00:00मक्का की एक औरत रोज प्रॉफिट महम्मद की रास्ते में कांटे बिचाती थी.
00:05नभी बिना शिकायत चुपचाप रास्ता बदल लेते.
00:09एक दिन कांटे नहीं मिले, तो उन्होंने हाल पूछा.
00:13पता चला वो औरत बीमार और अकेली है.
00:17नभी खुद उसकी खैरियत पूछने उसके घर गए.
00:20ये देख कर वो हैरान रह गई और रो पड़ी.
00:23उसने कहा कि वो उन्हें तकलीफ देती रही, फिर भी वे आये.
00:28नभी ने फरमाया कि बीमारी दुश्मनी नहीं देखती.
00:31उनकी रहमत और रहाए.
Comments