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इजरायल ने कब और कैसे दुनिया से छुप कर बनाया परमाणु बम? देखें क्राइम कहानियां
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00:00आप नवस्कार गुड़ीवनिंग सर्शेकार एक बार फिर आप तमाम लोगा स्वागत है क्राइम कहानिया विद शंस
00:0428 तरवरी को जब अमेरिका और इसराइल ने इरान पर हमला किया
00:08उस दिन से लेकर आज तक लगातार बार बार अमेरिका एक ही दोहाई दे रहा है
00:12और उससे पहले इसराइल भी यह कहता रहा है और वो यह केरान न्यूकलियर बंब बनाने जा रहा था
00:18उसके पास इतना यूरेनियम था उतना इंरिच्मेंट कर चुका था
00:23कि उससे आराम से कई प्रमानु हत्यार बना सकता था
00:27तो उसे रोकने के लिए यह हमला किया गिया और हमला जरूरी था
00:33अब यहाँ एक सवाल है कि इस दुनिया में कुल नौ ऐसे देश हैं जिनके पास न्यूकलियर बेपन है
00:38यानि प्रमानु हत्यार है
00:40एक सो पंचानवे, 195 कंट्री हैं इस पूरी दुनिया में
00:44आठ अरब की आबादी है
00:45और सिर्फ नौ देश हैं जिनके पास न्यूकलियर बेपन है
00:50या प्रमानु पर संपन्य देश है
00:53उनमें से एक है रूस, एक है अमरिका, एक है फ्रांस, एक है ब्रिटन, एक है पाकिस्तान, एक है भारत,
01:00एक है नौर्थ कोरिया
01:03और एक नाम है इस्राइल
01:06पर क्या आपको मालूम है कि नौ में से आठ देशों के बारे में तो एहलानिया है
01:10कि इन सभी के पास नुकलियर विपन है नुकलियर है इन्होंने कब कब नुकलियर टेस्ट किया ये दुनिया भी पूरी
01:18दुनिया को इसकी जानका लिए
01:20इन नौ में से एकल होता है इसराइल ऐसा देश है जिसने आज तक इस बात की कन्फरमिशन नहीं की
01:27कि उसके पास नुकलियर विपन है और नहीं इस बात से इंकार किया कि उसके पास नहीं है यानि उसने
01:35न ना कहा नहा आज तक इसराइल नहीं मानता कि उसके पास प्रमानू बम है या वो प्रमानू संपन्य देश
01:42है लेकिन जब पूछा जाता है तो वो सीधा कहता है कि मैं ना
01:47हाँ भी कहूँगा और मैं हाँ भी कहूँगा मैं तब कुछ नहीं कहूँगा तो नौवे से एकलोता देश इसराइल जिसने
01:55कभी नहीं माला कि उसके पास प्रमानुसंपन देश है लेकिन दुनिया भर की जो खुफिय अजनसिया और सारी रिपोर्ट और
02:01यह अब तो ओपन है
02:03कि इस वक्त इसराइल के पास 90 to 200, 90 से लेकर 200 nuclear wars या nuclear weapon है ऐसी
02:13क्या बात है कि इसराइल नहीं कहता कि मेरे पास nuclear weapon है जो जो nuclear संपन देश हैं वो
02:20तो बड़े गर्फ सफक्र से कहते हैं कि हाँ भै क्यों क्योंकि उसके आड़ोसी पोड़ोसी डरेंगे कि भाई के पास
02:26परमानु
02:27क्यों पंगा लेना तो होते वे इसराइल क्यों इंकार कर रहा और बाकी क्या आठ देशों ने कभी इंकार क्यों
02:33नहीं किया था है वो भारत हो पाकिस्तान हो रूस हो ब्रेटन हो फ्रांस हो चीन हो अमरिका हो कभी
02:42नहीं कार किया सभी कहते हैं और इन सभी ने कब कब टेस्�
