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  • 2 hours ago
ईरान में कैसे फंसा अमेरिकी वायुसेना अफसर? देखें विशेष

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00:00नवस्कार आज तक देख रहे हैं अब साथ आपके मैं हूँ अर्पितार हैं बड़ी खबर के साथ दुशेश की शुरुआस
00:05करेंगे
00:05इरान के इंफ्रास्ट्रॉक्चर पर इस्ड्राइल हमले कर रहा है
00:09इरान महराबाद बहराम एरपोर्ट पर इरान ने हमला कर दिया है
00:30इफ्रास्ट्रॉक्चर पर इस्डराइल हमले कर रहा है
00:34इरान के अलग-अलग इलाखे जहां पर इस्डराइल की तरफ से हमला हुआ है
00:37आईजेव का दावा है कि इरान के तीन एरपोर्ट पर हमला हुआ है
00:41तो यहाँ एक तरीके से इरान को कमजोर करने की कोशिश इसराइल के है
00:46चाहे वो उनके मिसाइल बनाने की जगे हो वहाँ पर हमले हो रहे हैं
00:50इनके बुन्यादी धाचों को तबा किया जा रहा है
00:52और अपने जा रहा है कि इरान के तीन एरपोर्ट दिन पर टागिट किया गया, जिन पर हमला किया गया,
00:57महराबाद, बहराम एरपोर्ट जिन पर टागिट करके उन्हें ध्वस्त किया गया है
01:02तो एक बड़ा नुखसान यहाँ पर इरान
01:18अब बात उस उपरेशन की जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा है
01:21अमेरिका ने इरान में अपने पाइलट को बचाने के लिए घजब की दुरूर इक्षाक शक्ती का परेचे दिया
01:27और पूरी दुनिया को ये संदेश दिया कि अमेरिका अपनों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता
01:32है
01:32उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कितने कनुकसान हो रहा है
01:36कितने एरक्राफ नश्ट हो रहे हैं, कितने सैनिकों को लगाना पड़ रहा है
01:39उसके लिए अपने सैनिक की जान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है
01:44और अमेरिका ने 36 घंटे तक इरान में फसे रहे अपने पाइलिट को जिन्दा बचाकर पूरी दुनिया को यही संतेश
01:50दिया
01:50इस ओपरेशन की इंसाइट स्टोरी देखिए
02:05अमेरिका ने फिर से असंभव को संभव करके दिखाया
02:13अमेरिका ने गैसे 36 घंटे तक इरान में छिपे रहे अपने पाइलिट को बचाया
02:22कैसे अमेरिका ने अपने एक पाइलिट को बचाने के लिए पूरी जान लगा दे
02:31क्या है अमेरिका के मिशन इंपॉसिबल की असली कहानी
02:46ये कहानी है उस इच्छाशक्ति की जो ये कहती है कि
02:50अमेरिका दुश्मन देश में अपने किसी भी सैनिक को छोड़ नहीं सकता
02:55चाहे कितनी भी खतरनाब और गंभीर परिस्थितियां
02:58अमेरिका अपने सैनिक को बचाने के लिए जरूर आएगा और यही हुआ इरान
03:08अमेरिका ने भले ही अपने एक पाइलिट को इरान के अंदर से जिन्दा बाहर निकाला हूँ
03:13लेकिन इस ऑपरेशन की सभलता का संदेश अमेरिकी दुश्मनों को बहुत दूर दूर तक गया है
03:28इरान में 36 घंटे तक अपनी जान बचाने की जद्धो जहत कर रहा पाइलिट भूरी तरह से घायल बताया जा
03:34रहा है
03:34ये भी बताय जा रहा है कि इस पाइलिट का इलाज कुवेत के एक अस्पताल में चल रहा है
03:39इस पाइलिट के पैर में गंभीर चोट बतायी जा रही है
03:42ट्रम्प कह रहे हैं कि इस पाइलिट ने बहुत ज़ादा बहादूरी का परिचे दिया है
