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  • 6 hours ago
हनुमान बनने से क्यों झिझके थे दारा सिंह? जानिए इसकी पूरी कहानी

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00:00पहलवान दारा सिंग का सबसे यादगार किरदार 1986 में आई बियार चोपडा की रामायन में था
00:05दर्शक उन्हें हनुमान समझ कर पूजने तक लगे थे
00:08लेकिन दारा सिंग ने शुरुआत में ये रोल रिजेक्ट कर दिया था
00:11उन्होंने डारेक्टर रामानंद सागर को कहा था
00:13मैं 60 साल का हो चुका हूँ
00:15आपको किसी यंग लड़के को कास्ट करना चाहिए
00:17लेकिन रामानंद सागर उन्हें कास्ट करने को लेकर अड़े हुए थे
00:20उस वक्त हर किसी ने रामानंद सागर को दारा सिंग का नाम सुझाया था
00:24ये वहीं दारा सिंग थे जिन्होंने 200 किलो के किंग कॉन को उठा कर फेंका था
00:28वो महा बलशाली हनुमान के रोल के लिए पर्फेक्ट चॉइस थे
00:30पहले से स्क्रीन पर भीम, शिव और बजरंग बली का रोल प्ले करना उनके फेवर में गया
00:34एक इंटर्व्यू में दारा सिंग ने बताया था कि हनुमान बनने में उन्हें 4 घंटे लगते थे
00:38उनके चहरे पर मोल्ड मास्क लगा रहता था
00:40इसलिए दारा सिंग सेट पर करीबन 8 से 9 घंटे भूखे रहते थे
00:43उस दौर में VFX और मेक अप को लेकर ज्यादा फैसिलिटी नहीं थी
00:46हनुमान के गेट अप में आने के बाद दारा सिंग को पूँच की वज़ह से बैटने में भी परिशानी होती
00:50थी
00:51पूँच की वज़ह से होने वाली दिक्कत के चलते दारा सिंग के लिए सेट पर अलग से स्टूल रखा जाता
00:55था
00:55इसमें उनकी पूँच के लिए अलग से जगह बनाई गई थी
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