02:49आप बन कमरे में कर दोगे जब टेस्ट करते हैं तो एक भूकम साहता उस पूरे एरिया इसकी ताकत इतनी
02:55होती है तो इसराइल ने ऐसा क्यों किया और उससे भी बड़ा सवाल है कि जिस एरान पर अमेरिका हमले
03:04कर रहा है यह कहकर कि एरान तुम नियुकलियर विपन नहीं बन
03:19का और इसराइल को नियुकलियर बंब बनाने में किस ने मदद की तो पेश है पूरी कहानी
03:281948 पे जब इसराइल का जन्म हुआ उसके जन्म की पूरी कहानी आपको सुना चुका तब मिस्टर गुरियन इसराइल के
03:37पहले
03:37प्राइमिनिस्टर थे उन्हें पता था कि हम मारब देशों से घिरे हुए हैं और जिस तरीके से इसराइल बना उसको
03:42लेके आगे भी लड़ाई जगडा चलता रहेगा
03:44तो 48 वो दोर था जब पहली बार अमेरिका ने न्यूकलर टेस्ट किया था मैन्हेटन प्रोजेक्ट के दह्त और कुछ
03:54साल पहले फिल्म आयती ओपन हाइमर जो इस प्रोजेक्ट के चीफ थे जिनके दिमाग के उपच थी वो आइटम बम
04:0148 में बना और फिर कुछ वक्त के बाद ही सेकंड वल वार के दोरान जापान के हिरोशीमा और नागासाकी
04:08पर अमरिका ने टेस्ट के लिए उन दोनों बमों को गिरा दिया लाखों लोग मारे गए यह सब आप हम
04:12सब जामते हैं
04:15ओपन हाइमर एक जूथ है एक यहूदी एक और साइंटिस्ट जिन्होंने इस फिजिक्स पर और यह सारी चीजों पर काफी
04:25कान किया आइंस्टीन या आइंस्टाइन का है वो भी जूथ है यहूदी
04:32इन दोनों के साथ-साथ एक और साइंटिस्ट है जिन्होंने हैड्रोजन बंबनाया
04:37एडविट टेलर ये भी यहूदी थे
04:43त्वाइंस्टींग, ओपन हैमर और टेलर
04:47ये तीन बड़े नाम जो नुकलियर वेपन बनाने में जिनका दिमाग काम कर सकता है
04:54और तीनों यहूदी, इसराहिल के पहले प्लाइमिनिस्टर को लगा कि हम अरब देशों से घिरे हैं
05:01अगर हमें बचे रहना है तो अगर हमारे पास भी नुकलियर बम आ जाए तो फिर अडोस पडोस के लोग
05:05डरेंगे
05:06और यह तीनों यहूदी हैं तो मुदद तो करेंगे
05:08तो पहले आइंस्टीन से बात की गए, आइंस्टीन ने मना कर दिया
05:12कि हम इस दुनिया को खत्म करने वाले हत्यार को बनाने है
05:16उसके बारे में रास देर में मेरी कोई दिल्चस्प भी नहीं
05:19उपन हैवर ने जब बनाया मैन हैटन से उसके बाद उनका विबात था अमेरिका से
05:22और फिर उन्हें खुद लगा कि उन्होंने एक ऐसा सामान बना दिया है
05:26जो सिर्फ तबाही ही पहला सकती है
05:28उन्होंने भी इसराइल की मुदद करने से इंकार कर दिया
05:31तीसरे बजए एडविड टेलर जिन्होंने हैडोजन मुदद कर बनाया
05:38तो इसराइल ने उन्हों से बात की
05:40उन्होंने थोड़ी बहुत जानकारी दी लेकिन बहुत मदद नहीं की
05:45लेकिन गुरियन जो पहले प्रामिस्टर थे इसराइल के उनकी जित थी
05:48की इसराइल को न्यूकलियर संपन्य देश होना चाहिए
05:51अब वो लगे रहे
05:54दीरे दीरे इस पर काम शुरू हो गया
05:57लेकिन अब उसके लिए जो जरूरी मेटेरियल है
05:59यूरेनियम, प्लुटेनियम और बाकी भी सारी चीज़ें कहां से लाए
