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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जहां एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध और हिंसा की बात कर हे थे इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से शांति और अहिंसा का बड़ा संदेश दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने हिंसा के बजाय संवाद और संतुलन का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय मानवता और शांति सबसे जरूरी है। क्या यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नई रणनीति को दर्शाता है? इस वीडियो में देखें पीएम मोदी का पूरा भाषण और समझें इसके राजनीतिक और वैश्विक मायने।

Amidst rising tensions in the Middle East, Prime Minister Narendra Modi delivered a powerful message of peace and non-violence from Gujarat. In his address, PM Modi appealed for the path of dialogue and balance to be chosen over violence. He stated that, in times of global crisis, humanity and peace are of paramount importance. Does this statement reflect India's new strategy on the international stage? Watch PM Modi's full speech in this video to understand its political and global significance.

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~HT.178~PR.338~ED.276~GR.506~

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Transcript
00:00जै जिनेंद्र आचार्य भगवन स्री पत्मसागर सुरिश्वर जी महराज साहिब
00:14गुजरात के गवर्नर आचार्य देवरत जी
00:22मुख्य मंत्री श्री पुपेंद्र भाई राज्य के उपमुख्य मंत्री
00:32बाय हर संग्वी जी परंपुज्य आचार्य भगवंत उझ्य सादू भगवन्त
00:44साद वीजी भगवन्त इस पवित्र सभा में उपस्तित
00:49समस्त आचार्यगंग और मुनि भगवन मान्य दानवीर विद्वजन देवी और सज्जनो आज भगवान महविर जैनती के पावन पर्वपर मुझे इस
01:14पवित्र जैन तिर्जाने का सौभाग्य मिला है
01:20सर्वप्रथम मैं भगवान महविर के चर्णों में प्रणाम करता हूँ
01:26मैं कोबा तीर्थ से सभी देश वास्यों को भगवान महविर जैनती की शुब कामनाई देता
01:41साथियों मैं आज परंपुज्य आचारिय स्री कैला सागर सुरिस्वल्ति महाराज साभ की सुनूति को भी बंदन करता हूँ
01:55उनके स्वप्न ने कोबा की इस धर्ति पर गिन्यान और स्रधा का यम्हान केंद्र स्थापित किया है
02:10कोबा तिर्थ की इस्थली आध्धात्विक शान्ति से ओत प्रोत है
02:18जिस्थान की उर्जा ऐसी अलोकिक हो जिसमें इतने जैन मुनियों की संतों की तपस्या जुड़ी हो
02:33वहां स्रिजन और सेवा ये अपने आप प्रस्फोटीत और संचालित होते है
02:46मैं तो बर्थों से देखता आया हूँ कि कोबा तिर्थ में कैसे अध्यान, साधना और सैयम की सतत परंपरा चलिया
03:00रही
03:02यहां मुल्यों का समरक्षन होता है, समस्कारों को संबल मिलता है और गिन्यान का पोशन होता है
03:12यह त्रिवेणी भारतिय सभ्यता का आधार है
03:20इस त्रिवेणी को अवीरल बनाए रखना यह हम सब का दाईत्व है
03:28साथियों, मुझे खुशी है कि हजारों वर्ष की भारतिय विरासत
03:37जैन धर्व का समयातित ग्यान
03:41हमारी धर्वहरे और उनसे मिलने वाली प्रेणाए
03:47उन्हें आने वाली सद्यों तक अमर बनाने के लिए
03:53उन्हें नए और आधुनिक रूप में अगली पीड़ी तक पहुचाने के लिए
04:00हमारे संतों ने इस जैन हेरिटेज मिज्यम के संकल्पना की
04:06आज वो संकल्पना एक भव्य रुप्मे साकार हो रही है
04:13यह समराट संप्रति संग्राल है
04:19जैन दर्शन भारतिय संस्कृति और हमारी प्राचीन दरोहर का एक पवित्र केंद्र बना है
