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01:28Thank you very much.
01:40विद्या जितनी भी चीजें उनके अंदर गुण है अगर हमारे अंदर भी एक अंश भी आ जाये तो बहुत बड़ी
01:46बात है और सभी लोग भक्ति भाव में हैं हमारे अनुमान जी हमारे धर्म के एक वाहक है जिनोंने पूरे
01:57रामायन में जिस तरीके से अपने चरित्र को जि
02:01दिया है और आज भी जो प्रभुष्री राम का अशिरवाद उन पर है कि इस यूग में अगर कोई भगवान
02:09है तो प्रभुष्री हनुमान है तो उनका अशिरवाद सभी पर रहे यही शुपकामनाय अपनी और से बढ़ाई दोता है
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