00:00ट्रम्प के खिलाफ अमेरिका की सेना में बगावत की खबरें सामने आ रही हैं।
00:04मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राश्ट्रपती ट्रम्प के आदेश के बावजूद अमेरिकी सेना ने इरान पर ग्राउंड इन्वेजिन करने से इनकार
00:11कर दिया है।
00:12ये निर्ने खास तोर पर उस समय सामने आया जब सेना के चीफ को अचानक हटा दिया गया।
00:16इस घटना ने अमेरिका की सेन यरण नीती और उच्छ कमांड में असंतोष की स्थिती को जागर कर दिया है।
00:22सामरिक विशेशड्यों का मानना है कि ये सिर्फ एक सामान या असहमती नहीं है बरकि सेना के वरिष्ट अधिकारियों द्वारा
00:29राष्ट पती के आदेशों को चुनौती देने का मामला है।
00:32अब अमेरिका में ये सवाल उठ रहा है कि अगर उच्छ स्थर पर ही आदेशों का पालन नहीं हो रहा
00:37तो युद्ध नीती और निर्ने प्रक्रिया कितनी प्रभावी रह सकती है।
00:40इरान पर संभावित हमला पहले से ही अमेरिकी और अंतर राष्ट्रिय स्तर पर विवादों में घिरा हुआ था।
00:46अमेरिका की ओर से ग्राउंड इन्वेजन की योजना को लेकर कई महीनों से विचार विमर्ष चल रहा था।
00:51लेकिन सेना के वरिष्ट जनरल्स ने ये सपश्ट कर दिया कि वो इस तरह के मिशन में नहीं जाएंगे।
00:56इस कदम ने टरंप प्रशासन को भी चोकन ना कर दिया है।
01:00सेन्य और राजनेतिक विशलेशक बता रहे हैं कि अमेरिका की सेना ने ये कदम सोच समझ कर उठाया है।
01:05उनके अनुसार अगर बिना परियाप तैयारी और समर्थन के इरान में जमीन पर हमला किया गया तो ये अमेरिकी सेना
01:11के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता था।
01:13इसके अलावा इस फैसले से टरंप की साक पर भी बड़ा असर पढ़ सकता है।
01:17राश्ट्रपती की विदेश नीती और सेन रण नीती दोनों ही सवालों के घेरे में आ गए हैं।
01:22इस घटना ने अमेरिका के आंतरिक राजनेतिक परिद्रश्य को भी हिला कर रख दिया है।
01:26कॉंग्रेस और मीडिया में युद्ध नीती, राश्ट्रपती के आदेशों की वैधता और सेना के फैसले पर तीखी बहस हो रही
01:32है।
01:32कई विशेशग्यों का कहना है कि ये बगावत अमेरिका के लिए गंभीर चेतावनी है।
01:37कि अगर प्रशासन और सैन्य नेत्रित्व में तालमेल नहीं रहा तो संकट गहरा सकता है।
01:42पेंटागान और वाइट हाउस में इस्थिती ने तनाव बढ़ा दिया है।
01:45वरिष्ट सैन्य अधिखारियों का कहना है कि उनके निर्णय का मकसद सेना और राष्ट की सुरक्षा को प्रात्मिकता देना था।
01:51उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि उनके इनकार का मतलब ट्रम के खिलाफ प्रत्यक्ष बगावत नहीं है बलकि रणनेतिक सोच
01:57के आधार पर कदम उठाए गया है।
01:58अमेरिका और इरान के बीच पहले से ही बढ़ते तनाव को देखते हुए ये घटना दोनों देशों के लिए खत्रे
02:04की घंटी है।
02:05यदि अमेरिका की सेना में ही आदेशों का पालन नहीं होता तो युद्ध की स्थिती में निर्ने लेने की क्षमता
02:10प्रभावित हो सकती है।
02:35इस तरह की स्थिती में राष्ट्रपती ट्रम के लिए आंतरिक और बाहरी दबाव दोनों ही बढ़ गए है।
03:05इस बगावत की खबर में पूरी दुनिया में अमेरिकी सेन्य नित्रित्व और राष्ट्रपती की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिये
03:11हैं।
03:12कर दिये हैं।
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