00:00भारत का एक मात्र ऐसा मंदिर, जहां पत्नी संग पूजे जाते हैं हनुमान जी, जाने इसके पीछे की कथा, शास्त्रों
00:07में हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा गया है, यानि उन्होंने कभी विवाह नहीं किया था, लिकिन तेलंगाना के खंमम
00:15जिले के एलंदु गाव म
00:16श्री सुवर्चला सहिता हनुमान मंदिर स्थित है, जहां हनुमान जी के साथ सुवर्चला देवी की भी पूजा की जाती है,
00:24मंदिर के पूजारी के मुताबिक ये पूरे देश में इकलोता ऐसा मंदिर है, जहां हनुमान जी की पूजा उनकी पत्नी
00:32सहित की जाती है, इस म
00:33अंदिर का निर्मान साल 2006 में किया गया था और तब से यहां श्रद्धालूओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही
00:41है।
00:42मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी ने भगवान सूर्य को अपना गुरु माना था और उनसे शिक्षा प्राप्त की थी।
00:49कहा जाता है कि सूर्य देव के पास कुल नोप्रकार की विद्या थी जिन्हें हनुमान जी सीखना चाहते थे।
00:56उन्होंने सूर्य देव से शिक्षा लेना शुरू किया और पांच विद्याओं का ग्यान प्राप्त भी कर लिया।
01:02लेकिन जब हनुमान जी ने बाकी बची हुई चार विद्याओं को सीखने की इच्छा जताई तो सूर्यदेव ने एक शर्त
01:09रख दी, उन्होंने बताया कि ये चार विद्याओं केवल उसी व्यक्ति को दी जा सकती हैं, जो ग्रहस्थ जीवन जीता
01:15हो।
01:16हनुमान जी ब्रह्मचारी थे, इसलिए ये संभव नहीं था। इसके बाद सूर्यदेव ने हनुमान जी को एक उपाय बताया, उन्होंने
01:23हनुमान जी से कहा कि अगर वे विवाह कर लें, तो उन्हें पूरी शिक्षा दी जा सकती है।
01:29शुरुआत में हनुमान जी इसके लिए तयार नहीं हुए, क्योंकि वे एक बाल ब्रह्मचारी थे, तब सूर्यदेव ने उन्हें समझाया
01:36कि उनकी पुत्री सुवर्चला से विवाह करने के बाद भी वे अपने ब्रह्मचर्य व्रत का पालन कर सकते हैं।
01:42इस बात पर हनुमान जी सहमत हो गए और उनका विवाह सुवर्चला देवी से करवा दिया गया।
01:48इस तरह सूर्यदेव ने अपनी पुत्री का विवाह हनुमान जी से कराया था, ताकि वे उन्हें शेश चार विद्याओं का
01:56ज्यान दे सकें।
01:57इसी कारण आज भी इस कथा से जुड़ी आस्था के कारण भक्त बड़ी संख्या में श्री सुवर्चला सहिता हनुमान मंदिर
02:04में दर्शन करने पहुँचते हैं।
Comments