00:00अकबर का जुल्म और 40 दिन कैद तलसीदास ने ऐसे लिखी थी हनुमान चालीसा।
00:04लोक माननेताओं के अनुसार हनुमान चालीसा लिखने की प्रेणा तलसीदास को मुगल समराठ अकबर की कैद में मिली थी।
00:09कहते हैं कि एक बार अकबर ने तुलसीदास को अपने दर्बार में बुलाया और उन्हें अपने लेखन का चमतकार दिखाने
00:14को कहा लेकिन तुलसीदास ने विनमरता के साथ उन्हें मना कर दिया
00:17ये सुनते ही अकबर आग बबुला हो गया और उसने तुलसीदास को कारगार में डालने का आदेश दे दिया
00:21अकबर की कैद से बाहर आने का तुलसीदास के पास कोई रास्ता नहीं बचा था
00:38कहते हैं कि हनुमान चालिसा पूरी होते ही 40 दिन बाद अचानक बंदरों ने अकबर के दरवार पर हमला कर
00:43दिया
00:43इससे अकबर के महल और परिसर को काफी नुकसान हुआ
00:46तब अकबर को समझ आ गया कि तुलसीदास में जरूर कोई दिव्य शक्ती है
00:49उसने फौरण अपने सैनिकों को तुलसीदास को कारगार से रिहा करने का आदेश दे दिया
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