06:05इतफाक से
06:08जब हम
06:09अबरिका प्रमानू प्ररिक्षन कर रहा था
06:11तब इसराइल के कुछ सैंटिस्ट भी
06:14उस मैने अटन प्रोजेक्ट के आजपास
06:16मौजूग थे थोड़ी बहुत जानकारी थे लेकिन यतनी नहीं
06:18कि वो अपने बलबूते पर बना दे
06:21गुरियन लगे रहे
06:231952 में पहली बार
06:24इसराइल में जानी इसराइल के गठन के
06:26चार साल के बार इसराइल
06:28अटमिक इनर्जी कमिशन
06:30इस्टैब्लिश हुआ
06:32और इसके तह तब यह था
06:34कि हम इनर्जी और देश के विकास के लिए
06:36काम करेंगे
06:38लेकिन मकसद कुछ और था
06:39और वो था प्रमाणूबं बनाना
06:42गुरियन लगे रहे
06:43लोगों से बाचीद होती रही
06:45और तभी फ्रांस अचानक
06:47इसराइल के लिए एक तरह से देवता
06:50बनकर सामने आया
06:51उसने इसराइल से कहा कि हम तुम्हारी
07:03गुप्त संजोता हुआ
07:06इसराइल काम पर लग गया
07:10नेगेवा रेगिस्तान है
07:12इसराइल में
07:13जो डिमोना शहर के बहत करीब है
07:17फ्रांस के कहने पर ही
07:18पहली बार इसराइल ने इसी
07:20नेगेवा रेगिस्तान में
07:21तो कि आउटिस कर्ट पर है
07:23डिमोन शहर के, वहाँ अपना पहला नियूक्लियर रियक्टर प्लान बनाने का काम शुरूर किया, अब फ्रांस दे रहा था, इस
07:32दोरान में ब्रिटन से भी बात हुई, ब्रिटन से कुछ चोरी छुपने मिल जाए, इस दोरान में इसराइल की खुफे
07:37अजनसी और बाकी लो�
07:52में अचानक अमेरिकी जासूसी विमान इसराइल की उपर से उड़ा और उसने देखा कि डिमोना में कुछ हल चल है,
08:04फिर कुछ तस्वीरे ली गई, उन तस्वीरों से पता चला कि यह तो कोई अटोमिक रियक्टर सेंटर टाइप की चीज़
08:10है, उस वक्त प्रेसिडन थे ज
08:14जॉन एक केनेडी को यह बात बताई गई, जॉन एक केनेडी, परेशान, क्योंकि इसराइल अगर बंब बना ले उसको उनकी
08:21सोच यह थी, कि अगर इसराइल बंब बनाता है तो फिर पूरे अरब के देशों में, मिडिल इस्ट के देशों
08:27में, नुकलियर बॉम को लेकर हो�
08:32करने में जुड जाएगा, साओधी अरब से लेकर बाकी जतने देश और इरान, इराक तो हई है, तो मिडिल इस्ट
08:42पूरा नुकलियर होड में न लग जाए, इसलिए जाओन एक केनेडी ने यह तै कि इसराइल को नुकलियर बंब बनाने
08:50से रोपना होगा, अब उनने इसरा
09:02पड़े के कारखाने है, खात के कुछ रिसर्च सेंटर है, और कुछ एग्रिकल्चर से रिलेटेड हमारा रिसर्च सेंटर है, केनेडी
09:13को यकीन नहीं हुआ, C.I.E. ने फिर अपनी जाँच की, C.I.E. ने कहा कि ने, इसराइल
09:17कुछ कर रहा है कर पढ़ा, तब तक ये भी ख
09:32तुम कह रहे हो कि तुम प्रमाणूबं नहीं बना रहे हो, लेकिन डिमोना नियोकलर साइट के बारे में हमारी रिपोर्ट
09:37अलगा, तो एक काम करो, अटोमिक के एक्सपर्स जाएंगे डिमोना में, और इंस्पेक्शन करेंगे, निलिक्षन करेंगे, जांच करेंगे, और �
09:48पर उनकी रिपोर्ट से बता कर जाएगा कि सच क्या और जूट क्या है, इस्राइल के पीम और इस्राइल की
