00:02इरान युद का असर अब LPG के इलावा भारत की किसानों पर भी दिख रहा है
00:0636 गर में तर्बूज खेती करने वाले किसान परिशान है
00:10उन्हें अपने तर्बूज ओने दामों में बाजार में बेशने पर रहे है
00:14दरसल गर्बियों में तर्बूज की सबसर जादा मांग गल्फ देशों में रहती है
00:19लेकिन युद के कारण रास्ते बंध हैं और निर्या ठप हो गया है
00:24युद के समय में रमजान के मौक आफसार पर खूब तर्बूज जाता था गल्फ कंट्रिस में
00:31तो अब वहाँ जाना बंध हो गया और इसके कारण हो ये रहा है कि पूरा तर्बूज हमको 36 गड़
00:39में यहीं खपाना पड़ रहा है
00:40दो-तीन साल में जो तर्बूज पहले 40-50 रुपई तक बिखते थे वो अब एक्सपोर्ट बंध होने और बंपर
00:47स्टॉक होने से 20 रुपई कीलो तक बिख रहे हैं
00:49इससे 36 गड़ के किसानों को लगबग 300 करोर रुपई का नुकसान हुआ है
01:1236 गड़ के नदी किनारे जितनी भी जगा है वहां तर्बूज की फसल होती है
01:17महासमुन, गरियाबन, रायपुर जैसे जगों पर इसकी बंपर खेती होती है
01:21इसके अलावा दूसरे प्रदेशों से भी प्रदेश में तर्बूज पहुँच रहे हैं
01:26क्रिशी एक्सपोर्ट के मुताबिक फरवरी के महीने से तर्बूज का उपादन होने लगता है
01:31और लगबग मई तक ये चलता है
01:33बारिश शुरू होते ही तर्बूज की खेती बंध हो जाती है
01:37वहीं जल्द युद रुकने के आसार भी अभी कम है
01:40ऐसे में अगर युद लंबा चला तो इस सीजन में तर्बूज किसानों को आगे भी नुकसान जेलना पड़ सकता है
02:12एक तरब आम जनता को भले ही तर्बूज सस्ते दाम में मिल रहे हो
02:16लेकिन आर्थिक नुकसान किसानों को हो रहा है
02:18अब देखना होगा कि बंधर गाहों में फसे तर्बूज आखिर कब तक बाहर एक्सपोर्ट हो पाते हैं
02:26राइपूर से ETV भारत के लिए रितेश तंबोली की रिपोर्ट
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