04:28मैं इस अद्वितिय प्रयास के लिए
04:33हमारे सभी जैन मुईयों का संतों का अभिनंदन करता हूँ
04:39मैं उनके चरड़ों में प्रणाम करता हूँ
04:43ऐसे हजारों निष्ठावान लोग जिनोंने इस कारे में असिम योगदान दिया
04:52मैं उन सभी की भी सराना करता हूँ
04:56भायों बहनों जब हम अनादी ग्ञान को नई पीड़ी तक पहुचाने के लिए
05:06इनोवेशन करते हैं नयापन लाते हैं
05:11तो इसे हमारी विरासत भी समरुद्ध होती है और आने वाले कल को भी प्रेरणा मिलती है
05:22समराट संप्रती संग्राले ये भारत के कोटी कोटी लोगों की धरोहर है
05:30ये भारत के गवरवशाली अतीत की धरोहर है
05:36मैं इसके लिए सभी देश वाचियों को बहुत बहुत बधाई देता हूँ
05:43साथियों समराट संप्रती की ये केवल एक इतिहासिक राजा का नाम नहीं है
05:53समराट संप्रती एक ऐसे सेतु है जो भारत के दर्शन और व्यावार को जोडते हैं
06:04क्योंकि जब हम इतिहास में जौंकते हैं
06:07हम देखते हैं कि दुनिया की कई सभ्यताओं में महान विचारकों और दार्शिकों ने जन्म लिया
06:17मानवता के आदर्श भी अलग अलग परिभाशों में घड़े गए
06:24लेकिन जब सवाल सत्ता और शक्ति का आया कई शासकों ने आदर्शों और मुल्यों को किनारे कर दिया
06:37इसे विचार और व्यवार में विचार और व्यवस्ता में एक खाई पैदा होती चली गई
06:47लेकिन भारत में समराट संप्रति जैसे सासक हुए जो नहोंने सत्ता को सेवा और साधना मानकर काम किया
07:00जहां एक और कुछ शासकों ने हिंसा को हध्यार बना कर सासन किया
07:07वही समराट संप्रति ने सिहासन पर बैट कर अहिंसा का विस्तार किया
07:14उन्होंने सत्य, अस्ते और अब परिग्रह का प्रचार प्रसार किया
07:21इतनी निस्पृत्ता से
07:24इतने निस्वार्द भाव से
07:27शाहसन को सेवा का माध्यम मानकर जीवन जीना
07:31ये सीख हमें भारत के अतीद से ही मिलती है
07:36इसी अतीद को
07:38हम इस मुजियम में सहेच रहे हैं
07:42साथियों मैं देख रहा था
07:45इस मुजियम को डिजाइन पर ऐसे किया गया है
07:49इसमें हर कदम पर भव्य भारत की पहचान के दर्शन होते है
07:55इसकी साथ दिर्गाएं हर दिर्गा भारत की विवितता और सांसकुर्तिक संपनता का उद्गोश करती है
08:06प्रथम दिर्खा में हमें नवपद के दर्शन होते हैं नवपद यानि अरिहंत, सिद्ध, आचारिय, उपाध्याय और साधू
08:22सम्यक दर्शन, सम्यक ज्यान, सम्यक चरीत्र और सम्यक तब, अर्थाथ हम उनसे सिखें, जिनोंने स्वयम तब करके जीवन को जीना
08:41है
08:41और जो गिनान हम प्राप्त करें, वो सम्यक हो, हमारा चरीत्र सम्यक हो, क्योंकि ग्यान जब सम्यक होता है, तो
08:53वो समता और सेवा का आधार बनता है
08:56ताथियों, तीसरी दिर्गा में, हमारे तिर्थंकरों के जीवन को, उनके उपदेश्ण और प्रसंगों को, कलात्मक तरीकों से भी जीवन्त किया
09:10गया है
09:11बाईयों बहनों, इस मुजियम में, भारत की सबसे बड़ी विशिज्टा के, सबसे बड़ी ताकत के दर्शन होते हैं
09:23जैसा कि मैंने पहले भी जिक्र किया, हमारी ये ताकत है, भारत की विविदता
09:31और विविदता में एक्ता, दुनिया ने हमेशा मत, मधब और आस्था के नाम पर टकराव देखा है
09:43लेकिन इस मुजियम में, भारत के दुसरे सभी धर्मों के भी गवरवशाली दर्शन होते हैं
09:52वैदीक और बाउद परंपरा, बेद, पुराण, आवरवेद, योग, दर्शन, विबिन्न परंपराओं के सभी रंग
10:04एक साथ इंद्र धनूश की तरह उपस्तिद हो, ये भारत में ही हो सकता है
10:11साथियों, आज दुनिया में, जिस तरह के हालात हैं, जिस तरह विश्व, अस्तीरता और रसांती के आग में जुलस रहा
10:23है
10:23इस मुजियम की विरासत, इसका संदेश, केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी बानवता के लिए बहुत एहम है