03:47और वो जल्द ही पूरी तरह से सस्थ हो जाएगी
03:56लेकिन ये पाइलिट इरान में कैसे फंसा और उसे इरान से सुरक्षित निकालने में
04:01अमेरिका ने किस तरह का जोखिम भरा ओपरेशन चलाया
04:04अब आपको ये बताते हैं और ये समझने के लिए आपको आज से तीन दिन पहले चलना होगा
04:10तारीख थी तीन अप्रैल, दिन था शुक्रवार
04:17अमेरिकन एर फोर्स का फाइटर जेट F-15E स्ट्राइक इगल इरान के अंदर इस वहान के आसमान में उड़ रहा
04:24था
04:24इस फाइटर जेट में दो लोग थे, एक विमान का पाइलिट और दूसरा वेपन सिस्टम ओफिसर
04:30तभी इस फाइटर जेट पर इरान की तरफ से हमला हो गया, यह हमला जमीन से किया गया था
04:36हमले में विमान नश्ट हो गया तो दोनों को इजेक्ट करना पड़ा
04:40पाइलिट को तो थोड़ी ही देर में बचा लिया गया, लेकिन दूसरा एर्मेन, वेपन सिस्टम ओफिसर इरान में ही फंस
04:46गया
04:46वो पैराशूट से लेंडिंग के दोरान भूरी तरह से खायल हो गया था
04:50पैर पर चोट की वज़े से वो चल नहीं पाया और इरान के अंदर ही फंस कर रह गया
05:00अब जैसे ही ये खबर फैली, तुरन तहरान से लेकर वाशिंटन तक हड़कम मच गया
05:05अमेरिकन पाइलेट के गायब होने की जानकारी तब तक आग की तरह फैल चुपी थी
05:10सोचिए, मौझूदा हालात में अगर ये ऑफिसर इरानी सेना के या वहाँ के लोगों के हाथ लग जाता तो क्या
05:17होता
05:17इरानी सेना के हाथ लगता तो वो जिन्दा तो रहता, लेकिन उसका पकड़ा जाना, यानि अमेरिका और ट्रम्प की बहुत
05:24बड़ी पजी हो
05:25इसी लिए इरान भी तुरंत पूरी तरह से एक्टिव हो गया, इरान की तरफ से इस पाइलेट को पकड़ने पर
05:31नकत इरान की घोशना भी कर दी गई
05:34अमेरिकन एरफोर्स के इस एरमेन को ये बहुत अच्छे से पता था कि इन हालात में सर्वाइव कैसे करना है
05:40ये खत्रा बिलकुल भी नहीं उठाया जा सकता था कि ये एरमेन जिन्दा इरानियों के हाथ लग जाता
05:45इसी लिए वो 36 घंटे से जादा वक्त खुद को बचाता रहा, वो भी बुरी तरह से घायल था
05:53अमेरिका के एरफोर्स कर्मी S.E.R.E. ट्रेंड होते हैं
05:56S.E.R.E. यानि कि सर्वाइवल, जिन्दा रहना, इवेजन, बचना, रेजिस्टेंज, विरोध करना और इसकेप, बच निकलना
06:05इस ओफिसर ने समुदृतल से 7000 फीट उपर स्थित एक पहाड़ी की चोटी तक पहुँचने के लिए दुर्गम भुभाग को
06:13पार किया
06:14वो चारों तरफ से दुश्मनों से घिरा हुआ था, उस तक कभी भी इरानी सेना, IRGC या लोकल लोग पहुँच
06:21सकते थे
06:22इसलिए उसने दो पहाड़ी चट्टानों की दरारों के बीच मगुच कर अपनी जान बचाई
06:27और इस दौरान इस एर्मेन ने अमेरिकी मिलिटरी से संबाद स्थापित किया और अपनी सटीक जानकारी इस एर्मेन के पास
06:34हथियार के नाम पर सिर्फ एक प्रिस्टल थी, एक कम्यूनिकेशन डिवाइस थी जिससे वो बात कर पा रहा था और
06:40एक ट्रैकिंग बीकन था, य
06:55पुरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन खत्रा ये भी था, किस एर्मेन तक कहल कर ये जो कसी ना है,
07:01वो कैसे पहुचे, आया जी सी ये लोकल लोग बहुत सकते हैं, सुरक्षा का खत्रा है, ऐसे में उसको वहां
07:07से सुरक्षित बाहर निकालना एक बहुत बढ़ा जोखिम भरा
07:11काम था.
