो चुकी है, 300 से ज्यादा संदिक भूमका
02:49और सेक्ड़ो कॉल रिकार्ट खंगारे जा रहे हैं।
02:52कोट ने कहा ये गटना प्री प्लांट और डीपली इंस्टीगेटेड है।
02:58कि ये अचानक भीड नहीं बलकि एक सोची समझी साजिस का हिस्सा हो सकती है।
03:04और यही वज़े है कि सुप्रीम कोट ने साफ कहा कि इस मामले को लोजिकल एंड तक ले जाया जाएगा।
03:10तौज का संदेश बिलकुश साफ है कि न्याय पालिका की सुरक्षा से कोई समझोता नहीं।
03:16परशासनिक लापरबाई बरदास्त नहीं की जाएगी और जरुवत पड़ी तो सुप्रीम कोट खुद कमान समालेगा।
03:22मालदा की ये घटना सिर्फ एक राज का मामला नहीं। ये देश के लोकतंत की उस बुनियाद को चूती है
03:28जहां न्याय देने वाले ही अगर असुरक्षित हों तो सवाल सिर्फ कानून का नहीं पूरे सिस्टम का हो जाता है।
03:36आप पूरे प्रिक्राण को कैसे देखते हैं कमेंट जरू करें धन्वाद नमस्कार।
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