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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच फ्रांस की भूमिका ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। क्या Emmanuel Macron ने खुलकर ईरान का समर्थन कर Donald Trump की रणनीति को चुनौती दी है? इस वीडियो में हम बताएंगे कि फ्रांस का यह कदम वैश्विक राजनीति को कैसे प्रभावित कर सकता है और ईरान-इजराइल टकराव पर इसका क्या असर पड़ेगा। क्या यह एक कूटनीतिक चाल है या बड़ा गेम चेंजर? जानिए इस बड़े संकट की पूरी सच्चाई, एक्सपर्ट एनालिसिस और ताज़ा अपडेट के साथ। Middle East की इस बड़ी खबर को मिस न करें।

Tensions rise in the Iran-US conflict as France’s unexpected stance sparks global debate. Has Emmanuel Macron indirectly challenged Donald Trump’s strategy by signaling support toward Iran? This breaking update explores the geopolitical shift, France’s role, and how it could impact the ongoing Iran-Israel tensions. Is this a strategic trap or a major diplomatic move that could reshape global power dynamics? Stay tuned as we break down the latest developments, expert insights, and what this means for the future of the Middle East conflict. Don’t miss this crucial update on one of the world’s most dangerous situations.

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~PR.540~HT.408~ED.110~GR.538~