09:54पूरी एजनसियां सारी घबरा गए, उनने का वो लोग आएंगे तो बेट खुल जाएगा, तो फिर यह हुआ कि ठीक
10:01है, इस्राइल समझोते पर तयार हुआ पर �
10:03उसने का कि नहीं, बाकी कि किसी और देश की को एजनसी नहीं आएगी, सिर्फ हम अमेरिका को इजाज़त देते
10:08हैं, आप केनेडी साथ अपने एक्सपर्ट को भेज दीए, जांच कर लिए, तसली कर लिए, केनेडी ने का ठीक है,
10:15अब इसके बाद अमेरिका की एक एक एक्स
10:18पर स्टीम, डिमोना पहुंचती है, इधर इसराइल हुश्यार, उसे पता था, ये लोग आ रहे हैं, उसने पहले ही डिमोना
10:25न्यूक्लियर साइप से सारी चीज़ें वो हटा लिए, जिससे ये पता चल सके कि यहां पर न्यूक्लियर बॉम बनाने का
10:30काम चल रहा है, और वह
10:45को डाउट था, कुछ गरबर है, यहां से कुछ हटाई देगे, CIA की रिपोर्ट अलगते, उन्होंने जाकर रिपोर्ट दी, कैनेडी
10:52भलग गया, उन्होंने इसराइल से सीधे-सीधे धंकी दी, कि तुम जूट बोल रहे हो, तुमने गलत चीज़ें दिखाई है,
10:59सच्चाई
11:09किया डिमोना की, अब इसराइल को लगा की दूसरी बार आएंगे, तो जो जो इन्होंने सवाल उठाये, चाहे वो टेंप्लरी
11:16कंस्रक्शन की, चाहे वो गलियारी की फेट, चाहे वो जो उन्होंने पैनल बनाया उसकी, तो शाहिद बेद खुल जाएगा, क्योंकि
11:23उन जग
11:37नमबर 1963, 22nd नमबर 1963, 63 के, बलके 62 से ही ये सलसला चला रहा था कैनेडी का, और 63
11:45में भी कि इसराइल एटमिक बम न बना पाए, इंस्पेक्शन टीम हो रही है, और दबाओ डाला जा रहा है
11:52कि फिर से टीम जाएगी, अब इससे पहले कि ये दबाओ काम करता और कैनेडी दु
12:07पर गोलियां चलती है, कैनेडी का कतल हो जाता है, कैनेडी के कतले के लजाम में कातिल को पकड़ा जाता
12:14है, दो दिन बाद उसकी भी मौत हो जाती है, कोई उसको भी गोली मार देता है, पिर जिसने उसको
12:18गोली मारी बाद में, उसकी भी रहसे में अंदास में मौत हो जाती ह
12:34जोसली कातिल हैं वो तो सिर्फ चेहरा थे उसके पीछे कौन था
12:39और यह उस वक्त हुआ जब जाओन इफ केनेडी इसराइल को प्रमानू बम बनाने से रोकने की कोशिश कर रहे
12:45था
12:47कई रिपोर्ट्स में ही आई कि काम मुसाथ का था
12:52जोके एजराईल इस बात पर चिड़ा हुआ था कि अगर हम नूकलीर बना रहे हैं तो अमेरिका क्यों हमारे पीछे
12:57पड़ावा और क्यों बार बार वो जाँत करने की बात करा
12:59क्यों inspection करना चाहता है
13:01खुद तो वो nuclear bomb रखे वा हमारे को अगर है
13:04हम अरब देशों से गहरे वे हैं
13:07तो problem क्या है
13:09तो कहते हैं एक report यह है
13:11कि इसी वज़ा से मौसाथ के जरीए
13:13Kennedy को डिप्टा दिया लिया
13:15हालक इसका कोई सबूत आज तक
13:17दुनिया के किसी वे एजनसी में नहीं दिया
13:19कि Kennedy की मौत के पीछे
13:21मौसाथ का हाथ है लेकिन कहानिया
13:22कहती है कि इसी
13:25bomb को बनाने से रोकने के लिए
13:28शायद
13:28Kennedy की जान नहीं गए
