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  • 5 hours ago
Naxalism in India: भारत को कैसे मिली नक्सलवाद के आतंक से आजादी? देखें

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00:10पाँस
00:24उनके हत्यार वापीस लिए गए
00:26नकसल्यों के हद में हत्यार थे
00:28इन्होंने चून चून कर सलवा जुड़म में लूचे जुड़े हुए रोगों को मार दिया
00:35और वोही सुदर्शन डेड़ी वीपक्स का उपराश्ट्रपतिपत के प्रत्यासी बने मान्यवर
00:47एक सो बहत्तर जवानों को मानने वाला हिड़मा जब मार गया इंडिया गेट पर नारे लगे
00:55कितने हिड़मा मारोगे हर गर से निकल लेंगे हिड़मा एफ वीडियो को राहूल गांदी ने स्वयम फीट किया है
01:0936 गड़ कॉंग्रेस की सरकाव ने नकसल वादियों को बचा कर रखा
01:19आपकी मानवता सम्विधान तोड़कर हत्यार लेकर गुमने वालों के लिए हिए
01:26इनके हत्यारों से जो नागरिक मारे जा रहे है
01:30इसके लिए आपकी मानवता नहीं है
01:34मानवता के दोहरे चरित्र को मैं स्विकार नहीं करता मानेवर
01:38ये मानवता वादि नहीं है नकसल यो के समरता कर
01:45हमने लक्स किया था कि 31 मार्च को नकसल मुक्त करे
01:50मैं पूरी व्यास्ता होने के बाद देश को भी सूचीत करूँगा
01:54मगर मैं ऐसा बोल सकता हूँ धबलने से बोल सकता हूँ
01:57कि हम नकसल मुक्त हो गए हैं ऐसा कहने में कोई तक नहीं है
02:06नमस्कार आप लेक्रियास तक मैं हूँ आपके साथ अमान शुदक्षित
02:09और आज इस पुलेटरी में बात करेंगे उससे एक खास जीत की
02:13जीत नकसलवात या तंक से जीत नकसलवात की आजादी की
02:19लोग सभा में नकसलवात के मुद्दे पर बोलते हुए
02:23ग्रेमंतरी अमिर्शा ने भारत को नकसलवात से मुद्दी का एलान कर दिया
02:28ग्रेमंतरी ने लोग सभा में साफ साफ कहा
02:30कि आज भारत नकसल मुद्द हो चुका है
02:34अब आम लोगों की अत्या करने वाले माववादी खत्म हो गए है
02:38ग्रमंत्री ने देश को नकसल मुक्त करने के लिए 31 मार्च तक की डेडलाइन दी थी
02:43अपने जवाब में ग्रमंत्री ने 2014 के बाद से नकसलियों के खात्मे के लिए बनाए गए प्लैन के बारे में
02:48भी बहुत विस्तार से जानकारी दी
02:53तो उनकी पॉलिट्बुर्व मेंबर और सीमसी ये पूरा समाप्त हो चुका है और हमने लक्स किया था कि 31 मार्च
03:04को नकसल मुक्त करेंगे
03:05मैं पूरी विव्यास्ता होने के बाद देश को भी सुचीत करूँगा मगर मैं ऐसा बोल सकता हूँ धडलने से बोल
03:14सकता हूँ कि हम नकसल मुक्त हो गए हैं ऐसा कहने में कोई तकलिए
03:20कि 36 गड़ के बस्तर में उनका होम मिनिस्टर होता था उनका नियाय मंत्री होता था उनका लुटे हुए अनाज
03:28को बांटने वाला खाद और आपूरती मंत्री होता था एक जनताना सरकार के नाम से एक ब्रांती खड़ी करी और
03:37मानिवर विकास की योजनाओं को इन्होंने र
03:50सम्विधान का व्यक्यूम खड़ा करना का कोई चुनाओं न लड़े मत्नान नहीं होने देंगे सरपंच कोई नहीं होगा तैसिल पंचायत
03:58जिला पंचायत का सदस्य नहीं होगा विधायक वो चाहते हैं वो ही जीत कराएंगे किस प्रकार की वियोस्ता खड़ी करना
04:05चाहते
04:06और इसका समर्थन कैसे हो सकता अब कह रहे बातचीत करो जो कह रहे उनको मैं बताना चाहता हूं मैं
04:1450 बार कह चुका हूं सारोजनिक मंचो पर बस्तर में जाकर बस्तर के हर तैसिल में जाकर कह चुका हूं
04:22हत्यार डाल दीजिये सरकार आपके पूरे पुनवसन की विवस्ता कर
