Skip to playerSkip to main content
  • 2 days ago
गर्मियों में पूरे प्रदेश में जल संकट के बीच जानिए कैसे उदयपुर की झीलें लबालब रहती हैं. पेश है कपिल पारीक की रिपोर्ट.

Category

🗞
News
Transcript
00:07गर्मियों के समय में जहां एक और प्रदेश के कई हिस्सों में जल संकट गहराने लगता है
00:13वहीं उदैपुर की फतह सागर, पिछोला, उदै सागर और स्वरूप सागर जैसे प्रमुख जीले पानी से लबालब नजर आती है
00:21इसके पीछे कोई चमतकार नहीं, बलकि सदियों पुरानी जल प्रबंधन प्रणाली और प्राकरतिक स्त्रोतों का मजबूत नेटवक काम करता है
00:31जल विशेशग्य अनील महता बताते हैं कि मेवार छेतर में जल सनरक्षन और प्रबंधन के ऐसे उदाहरन मिलते हैं जिन्हें
00:39विश्व में भी अत्यंत प्राचीन और उन्नत माना जाता है
00:42सुनिए
00:44यह जो जीले हैं उदेपुर की वह बनास बेसिन में इसके पास करछ बेसिन है तो साबरमति बेसिन के पानी
00:52को डायवड़ करके ख्रिविटी फ्लो में लाना शुर किया
00:55and when it gets to the water, the water can be used in the water
01:01which is the water that is used in the basin, particularly in the second stage
01:07that is the water can be used in the water
01:15and when you see that the water is used in the entire country
01:18and the water can be used in the water
01:23here is the water
01:27foreign
01:28foreign
01:30foreign
01:30foreign
01:30foreign
01:32पिछोला जील, अमरकुंड, कुमहरी अतालाब, रंग सागर, स्वरूप सागर और फते सागर जैसे जलाश है नकेवल जल संग्रहन के केंडर
01:41हैं बलकि यह संपूर्ण जल प्रबंदन प्रनाली के महत्वपूर्ण अंग भी हैं।
01:46इन सभी संदरचनाओं का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि वर्षा के जल का अधिक्तम संचयन हो सके और
01:53पूरे वर्ष जल उपलब्दता बनी रहे।
02:40मेवार की इस जल प्रबंधन कोशल को अंतरास्ट्री अस्तर पर भी सराहा गया है।
02:44वर्ष 2021-22 में उदयपूर आयविदेशी जल वैग्यानिकों के एक दल ने अपने अधियन में माना कि यहां सदियों पहले
02:53जिस सूजबूच के साथ जल संरक्षन की प्रनाली विक्सित की गई वह अद्भुत और अनुकर्णिये हैं।
02:59इंदयपूर की जिनों को भरने के लिए हमेशा मार्च में फर्वरी मार्च में दो फिट पानी ले लिया जता है।
03:07तो इछड़ा 10 पिट के उपद रहेगा और पते सागर भी 10 पिट रहेगा।
03:13और यह हमेशा भरी रहेगी।
03:16क्योंकि वांसी माकल देवास और अकुदरा वांसे विए पानी है।
03:20वह हमें नीजन पर मिल रहा है।
03:32मार्च में भी जीले वरी हुई है।
04:13जीलों के भरे रहने का सीधा असर शहर की परियतन गतिविधियों पर भी पड़ता है।
04:18जब शहर की प्रमुक जीले लबाला ब्रहती हैं तो इसका असर परियतकों पर खास देखने को मिलता है।
04:25देश दुनिया से आने वाले परियतक भी इन जीलों में बोटिंग का लुट्फ लेते हैं और साथ ही अपना समय
04:30व्यतीत करते हैं।
04:32उदैपूर से ETV भारत के लिए कपल पारी की रिपोर्ट।
04:35झाला कि झाला कि बौट।
Comments

Recommended