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ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक चौंकाने वाला कदम सामने आया है। ईरान ने reportedly अपने सबसे खतरनाक गुप्त मिशन की शुरुआत की है, जो अगले 15 साल तक चलेगा। इस ऑपरेशन का उद्देश्य सभी दुश्मनों को निशाना बनाना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मिशन से पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन बदल सकता है और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकते हैं। इस वीडियो में जानिए ईरान की रणनीति, अमेरिका और उसके सहयोगियों पर संभावित असर और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव।

In a shocking development amid rising Iran-America tensions, Iran has reportedly launched its most dangerous secret mission, set to continue for the next 15 years. This operation aims to target all perceived enemies, sending strong messages across the region. Experts warn that the mission could reshape power dynamics in West Asia and intensify geopolitical conflicts. In this video, we break down Iran’s strategy, the potential impact on the United States and its allies, and what this means for international security. Stay informed about the latest updates, expert analysis, and reactions from global powers regarding this high-stakes mission.

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~PR.540~HT.408~ED.520~GR.538~

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00:00इरान का जो नया नेतुत्त है वो आपके साब से कैसा है? ट्रम साहब क्या ये कोई गेम खेल है
00:06या फिर वो ब्रहम में हैं? कि जो नए लीडर्शिप है वो कम कटर होगी, वो हमसे बातचीत कर लेगी,
00:12वो पुराना रवया, पुराना धर्रा नहीं अपनाएगी?
00:16ट्रम साहब जो हैं वो ब्रहमित हैं, वो अपने को ही कंफ्यूज करने की कोशिश कर रहे हैं, इरान में
00:24कैसे कोई लीडर्शिप बात कर सकती है? देखें मुस्ताबा कमेनी हैं, उनका तो परसनल लॉस है, उनकी पतनी, उनकी बेटी
00:35मारे गए हैं, माता पिता मारे गए हैं, त
00:40वो बाकी जो लीडर्शिप है, वो कैसे अपने आसपास धुस्त होते हुए इरान को भूल सकते हैं, अगर भूलना ही
00:50था, अगर उनको नरम ही होना था, तो वो नरम हो जाते हैं, जब ओमान के मसकट में राउंड वन,
00:58राउंड टू की टॉक्स हुई, तब नरम हो जाते हैं
01:00उनको मालूम था, कि अमरिका और इसराइल बॉम्मिंग करने वाले हैं, अगर उनको नरम होना था, जो कि वो होंगे
01:08नहीं, तो वो 26 फरवरी को, 27 फरवरी को नरम हो जाते हैं, जब जनुवा में बात चल बही थी,
01:15उनको अगर नरम होना था, तो पिछले एक महीने में कितने
01:19window of opportunity उनको मिले, देखिए ये समझना पड़ेगा कि इरान के लोगों का एक युद्ध लड़ने का जजबा होता
01:27है, जो कि शायद पश्चिमी मूल के जो लोग हैं, वो समझते नहीं हैं, पश्चिम में पिछले 200 साल से,
01:37100 साल से हतियार के बल पर, firepower के बल पर, युद्ध ल�
01:48civilizations हैं, भारत में भी हमारे में जो युद्ध लड़ने की कला है, वो व्यक्तिगत sacrifice, यानि युद्ध भूमी में
01:58देश के लिए प्राण निचावर करने वाली बात आ जाती है, यह जो मैं बता रहा हूं कि देश के
02:06लिए प्राण निचावर कीजिए, यह शब्द का जो अंग
02:18रिखा, तो फायर पाउर के बदालत क्या होगा, इरान को हरा सकते हैं, नहीं हरा सकते हैं, हजारो बाम गिरा
02:27चुके हैं, ठीक है, कुछ हजार और गिरा लेंगे, इरान के हजारो टार्गेट धोस्त हो चुके हैं, ठीक है, और
02:33कुछ तार्गेट धोस्त हो जाएंगे, लेकि
02:39कि उन्होंने कभी बुलामी नहीं कि, मैं बार-बार कहता हूँ कि पूरे एशिया में सज्जादातार एशियन मुल्क पर कभी
02:45अंग्रेजों ने, कभी पुर्चुबीज ने, कभी जर्मन ने, कभी फ्रांस ने राज किया, एरान पर किसी भी येरोपियन पावर ने
02:55200 साल पहले
02:56सौ साल पहले राज नहीं किया, तो इरान के ऊपर कैसे अमरिका बॉम गिरा-गिरा के कबजा कर सकता है,
03:05नहीं कर सकता है, ये इंडिकेशन ने मिल गया, स्टेट अफ हर्मोस में अमेरिका ने भी हाथ पीछे खीच लिए
03:11है, उसका मतलब क्या है कि खडग आइलेंड से भी उ
03:25आत्मगाती हमले होंगे और कई सारे निताओं की हत्या की कोशिश होगी, क्या आपको लग सकता है, जैसे इसराइल के
03:31बारे में कहा जाता है, कि वो अपने बदला लेता है, जो भी उसके उपर हमला करता है, उससे वो
03:37कई दशकों के बाद भी हमला बदला लेता है, दास साल,
03:55कि वो साथ अक्तूबर दोजार टेज्ट ऐसा फिर से करने की कुछ कोसिश करें वैवजी इसमें कोई शक नहीं है
04:02कि इरान बदला लेगा परसनली भी जो इसराइल और अमरीका की लीडर्शिप हैं उनसे बदला लेगा आज से पांस साल
04:12बाद दस साल बाद सिर्फ एक चीज है
04:15जो कि अमरीका को और इसराइल को इस बदले से बचा सकती है कि अगले कुछ साल के अंदर इरान
04:21में अमरीका और इसराइल मिलकर पेराशुट के दोवारा रिजा पहल दी या इरान के अंदर से ही एक नरम लीडर
04:28को ढूंड कर सत्ता पे तहरान पे काविस कर दी अगर अमरीक
04:44जाते इरान में कोई मॉनार्की नहीं है इरान में कोई ऐसा नहीं कि बाप
04:51से बेटे को और बेटे से फोटे को मिलता है वहाँ पर ऐसा कोई सिस्टम नहीं है वो तो अभी
04:56युद्य की स्थीप्टी थी तो आयतला खामनी के बाद
05:00क्योंकि समय नहीं है इलेक्शन करने का और वोटिंग का
05:06तो as an emergency method मस्तवा खमनी को रखा गया है
05:11वहाँ कोई राजशाही नहीं है जैसे कि बाकी सारे अरब कंट्रीज में है
05:16तो इरान बदला लेगा अगर अमेरिका इरान में अपना एक पिठ्थू सरकार कायम नहीं करता है
05:25आप अगले साल में ही दो तीन साल में ही ख़बर सुनेंगे
05:29कि अमेरिका और इसरायल के जो टूरिस्ट हैं जब वो और किसी देश में गए तो उनके साथ कुछ हो
05:38गया
05:46जब कि अवने एक दोरिस्ट है
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