10:34हमारा प्रयास होना चाहिए, दुनिया के देशों ते, यहां आने वाले जिग्यासू, स्टूडेंस, और रिसर्टर्स की संख्या और बड़े
10:48जो लोग यहां आये, वो भारत की जैन धर्म की सिक्षाओं को, विश्व के कौने कौने में पहुचाए
10:58साथियों, भारत में गिनान हमेशा से, एक मुक्त प्रवार रहा है
11:04हर यूग में, तिर्थंकरों और रुश्यों मनिश्यों का अवतार हुआ
11:10गिनान का संकलन बढ़ता चला गया, समय के साथ बहुत कुछ नया जुडता गया
11:18आप कलपरा करिए, एक समय हमारे तक्ष शिला, नालंदा जैसे विश्व विदाले, लाखों, ग्रंथों और पंडू लिप्यों से बड़े होते
11:32थे
11:32लेकिन विदेशी आकर्मनकारियों ने मजभ़भी संक्रिनता में ज्यान को भी अपना दुश्मन मानकर उन्हें जला दिया
11:44मानवता कि कितनी बड़ी धरोरे नस्ट हो गई
11:49उस मुश्चिल दौर में लोगों ने पीडी दर पीडी बची हुई पांडू लिप्यों को सहजा उनकी रक्ष सुरक्षा की
11:59आजादी के बाद उन्हें खोजना उन्हें सहजना ये देश की जिम्मेदारी होने चाहिए थी
12:09लेकिन दुर्भाग्य से गुलामी की मानसिक्ता के कारण इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया
12:18आचार्य भगवन स्री पद्मसागर सुरिस्वर्जी महराज साब जैसे महान व्यक्तित्वों और संतों ने इसका महत्व समझा
12:31उन्होंने अपना पूरा जीवन इसके लिए समर्पित किया जीवन के साड़ साल गाउ गाउ शहर शहर देश के कोने कोने
12:45से उन्होंने मैनिस्क्रिप्ट को खोजा
12:48ऐसी तील लास से अधुक पंडुलिप्या ताड़ पत्र भोज़ पत्र परंकीत शैकडो साल पुराना वो ग्णान आज कोबा में सुरक्षित
13:03और संकलित हुआ है
13:05ये भारत के अतीत की भारत के वर्तमान की और हमारे भविश्य की बहुत बड़ी सेवा है
13:14साथियों पुरानी सरकानों ने पंडुलिप्यों की उपेक्षा करके जो गल्ती की थी आज हम उसका सुधार कर रहे हैं
13:28हमने इसके लिए गिन्यान भारतम मिशन सुरू किया है
13:35हम टेकनलोजी का इस्तेमाल कर रहे हैं इस मीशन के तहर प्राचिन पांडुलिप्यों का
13:44डिजिटाइजेशन किया जा रहा है उनका वेगिनानिक तरीके से सवरक्षन हो रहा है
14:01इसी रविवार को मन की बात में मैंने विस्तार से जिक्र किया है
14:07कि कैसे इस दिशा में एक सर्वे भी शुरू किया गया है
14:12इसमें देश बर से लोग अपने पास समरक्षित पांडुलिप्यों को अपलोड कर रहे है
14:19इस अभियान देश के कौने कौने में बिखरी पांडुलिप्यों को एकत निच करने में बड़ी भूमी का निभायेगा
14:29साथियों सरकार के स्तर पर गिन्यान भारतम मिशन और कोबा तिर्जका और साधारन योगदान
14:39समाज और सरकार के इस साजा प्रयास भारत के नए सांसकृति अभ्युदाई का प्रतिक भी है
14:51साथियों आदेश के कल्चरल हेरिटेज को सहज ने विश्व के सामने लाने के प्रयास हर सर पर हो रहे हैं
15:01पांडुलिप्या और गिन्यान दरोर के सवरक्षा का कारियत हो ही रहा है
15:07इसके साथ साथ प्राचिन मंदिरों का पनरुदार तीर्थ छेत्रों का विकास
15:16एकिहासिक थलों का विकास आईरवेद और योग का प्रचार प्रसार हर स्तर पर इस दिशा में काम हो रहा है
15:27यहां गुजरात में ही लोथल में विशाल मेरिटाइम मुजियम बन रहा है
15:36और यह दुनिया का सबसे बड़ा मेरिटाइम मुजियम बनने जा रहा है
15:41यहां से 70-80 किलोमेटर दूरी पर है
15:43उधर बढ़नेगर में एक बहुत बड़ा मुजियम बना है
15:50वो दुनिया के अच्छे मुजियम है में उसकी जगा बन चुकी है
15:54दिल्ली में यूगे-यूगेन भारत मुजियम बनाने की भी तैयारी है
16:00आज पहली बार आजाजी की लड़ाई के इतिहास को भी समगर रूप में सामने लाने के लिए सार्थक कार्य हुए
16:11है