13:31अब Kennedy की मौत हो गए उसके बाद
13:32अमरिका के नहीं president बने रिचर्ड निक्सन
13:35निक्सन आए
13:37उनके
13:38पहले के president लगातार
13:40इस्राइल के बारे में उने पता ही था
13:43तो अब निक्सन ने भी
13:44इस्राइल से बात चीत की
13:46तब तक इस्राइल में भी
13:48प्राइमिस्टर चेंज हो चुकी थे और गोल्ड अमीर
13:50वहां के PM थे
13:52अब ये था किया किया जाए
13:53लेकिन अजीब बात हो गई एक
13:55जैसे ही केनेडी की मौत ही और उनकी जगा पर
13:57निक्सन अमेरिका के president बने
14:00इस्राइल पर ये दबाव ही डालना
14:01बंद कर दिया गया कि तुम
14:03nuclear bomb बना रहे हो और तुम अपने
14:05plant का inspection कराओ
14:07बलके कहते
14:09ये हैं कि
14:111959 में
14:13एक समझाता हुआ एक गुप्त समझाता
14:15रिचर्ड निक्सन और
14:17गोल्डा मीर इस्राइल के PM के
14:19बीच और समझाता ये था
14:21कि इस्राइल
14:23कभी भी
14:25अपने nuclear weapon या
14:27परमानू हत्यारों का परिक्षन नहीं
14:29करेगा और अगर कर लिया
14:31तो दुनिया को नहीं बताएगा
14:33कमाल का ये देखे समझाता
14:34कि एक तो ये कि तुम परमानू पर
14:37हत्यारों का परिक्षन नहीं करोगे
14:38nuclear test नहीं करोगे
14:40और कर लिया तो कभी उसको
14:43publicly नहीं declare करोगे
14:45कि तुमने nuclear test कर लिया
14:49जो शुरुवात में कहानी थी
14:50कि इजराई एकलोता देश है
14:51नो में से जो आज तक नहीं मानता है
14:53कि उसके पास nuclear weapon है
14:57मानता भी नहीं है
14:58और इंकार भी नहीं करता है
15:01तो ये दोनों चीज़े हैं
15:02अब 1959 की समझाते को ध्यान से सुनिया
15:05कि समझाता ये था कि
15:07अगर तुमने टेस्ट कर भी लिया
15:08तो कभी publicly accept नहीं करोगे
15:10नहीं मानूगे कि तुमने किया है
15:12और बदले में
15:14अमेरिका ने ये समझाता किया
15:16कि अब हम तुमारे
15:18डिमोना न्यूक्लियर साइट की
15:20इंस्पिक्शन की जित छोड़ देंगे
15:22और साथी
15:24NPT यानि
15:25प्रवाणू अपरसार संधी जो होती है
15:28हम उसके लिए भी दबावने डालेंगे
15:30कि तुम समझाता करो
15:31अगर NPT साइन हो जाता है प्रवाणू अपरसार संधी
15:34तो उसका मतलब ये होता है कि फिर जो
15:36एजनसी है
15:36अटोमिक रिसर्च एजनसी
15:39उनके पास पावर है कि वो जाकर आपके हाँ
15:41तराशी ले आपके इंस्पेक्शन करें
15:43लेकिन आपने समझाता किया ही नहीं
15:45आपने एलान किया ही नहीं
15:46कि आपने इक्लियर संपंदेश हैं
15:48तो फिर आपके आँ जाने का को मतलब नहीं
15:49तो दो फाइदे हुए इस समझाते से इसराइल को
15:52पहला कि टेस्ट कर लो
15:54बताओ मत
15:56दूसरा कि तुम
15:58को हम इस
16:00NPT पर साइन भी
16:03करने के लिए नहीं कहेंगे
16:04और ना तुम्हारे इंस्पेक्शन करेंगे तो फिर
16:18कि 400 किलो यॉरेनियम है
16:1960% शुद्ध हो चुका है
16:21इतना बंब बन जाएगा
