00:05पस्चिम बंगाल के मालदा में न्यायक अद्कारियों के घिराओ मामले की जाच अब एनाईय करेगी।
00:11सुप्रियम कोट का आज सबसे बड़ा आदे सीधा, सक्त और बेहत आसाधारना।
00:17नमस्कार महुश्वें गौड आप देख रहे हैं One India।
00:20आज देश की सबसे बड़ी अदालत में साफ कर दिया है, जहां राज पुलिस पर ही सवाल उठें, बहां जाच
00:27अब राज के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती।
00:30सुप्रिम कोड ने अनुच्छिद 142 का इस्तिमाल करते हुए मालदा कांट से जुड़ी सभी FIR, NIA को सौपने का आदेश
00:38दिया है।
00:39और कहा है कि NIA जरूरत पड़े तो नई FIR भी दर्ज कर सकती। यानि अब इस पूरे मामले की
00:45जाच सीधे केंदर की एजनसी करेगे।
00:48और सुप्रिम कोड खोद इसकी मॉनिट्रिंग करेगा। अब सवाल आखिर ऐसा क्या हुआ कि सुप्रिम कोड को इतना सक्त कदम
00:56उठाना पड़ा।
00:57तारीख एक अपर है। जगह पस्चीम बंगाल का मालदा जिला। बोटलिस रिवीजन यानि की SIR की पिर्केरिया चल रही थी।
01:06कुछ लोगों के नाम सूची से हटाए गए और इसके ब्रोद में भीर सटकों पर उतराए। लेकिन ब्रोद जल्दी उग्रों
01:12गया।
01:13बीर ने साथ न्याइक अधकारियों को जिन में तीन महला जज़ भी सामिलती घंटों तक घेर कर रखा। उन्हें डूटी
01:21करने से रोका गया, डराया गया, दवाव बनाया गया, यहां तक की एक महला जज़ का रोते हुए बीडियो सामने
01:29आया है।
01:30यही वो पल्दा जहां यह मामला सिर्फ कानून व्यवस्ता का नहीं बलकि नया पालिका की सुरक्षा का मुद्धा ही बन
01:37गया।
02:00डीजीपी से संपर्क करने कोशिस को, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
02:06इस पर ज़स्टिस जॉए मालला वाक्षी ने तंज कसा, थोड़ा अपनी सुरक्षा कम कीजिए ताकि चीफ ज़स्टिस आप तक पहुँश
02:13सका।
02:13सुप्रम कोट ने ये भी कहा कि आपकी और पुलिस की बिफलता की वज़े से नयाएक अधकारियों को ये काम
02:20करना पड़ा है।
02:21और वो यही निरुके। कोट ने साप कहा कि जिस तरह अधकारियों को पैमपर किया जा रहा है ये चंता
02:27जनक।
02:28यहां तक कि चीफ सेकरेटरी को निर्देश दिया गया कि वो हाई कोट के चीफ ज़स्टिस से माफी मांगे।
02:34यानि सिर्फ जाँच नहीं पूरे प्रिसाशनिक सिस्टम पर सवाल खड़े किये गए।
02:41इस मामले में अब तक 12 FIR दर्ज 24 लोग की गरफतारी हो चुकी है, 300 से ज्यादा संदिक भूमका
02:49और सेक्ड़ो कॉल रिकार्ट खंगारे जा रहे हैं।
02:52कोट ने कहा ये गटना प्री प्लांट और डीपली इंस्टीगेटेड है।
02:58कि ये अचानक भीड नहीं बलकि एक सोची समझी साजिस का हिस्सा हो सकती है।
03:04और यही वज़े है कि सुप्रीम कोट ने साफ कहा कि इस मामले को लोजिकल एंड तक ले जाया जाएगा।
03:10तौज का संदेश बिलकुश साफ है कि न्याय पालिका की सुरक्षा से कोई समझोता नहीं।
03:16परशासनिक लापरबाई बरदास्त नहीं की जाएगी और जरुवत पड़ी तो सुप्रीम कोट खुद कमान समालेगा।
03:22मालदा की ये घटना सिर्फ एक राज का मामला नहीं। ये देश के लोकतंत की उस बुनियाद को चूती है
03:28जहां न्याय देने वाले ही अगर असुरक्षित हों तो सवाल सिर्फ कानून का नहीं पूरे सिस्टम का हो जाता है।
03:36आप पूरे प्रिक्राण को कैसे देखते हैं कमेंट जरू करें धन्वाद नमस्कार।
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