00:00होर्मुज को कैसे मिला अपना नाम?
00:01जानिए, खजूर के बाग और प्राचीन देवता अहुरा माज़दा से क्या है कनेक्शन?
00:05ये जानने के लिए हमें इतिहास के पन्नों को पलटना होगा और चलना होगा ग्यारवीं सदी में
00:10क्योंकि इसका सीधा संबंद प्राचीन फार्सी शब्द होर्मुज से है
00:13इसी समुद्र तट पर ग्यारहवीं सदी से सत्रहवीं सदी तक एक धनी समरिध सामराज्य का कंट्रोल था
00:18यहां होर्मुज नाम का एक समरिध बंदरगाह शहर हुआ करता था
00:21इसी वजह से इस जलमार को धीरे-धीरे हॉर्मुज की खाड़ी के नाम से जाना जाने लगा
00:25हालांकि कुछ इतिहासकार ये भी मानते हैं कि हॉर्मुज नाम फार्सी शब्द हुर्मोग से निकला हुआ हो सकता है
00:31इसका अर्थ है खजूर
00:32इस इलाके में खजूर के पेड आम थे
00:34यहां के कबीले एतिहासिक रूप से इसी नाम से इसे पहचानते थे
00:37लेकिन हॉर्मुज शब्द अपने साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भी लेकर चलता रहा है
00:42इसका धार्मेक इतिहास जोरास्ट्रियन धर्म के देवता अहुरा मजदा से जुडता है
00:45अधिकांश इतिहासकार हॉर्मुज नाम को मध्ध फार्सी शब्द हॉर्मुज या अहुरा मजदा से जोडते हैं
00:51जो जर्थुष्ट धर्म के सर्वोच्च देवता थे
00:53अहुरा मजदा को प्राचीन फार्सी आस्था में ग्यान और प्रकाश का प्रतीक माना जाता था
00:57समय के साथ इस नाम में भाशाई बदलाव हुए
00:59हॉर्मोज यूरोपी अभिलेखों में और मस्थ बन गया
01:12अजयओों में झासा करेणार धा में जाम
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