16:2280% इतना बन जाएगा
16:241959 के समझोते के बाद कभी किसी ने इसराइल से
16:28पूछाई ही ने कि तुम्हारे पास कितना यॉरेनियम है
16:30कितना शुद्ध करने के लिए
16:31कितना बिजली बनाने और मेडिकल के लिए जरूरी है
16:33और कितना बंब बनाने के लिए जरूरी है
16:35अब इसराइल एकढ़ में
16:39खुलाखेल था
16:40प्रांस की मदद थी
16:41ब्रिटन की मदद थी
16:42मुसाद ने और या थी देशों से
16:44नूकलियर के राद चुरा है
16:45काम चलता रहा और उसके बाद दुनिया में आज भी ये कर्फम नहीं है कि इसराइल पहली बार कब न्यूक्लियर
16:55संपन्देश बना लेकिन कहते हैं जो ज़्यादा तर एक्सपर्ट्स हैं आटेमिक के उनकी रिपोर्ट है वर्ल्ड वाइट
17:021979 में दक्षन हिंद महासागर में एक जबर्दस्त परमानु विस्पोर्ट हुआ था 1979 में कहते हैं कि ये परमानु विस्पोर्ट
17:14जो दक्षन हिंद महासागर में हुआ तमाम देशों के लिए चोकाने वाला था क्या हुआ
17:18असल में ये पर्मानोंगी स्पोर्ट इस्राइल का पहला पर्मानों परीच्छा था
17:24दोस्तें 1979 में क्या
17:26यानि इस्राइल 1979 में एक नुक्लियर संपन देश बन चुका था
17:34लेकिन उस 1959 के निक्सन के साथ हुए समझोते के तहट
17:39आज भी 2026 में इस्राइल ये पुब्लिक ली कभी नहीं कहता कि हमारे पास नुक्लियर विपन है
17:45और कभी इंकार भी नहीं करता कि हमारे पास नहीं है
17:49तो 1979 जानी 2126 47 साल हो गए इस्राइल को पर्मानों संपन देश बने हो
18:00तो यहीं बज़ा है कि कभी इस्राइल एकसेप नहीं करता
18:03खेर कहानी का एक पहलू ये था
18:06पर 1979 में किया इस्राइल के पास यतने पर्मानों बम है
18:10बहुत सारे लोग कह सकते हैं ये सब जूटा है
18:12हलाकि इस्राइल खुद खंडर नहीं करता कमाल के बाद ये है
18:18लेकिन इस्राइल का ये पर्मानों प्रोग्राम शायद हमेशा के लिए एक राज रहता
18:241986 में पहली बार दुनिया को यकीन हो गया
18:28कि इस्राइल के पास पर्मानों बम है
18:30और उसकी वज़ा ये थी
18:33कि जो डिमोना न्यूक्लियर साइट है
18:35उस साइट पर कांद करने वाला एक टेक्निशन
18:40मौर्दचेई वुनूनू
18:42मौर्दचेई वुनूनू
18:43इसकी पूरी कहानी मैंने शायद पहले आपको सुना रखे
18:46उसके मैं उसके डिटेल में नहीं जाओंगा
18:49मौर्दचेई वुनूनू असल में
18:51एक टेक्निशन था
18:53इसराइल की उसी न्यूक्लियर साइट पर
18:56उसने कई साल काम किये
18:58जहां पर प्रमानू बंब बनाया जा रहा था
19:00और फिर काम करने के बाद
19:021985 में इसने नौक्री छोड़ दी
19:05पर नौक्री छोड़ने से पहले
19:07योसी न्यूक्लियर साइट की
19:09करीब 57 टोटल 57
19:11तस्वीरें अपने साथ
19:13चोड़ी छूपे खीच कर लेगे
19:16डिबोना न्यूक्लियर साइट की
19:18अब वनोनों ये तस्वीर लेकर
19:20निकल गया कुछ दिन के बाद
19:21वो औस्टेलिया पहुंचा
19:23सिड्नी मेरा वाँ नौक्री की
19:25फिर एक दोस्ट से उसने शेयर किया
19:26कि वो ऐसे से इसराइल के न्यूक्लियर प्लान