07:41कोशिश ये थी, कि इरान को कन्फ्यूस किया जाए, C.I.A. ने इरान के अंदर ये घलत जानकारियां प्लांट
07:47की, कि अमेरिकी सेनाओं में इस मिसिंग एर्मेन को लोकेट कर लिया है, और उसे वहां से वापस लेकर जा
07:53रहे हैं, जबकि असल में तब तक ऑपरेशन शुर�
08:37लग जाती, तो फिर इस पाइलेट का बचना नामुम्किन था।
08:39वो वाइट हाउस में ही रहे और एर्मेन के रेस्क्यू के पूरे ऑपरेशन का अपडेट लेते रहें, तुरंत ये तैह
08:45हुआ कि इस एर्मेन को रेस्क्यू किया जाएगा, एक विशाल टीम तयार की गई, रेस्क्यू ऑपरेशन इरान की धरती पर
08:51उतरने को लेकर था, तो
09:08CIE के ओपरेटिव शामिल थे, जिन्होंने असंभव को संभव करके दिखाया, इस बीच अमेरिके मिलिटरी ने कुछ अतरिक्त कदम उठाये,
09:16इलक्ट्रोनिक्स जैम किये, और आसपास के इलाकों की महत्वूर सडकों पर बंबारी शुरू की, ताक इस्थानिय लोग या इ
09:36अफिसर की एग्जेक्ट लोकेशन पता की, और फिर उसे मिलिटरी को शेयर किया, अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज उत पहाडी
09:43पर पहुंची, जहां पर ये अफिसर छिपा हुआ था, अमेरिका के प्लेंस उन रास्तों पर स्ट्राइक कर रहे थे, जहां
09:50से इरा
10:06नहीं की कि उसे कितना एरक्राफ्ट का, हेलिकॉप्टर का या फाइटर जट का नुपसान हो रहा है, तो MC-130
10:13विमान स्पेशल फोर्सेज के करीब सौ जवानों को लेकर इस इलाके में उतरे थे, एक छोटी से एरिस्ट्रिप पर ये
10:19विमान उतर तो गए, लेकिन जब वो इ
10:33अमेरिकन मिलिटरी ने नए प्लेन भेजने का तै किया और अपने खराब हो चुके एरक्राफ्ट को वहीं पर नश्ट कर
10:38दिया, ताकि वो इरानियों के हाथ न लग जाए, इसके लावा अमेरिकी सेनाओं को अपने चार हेलिकॉप्टर्स भी नश्ट करने
10:45पड़े, ताकि �
10:46वो इरान के अंदर अपने सम्विदंशील उपकरणों को ऐसे ही न छोड़ दे, जो दुश्मन के हाथ लग सकते थे,
10:51इस दौरान इरान ने भी अमेरिका को बहुत मुश्किल में डाला, इसकी शुरबात तो शुकुरवार को ही हो गई थी,
10:57जब अमेरिका के F-15 फाइटर ज
11:16के उपर हिट हुआ और क्रैश हुआ, इसका पाइलेट एजेक्ट हो गया था, इस युद्ध में अमेरिका ने अब तक
11:2113 जबानों को खोया है और 300 जबान घायल हुए है, लेकिन अभी तक अमेरिका के किसी भी सैनिक पूर,
11:28इरान ने बंधक नहीं बनाया है, और यही अमेरि
11:42पाइलेट के रिस्क्यू ऑपरेशन बेहद एहम रही, क्या थी वो हाइटेक डिवाइस जिससे ये पाइलेट अपने रिस्क्यू सिगनल फेज पाया,
11:49अगली रिपोर्ट में देखिए
12:15तब इरान पर अमेरिका इसराइल के पारूदी हमलों का कहर वरस रहा है
12:28इरान भी जवाबी मोर्चे पर डटा है, और इसराइल के साथ खाड़ी देशों को टार्गेट कर रहा है
12:33ऐसे विधुन्स खालात के बीच जब इरान की जमीन पर अमेरिकी विमान गिरने की खबर आई तो युद्ध का पूरा
12:39रुख ही बदलता दिखा
12:40माना जाने लगा कि अब इरान के हाथों में ऐसा हत्यार लग सकता है जिसका इस्तिमाल वो युद्ध में और
12:46भी खतरनाक तरीके से करेगा
12:48लेकिन अमेरिका ने महज 36 घंटों के ओपरेशन में इरान के दुरगम इलाके के बीच से अपने पाइलट को सुरक्षित
12:54निकाल लिया
