00:00सिंध और पंजाब के खेतों में लेलहाती फसलें बजाहर खुशहाली का मनजर पेश करती हैं मगर इस सबस चादर के
00:06नीचे एक कड़वी सचाई दफन है
00:08सराई करजे की गुलामी जो किसान को जिन्दा लाश में बदल देती है
00:12ये वो गुलामी है जिसमें जन्जीरे नजर नहीं आती मगर हर सांस पर बोज़ बनकर लदी होती है
00:18बैंकों, मिडल मेनों और वडेरों के शिकंजे में जकड़ा किसान अपनी ही जमीन पर अजनबी बन चुका है
00:24वो बीज भी उधार लेता है, खाद भी उधार पर खरीदता है, पानी के लिए भी महताज और फसल त्यार
00:30होने के बाद उसकी मेहनत पहले ही किसी और की जेब में जा चुकी होती है
00:34ये कैसा निजाम है जहां किसान का पसीना सस्ता और उसका खून महंगा हो चुका
00:40पंजाब की जर्खे जमीन हूँ या सिंद के वसी जमीने हर जगा एक ही कहानी दोहराई जा रही है
00:46कर्ज लो, फसल उगाओ, बेचो और फिर भी मकरूज रो
00:51ये एक ऐसा चकर है जिससे निकलना तकरीबन नामुमकन बना दिया गया
00:56किसान जितना मेहनत करता है उतने ही मजीद धनस्ता चला जाता है
01:00बेंकों की चमकती अमारतें, बैठे हुए अफसरान के लिए ये सिर्फ फाइलें और आदाद और शमार है
01:06मगर हकीकत में ये जिन्दा इनसानों की तबाही की दास्तान है
01:10सूद की शरहें, जर्माने और ताखीर की सजाएं किसान की हडियों तक को निचोड लेती है
01:16इससे भी ज्यादा तलग हकीकत ये है कि इस गुलामी को खतम करने की बजाए इसे मजबूत किया जा रहा
01:22है
01:22हकूमतें पालीसियां, किसान के हक में कम और सरमायादार के हक में ज्यादा नजर आती है
01:27बड़े जमीनदार और सियासी अश्राफिया इस निजाम में फैदा उठाते है
01:32जबके छोटा किसान हर रोज मिड़ता जा रहा है
01:36खुदकुशियों के बढ़ते हुए बाकियात इस बात का सबूत है कि ये सिर्फ मौशी मसला नहीं है
01:41बलके एक इनसानी अल्मिया भी है
01:43मगर अफसोस इन आवाजों को सुनने वाला कोई नहीं है
01:47ये जरीब कर्ज दर असल एक जदीद गुलामी है
01:50जहां जन्जीर की जगा दस तखत शुदकाग जात ने ले ली
01:55किसान अपनी मर्जी से नहीं बलके मजबूरी से इस निजाम का हिस्सा बनता है
01:59और फिर सारी जिन्दगी इसका कैदी रहता है
02:02इसका बच्चा भी इसी कर्ज के बोश से बड़ा होता है
02:06गुया गुलामी नसल दर नसल मुंतकल हो रही
02:08अगर इस निजाम को ना बदला गया दिन दूर नहीं
02:13जब जमीने तो रह जाएंगी मगर किसान खतम हो जाएगा
02:17और जब किसान खतम हो जाएगा
02:19तो ये सारी मुशियत जिसका दारो मदार इनी हाथों में है
02:22It will fall down.
02:25The question is, is it that when a person will be a villain?
02:29Will it be a villain?
02:31Will it be a villain?
02:32Will it be a villain?