19:29में काम करता था उसके पास कुछ तस्वीर है
19:31और उसे पैसे की जरुवत थे
19:33दोस्ट ने का तो मारे पास तो एकदम
19:35बिस्फोटक न्यूस है
19:36तुम किसी भी मेडिया हाउस को दोगे
19:38बहुत पैसे नहींगे तुमें
19:40तो फिर संडे टाइम्स
19:42लंदन उसके साथ बाद बनी
19:45बनूने वो सारी
19:4756 तस्वीरे दी
19:48अटमिक और परमानू के एक्सपर्स
19:50ने पहले उन तस्वीरों को देखा
19:52और फिर कहा कि हाँ
19:53ये डिमोना नियूकलिर साइट की तस्वीर
19:56और इस तस्वीर से ये
19:57साबित किया जा सकता है
19:59कि इसराइल परमानू बंबना चुका है
20:02उसके बाद वो रिपोर्ट छपी
20:03पूरी दुनिया में हंगावा हुआ
20:05और पहली बार दुनिया के देशों को यकीन हुआ
20:08कि इसराइल परमानू संपर्स ने देश और बना चुका है
20:11हलाकि इस खुलासे के बाद
20:12बंबनू का नाम सामने आ गया
20:14पिर मोसाथ की एक लड़की जासूस पहुंसती है
20:17लंदन उसको अपने प्यार के जाल में फாस दिये
20:19पिर उसे अपने साथ महां से निकाल कर
20:20इट्ली ले जाती क्योंकि
20:22लंदन वन उसको गिरफता या पकड़ सकती नहीं थी
20:24इटली ले जाने के बाद उसे बेहोश करती है फिर एक स्पीड बोर्ट से उसे इटली से इस्राइल ले जाए
20:31जाता है
20:31इस्राइल में उसके उपर जासूसी और देश्ट्रों का मुकदमा चलता है अठारा साल की सजा सुनाए जाती है
20:3718 साल की सदा कारने के बाद 2004 में वनूनू रहा भी हो जाता है
20:41लेकिन इसराइल उस पर अभी भी कड़ी निगरानी लगता है
20:45इसराइल छोड़ कर किसी और देश में जाने की उसको इजाज़त नहीं है
20:49तो अभी वो वहीं है बट ना मेडिया में सकती है ना वो बाते कर सकता है
20:53लेकिन वो वनूनू था जिसने इस दुनिया में पहली बार बताया
21:00सबूत और एविडेंस के साथ कि इसराइल एक प्रमानु संपन्देश है
21:05तो इसी डिमोना नुकलियर साइट पर अभी 28 फ्रवरी से जन्द शुरू हूँ
21:11इरान ने कुछ में जाइड आगी और कहते हैं कि इस डिमोना नुकलियर साइट को बहुत नुकसान पहुंचा है
21:20तो अब वापस फिर उसी सवाल पर आते हैं
21:23कि अगर जौन एफ केनेडी को यह लगता था कि इसराइल प्रमानु बम बना लेगा तो पूरे मिडल इस्ट या
21:29अरप के देशों में हरकम मत जाएगा और होड मत जाएगी
21:32तो फिर सवाल यह है कि केनेडी के बाद निकसन ने कैसे यह समझाता किया
21:36और निकसन ने कैसे छूट दे दी इसराइल को अटम बम बनाने या प्रमानू बम बनाने में
21:42अब मिडल इस्ट का इकलोता देश इसराइल है जिसके पास प्रमानू बना
21:49तो इसी वजह से इरान भी कोशिश करता है कि हम बनाए
21:53और अब बाकी के भी जो अरब देश हैं
21:55इसलिए वो लगातार को इतना कुछ कहते रहते हैं
21:58तो इसराइल के लिए अलग नियम
22:00अमरीका का
22:01इरान और बाकी देशों के लिए अलग नियम
22:05ये डबल स्टेंडर्ड नहीं तो क्या है
22:08तो ये थी आज की कहाल
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