00:10जखमुन का सिलसिला दिल पे लिखी किताब छोड़ दाए जो साथ बन गया खुद का मालिक नवाब खाक से उठा
00:17अब मैं आसमा छुटा उठने का सवाल नहीं हर सपना बलूटा
00:21जीत का जुदून पूर में है जो सुलून तूफन के बीच मैं अगन्याया पूर रोपो तो देख मोचिंगारी बनो जीत
00:38का जुदून हाँ जीत का जुदून
00:55रातों के अंधेरों में सपने जो जमके आंसू भी पिगले शिक्वे जो थमके खाली जेबों में था पर जजबात भारी
01:03आज हर कली का जुदून
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