00:17दिल में है लावा, सांस में है बिजली का दम रखते ही धर्ती बोले फिर से वही असली
00:23रात का अंधिरा पर सूरज बन गया, अंधिरों को छोड़, उजाले को छलिया
00:28खूर में है जो नून, बात में है जहर, दुनिया के मैप पे नाम लिखने का है पहर
00:34छोड़ दिया डर, अब बस आगे का सफर, गिरने से टरता नहीं चलने का है पहला पतर
00:40मैं शेर का साया मैं अंधी का गुलाम नहीं मैं वो धूप हूँ जो कभी शाम नहीं है
00:48आग का दरिया पार कर दिखाना है खौबों को हकीकत में बदल के जाना है
00:54रुको माठ ठको माठ रास्ता बनाना है आग का दरिया
01:03आग का दरिया
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