16:11आपको याद होगा पहले ये काम राजनेतिक चस्पे से होते से
16:18एक राजनेतिक परिवार का नेरेटिव कैसे सैट हो
16:23वोट बेंक के हिसाब से बाते कैसे बोली जाएं सब कुछ इसी के इर्दिगिर गुमता था
16:30हमने इस मानसिक्ता को समाप्त किया है
16:34हम सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ चल रहे हैं
16:39यही मंत्र विक्सित भारत के वीजन की आप्मा है
16:44साथियों आप सभी संतगा भारत की विरासत तो संजोने का इस्तना महान प्रयास कर रहे हैं
16:54हम व्यक्तिकत आकांचा से उपर उठकर
16:56समाज और रास के लच्छों के लिए काम करते हैं
17:02तो देश के विकास को गती और मिल जाती है
17:06इसी भावना के साथ मैं नवकार महामंतर दीवस पर दिल्ली में हुए कारकम्य भी शामिल हुआ था
17:15इस आयोजन में चारों फिरके एक साथ जुटे थे
17:22उस एक्तिहासिक अउसर पर मैंने नव आगर किये थे
17:29नव संकल्प की बात की थी
17:32और जिसका उलेक अभी भी हमारे मुक्मंतरी भुपंद्रभाई ने भी किया
17:38मैं हर बार आपके सामने वो नव संकल्प जरूर दोहराता हूँ
17:44आज का यह उसर उन्हें फिर से दोहराने का भी है
17:49पहला संकल्प पानी बचाने का संकल्प
17:55दूसरा संकल्प एक पैड मा के नाम
17:59तीसरा संकल्प स्वच्छता का मिशन
18:03चौथा संकल्प वोकल फोर लोकल
18:07पाँचमा संकल्प देश दर्शन
18:11छट्था संकल्प नेचरल फार्मिंग को अपनाना
18:16सात्वा संकल्प हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना
18:21आठवा संकल्प है योग और खेल को जीवन में लाना
18:26नवा संकल्प है गरीबों की सहायता का संकल्प और दस्वा संकल्प आप सभी ने स्वयम से जोड़ लिया है और
18:39वो है भारत की विरासत का सवरक्षण
18:44आज का ये कारकम इसी का प्रतिमीम है साथ यों आने वाले समय में हमारे सामने बड़े लक्ष है हमें
18:56बड़े संकल्पों को पूरा कर रहा है हमारी एक्ता हमारे सांसकुर्थिक संबल ही इसमें हमारी ताकत बनेगा
19:06मुझे विश्वाथ है कि समराट संप्रति मुजियम आने वाले समय में इस दिशा में एक महत्वपों भूमी का निभाएगा
19:19यह ज्ञान साधना और संस्कृति का एक ऐसा केंद्र बनेगा जहां से नई पीड़ी को प्रेणा मिलेगी और समाज को
19:32एक नई उर्जा मिलेगी
19:33इसी विश्वाथ के साथ मैं आप सभी को इस महत्वपों कारे के लिए एक बार फिर से बहुत बहुत बढ़ाई
19:44देता हूँ
19:45अन्य साथे साथे बढ़ाने आगर अपन करूश हूँ
19:52के मारा साहे बदा बदू करियू पर आपने जोवानोय टाइम ना आप ये केम चाले है बदूमा बदू लोकोई आवे
20:04अन्य जोईने जतारे उन्याई जानवानी कोशिस करे
20:11समझवानी कोशिस करे अएक अमूल्य खजानों छे अन्य वो इच्छू के गुजरात मा दर एक पीडी ना लोकोई परिवार साथे
20:26ही आवे
20:28एन्य मन भरी ने जुवे गिन्यान अन्य महान विरासत्तों गव्रव करे अन्य मारे माटे आजे महवेर जैन्ती अनेक रिते शूब
20:44से
20:45कारण के यहां गांदिनेकर मा आवतानी साते गुजराती दर्ती पर पर मुपतानी साते पहलो कारिकम जडो थी जोडावानू जड से
20:59जुड़ना
21:01अने इती अमना सानन जाऊचु त्या बीजो कारिकम जडो जगत से जुड़ना
21:11अईया महान सांस्कुर्दिक परंपराओ भव्य भुत्कार एनी साथे आचमन लिदू अने सानन मा जैने विश्वनी आधुत्न जनिकमा आधुनिक टेक्नोलोजी
21:26चीपस्णा निर्बार दूद्गाटन थही देःुचे सेमीकंडक्टन थुद्गाटन थेःुचे
21:32अईया जडो थी जड़ावानू क्या हां थी जगने जड़ोवानू अनि या बदु गुजरातनी धरती पर थे देः थे बवचे भारतनी
21:42धरती पर थे रे हूचे
21:44आप सवने खुब खुब खुब कामना हो, खुब खुब धन्यवाद, जाए जिने इंद्रा, जाए जिने इंद्रा.
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