12:55IRGC अमेरिकी पाइलट को तलाशती रही लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा
12:59अमेरिकी सेना ने जिस तरह से इस पूरे ओपरेशन को अंजाम दिया है वो हैरान करने वाला है
13:03बेहत सठीक रणनी थी तेज ओपरेशन और तकनीक के जबरदस्त इस्तिमाल से
13:08अमेरिका ने वो कर दिखाया जो करीब करीब असंभव माना जा रहा था
13:12करीब 36 घंटे में अमेरिकी सेना ने खास अभियान चला कर अपने पाइलट को बचा लिया
13:17इस ओमपरेशन में CSEL नाम की एक खास डिवाइस ने अपना अहम रोल निभाया
13:22दरसल गुरुवार रात को इरान में अमेरिकी विमान गिरा
13:25पाइलट और वेपन्स ओफिसर एजेक्ट हुए
13:27पाइलट को तो कुछी घंटे में रेस्क्यू कर लिया गया
13:29लेकिन वेपन्स ओफिसर मलबे से करीब 10 किलोमीटर दूर चल कर पहाड़ी पर पहुँचे
13:34और वहां से मैसेज भेजा
13:37ये मैसेज उसी CSEL डिवाइस से भेजा गया
13:40जो इस अभियान के दौरान सबसे अहम बन गया
13:43CSEL एक खास डिवाइस है जो एक किलोग्राम से भी कम वजन का होता है
13:47दरसल CSEL डिवाइस सैटेलाइट से जुड़ा होता है और उसी के जरिये संदेश भेजता है
13:52पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ये डिवाइस अहम खड़ी बना
13:55अमेर्की पाइलट और रेस्क्यू टीम को CSEL डिवाइस से मदद मिली
13:59बताया जा रहा है कि इरान में विमान गिरने के बाद
14:01अमेरीकी पाइलट ने इसी डिवाइस की मदद से अमेरीकी सेना से संपर्क साधने की कोशिश की और इसी के जरीय
14:07अपने संदेश भेजे। दरसल CSIL डिवाइस सैटलाइट से जुड़ा होता है और उसी के जरीय संदेश भेजता है।
14:14मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इरान में फंसे पाइलट ने छोटे छोटे एंक्रिप्टेट संदेश इसी डिवाइस के जरीय भेजे जिसमें उसकी
14:21सटीक लोकेशन की जानकारी अमेरीकी सेना को मिलती रही और लोकेशन ट्रेस होने के बाद इस खतरनाक रेस्क्यू आ�
14:28जानकारी के मुताबिक इस डिवाइस के सिगनल काफी तेजी के साथ फ्रिक्वेसी बदलते हैं यही वजह है कि इरानी सेना
14:35के लिए इसको ट्रेक कर पाना आसान नहीं रहा इस डिवाइस से बातचीत करने का तरीका भी काफी अलग रहा
14:41जिसमें किसी तरह की लंबी बातची
14:42नहीं की गई केवल छोटे सिगनल ही भेजे गए डिवाइस से भेजे गए मैसेज सीधे सैटेलाइट के जरिये अमेरिकी कमांड
14:49सेंटर तक पहुँचे डिवाइस में पहले सुरक्षित जगों की जानकारी लोड की जाती है जो नेविगेटर को छिपने में मदद
14:56करती है ज
15:10इसको ट्रैक कर पाना मुश्किल है सबसे खास बात है कि इस डिवाइस की बैटरी 21 दिनों तक चल सकती
15:15है पूरे रेस्क्यू उमप्रेशन के दौरान ये डिवाइस अहम कड़ी बना अमेरिकी पाइलट और रेस्क्यू टीम को CSIL डिवाइस से
15:22मदद मिली बेहत जोखिम भरे
15:24माहौल में पाइलट के रेस्क्यू उमप्रेशन को अंजाम दिया गया रेस्क्यू के सफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपती ने खुद
15:30इसकी जानकारी दी अपनी तकनीक और सेन्य ताकत के जरिये पाइलट को सुरक्षित निकाल कर अमेरिका ने इरान को एक
15:37मोर्चे
15:37पर बड़ी मात दे दी आज तक ब्यूरो आप देखते रहें क्या हुश तक
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