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00:001.5 trillion dollars का budget जो है वो डोनल्ड ट्रम्प ने अभी congressman के सामने रखा है जैसे आप
00:08बाते चल रही थी कि 200 billion dollar और increase कर दिये जाएं यह से करके और यह काफी यह
00:12लगता है 40% increase होगा अमेरिका के budget में जो पिछले budget थे उसके वेकाबले यह बहुत बड़ा amount
00:19मागा जा रहा है अमेरिका क
00:21सीना के लिए अब रही बात जो आपका सवाल था मैं उस पर आता हूं देखिए डॉनल्ड ट्रम्प जो है
00:28उसके बारे में एक व्यक्तिकर तोर पेकर मिरसे आप पूछे तो मेरी राय वही है जो तेजावत साब कहा रहे
00:34थी कि यह इंसान का कुछ पता नहीं है आज क्या बो
00:50रहे थे कि यह अनौंस कर देंगे लेकिन इनकी वह अनौंसमेंट डॉलंड ट्रम्प की बेवकोफी होती क्योंकि जब तक अमेरिका
00:57की कॉंग्रेस के सिनेट का दो तिहाई बहुमत यह पास नहीं करता कि वह नेटों से बाहर निकले अमेरिका तब
01:06तक कोई प्रेजिडेंट
01:07अमेरिका को नेटों से बाहर नहीं कर सकता तो यही कारण है कि इन्होंने अनौंसमेंट नहीं की नेटों के बारे
01:13में एक भी शब नहीं बोले हाँ कुछ हद तक देखिए जो अभी इन्होंने बहरें को उकसाया था कि आप
01:21जाओ यून के अंदर बोले कि अगर ये स्टेट �
01:24फॉर्मोस नहीं कुला तो हमें ये हक होना चाहिए दुनिया के बाकी देशों को कि हम स्टेट फॉर्मोस के लिए
01:31जो है अटेक कर सकते हैं या या मिलिटरिली उसके उपर एक्शन कर सकते हैं तीन कंट्रीज ने इंडिकेशन दिया
01:38कि वो इसके उपर वीटो करेंगी चाइन
01:40और रिशिया तो ठीक था समझ में आता है लेकिन फ्रांस जिसने दूसरी बार खाड़ी छेतर के अंदर इरान का
01:48साथ देते हुए जो है अपना ये भी कह लीजिए कि यूरोपियन देशों में तो हमेशा चाहता है कि मैं
01:55यूरोपियन देशों का लीडर बनके रहूं उसने भी
01:58एक इंडिकेशन दिया कि वो भी इसके अंदर विटो कर सकते हैं और आज रात को ये सिक्योर्टी कॉंसिल की
02:04मीटिंग है जिसमें वोटिंग होगा तो देखना ये होगा कि अभी होने क्या जा रहा है आज रात में हाँ
02:10इसना जरूर है कि जहां तक सवाल है बिटेन का बिट
02:27से लेकर के बहरेन से लेकर के और साओधी अरब तक अपने एंटी एर डिफेंस सिस्टम्स खड़े कर दिये हैं
02:34और साथी साथ में सैप्रेंस के अंदर उनके पहले से शिप खड़े थे वहां के एर बेस भी उनके पास
02:39हैं तो काफित उन्होंने एक तरीके से इरान को दिखा
02:43के लिए तो यह कहा है कि हम डिफेंसिव रोल में हैं पर देखा जाए तो एक तरीके से यूद
02:48के अंदर तो आए ही गया तो अब आगे इसके पीछे क्या नेटो कंट्री या यूरोपन डेश कौन-कौन है
02:54तीसरा तो डवलोपमेंट खराब हुआ ता वैब अगर आप जाज
03:11के लिए अगर वो ऐसा करते हैं तो अभी जो एयर बेसिस अमेरिका के ब्रिटेन में जहां से उडाने भर
03:17रहे थी चाहे वो आपके बीटू बंबर्स का है या बाकी एरक्राफ्ट का है तो अब इनको पूरा पॉलेंड के
03:24उपर से होके रोमेनिया के उपर से होते हुए आना
03:41चाहेंगे मतलब अटेक करना चाहेंगे बार बार जहाज को रिफिल करके उसकी फ्रिक्वेंसी में डेफिनिटली कमी आ जाएगी क्योंकि डिस्टेंस
03:49बहुत जादा हो जाएगा और पीत में रिफिलिंग की भी जुरूत पड़ सकती है और पड़ेगी भी तो यह थोड़े
04:11साब के पास चलते हैं तर्याओस साहब इरान के एक वरिष्ट नेता है मोसिन रिजाई उनका नाम है उन्होंने कहा
04:16है कि अमेरिका को अपने सेंट जनलों को नहीं हटाना चाहिए टरंप को ही हटा देना चाहिए तब ही जाके
04:21इस समस्या का समाधान हो पाएगा क्या आपको �
04:36मतला ideal situation तो यही होगी कि उन्हें हटा दिया जाए पर American Constitution ऐसा है कि वो इसकी इजाज़त
04:44नहीं रहेगा तो practically यह बिलकुल संभव नहीं है वो President Trump है अपना कारेकाल पूरा करेंगे पर हाँ जो
04:52जुडिश्री है वो उनके पामों में हमेशा बेडियां बांदे रखेगे क्यों
05:06यह दूसरी बात है कि American Congress भी President Trump से कम ताकतवर नहीं है तो अमरीका में Montescue का
05:13जो सिद्दान थे वो फॉलो किया गया है जिसमें इन तीनों में बराबर ताकत है Congress, President और Judiciary तो
05:21आप उसी से अंदाज लगा लीजिए कि President Trump इतनी भी मनमानी नहीं कर पाएंगे जितना कि वो करने क
05:27की कोशिश कर रहे हैं, हटाना उनको संबाब नहीं है, पर ऐसे व्यक्ति हटी जाये तो ठीक है, इतनी बड़ी
05:33संख्या में उन्होंने जिन लोगों को फायर किया, क्या होता है कि जब बॉस जब कुछ ठीक नहीं कर पाता
05:37है, तो उसकी गाज जो है वो उससे मात्वत कार्व
05:41पंचारियों पर गिरती है, और प्रिजिडेंट ट्रम्प यही कर रहा है, क्योंकि जब उनसे सब कुछ गरबड हो रहा है,
05:46तो जो उनकी बाप नहीं मान रहे हैं, या उनको लगातार अपनी सरकार और अपने जो एडवाइजरी बोर्ड और उनसे
05:56हटाते जा रहे हैं, या �
05:57जो और भी बड़े बड़े बदों पर चाहिए, वो नेशनल सेक्रिटी एडवाइजर हो, या इंटेलिजेंसिया हैड हो, या जो भी
06:03हो, उनको वहां से हटाया जा रहा है, अगला नंबर आप देखना है, तुलसी गवाड का आएगा, क्योंकि वो भी
06:08है, और मेरे साथ बार
06:25में कुछ Republican MPs और Leaders जिनके साथ पैनल शेयर किया है, तो उन्होंने भी President Trump के बारे में
06:31उनकी राय ठीक नहीं है, उन्होंने भी उनके खिलाफ अपनी राय जाहिए किये, तो within Republican Party, American President के
06:40खिलाफ काफी लोग है, और बड़ी संख्या में हैं, European Union के लोग भी बटे वे हैं, जिनमे
06:45से काफी देश उसके खिलाफ है, Britain जरूर प्रो अमेरिका कहलाता है, और बाकी जो ये जो सिनेगन कंट्रीज हैं,
06:55उन्हें से मुझे नहीं लगता है कि कोई भी अमेरिका के साथ देना, इस समय पसंद कर रहा हो.
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