04:27करेगी मगर हत्यार नहीं डालेगी मानेवर हमारी सरकार का पॉलेसी है चर्चा उसी से होती है जो हत्यार डालता है
04:38जो घोली चलाता है उसको जवाब घोली से ही दिया जाता है कि नक्सलवाद का मूल कारण
04:46विकास की डिमांड नहीं है एक आइडियोलोजी जिस आइडियोलोजी को अपने राष्ट्रपती पत का चुनाव जितने के लिए
04:561970 से इंदीराजी ने स्विकार कर लिया वामपन्थी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फेला रहे
05:09कि नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है लोग सभावे नक्सलवाद को लेकर शाहने कौंग्रेसी नहीं बलकि वामपन्थियों को भी जिबदाय
05:17ठैराया
05:17पिछले कई दश्कों से नक्सलियों का सबसे ज़्यादा आतंग 36 गड़ में था
05:34आकिर लाल आतंग क करनाब बने नक्सलवाद से आजादी कारत क्या है तो देखिए बदलाव की तस्वीर अबूच मार की
05:42जंगलों से
06:01आतंग से नक्सलवाद लगभग लगभग समाप
06:09बस्तर के अंदर हर गाओं में एक स्कूल बनाने की मुहिम चली
06:16बस्तर के अंदर हर गाओं में रासन की दुकान खोलने की मुहिम चली
06:24हर तैसिल पंचायक में पीएसी, सीएसी बने
06:28ग्रिहमंत्री ने कल संसप में दावा किया कि बस्तर में नकसलवाद खत्म हो गया है
06:33इन दावों की हकीकत जानने के लिए आज तक की टीम पहुँची
06:3736 गड़ के अबूजमार
06:40अबूजमार वो जंगल जिसके लिए कहा जाता था
06:43यहां तो सिर्फ नकसलियों की ही हुकूमत है
06:45यहां सरकार भी नकसलियों की थी
06:47और यहां पर हम अभी नारायनपुर से कुछ 30 किलोमेटर की दूरी पर अबूजमार शुरू हुआ
07:13और अबूजमाड के जो घने जंगल हैं हम उन घने जंगलों के 25 किलोमेटर अंदर हैं और ये 25 किलोमेटर
07:20इसलिए बहुत क्रूशल हो जाते हैं क्योंकि नकसल मुक्त भारत की ये बहुत बड़ी निशानी है कि आप अबूजमाड के
07:27अंदर जा पा रहे हैं ये अबूजमाड
07:29जो Amazon कहलाता है पूरे इंडिया का इतना घना है इतना बड़ा है और इतना लंबा है stretch wise कि
07:37इसे ही नकसल जितने भी नकसली है उन्होंने अपना अड़ा बना के रखा था सालों साल तक
07:44यहां से अब जरा सा रैंडमली हमने एक पिट स्टॉप लिया है और हम यह देखना चाहते हैं कि जब
07:50यह अनाउंस्मेंट अमिच शाजी ने कर दिया है कि नकसल मुक्त भारत हो चुका है तो इन गाओं में क्या
07:55मौहौल
08:03जिन गाओं में नकसलियों का खौफ होता था वहां अब बिल्कुल शांती है लोग बता रहे हैं कि पहले नकसली
08:10गाओं में आकर राशन मांगते थे मारपीट करते थे
08:15काओं किस तरह से बता रहा है पहले क्या था बहुत डर में रहते थे जी पहले बहुत डर था
08:20मैं कैसे कैसे डर था ये लोग कभी भी आ जाते थे नकसली लो जी क्या मांगने आते थे चावल
08:27अगरा देते थे चावल रोज मांगने आते थे और नहीं देते थे तो
08:33मारते थे में
08:34मारते थे
08:36अच्छा
08:37राशन नहीं देते थे राशन मंगने आते थे रोज
08:39नहीं देते थे तो मारते थे
08:42अच्छा और अभी क्या हो गया है
08:44अभी यहाँ पे आश्रम का स्कूल
08:45तो पहले से था बाकी सरकारी स्कूल भी आ रहा है
08:48यह आ रहा है
09:01यहां पेले से आस्पिटल था आश्रम में अच्छा आश्रम में था
09:14नकसलियों के हुकूमत हिंदुस्तान के सम्विधान का विरोध करने से ही चलती थी
09:17नकसलियों को भारत के सम्विधान पर कोई भरोसा नहीं था
09:21इसलिए उन्होंने हमेशा लोकतंत्र का विरोध किया, लोकतंत्र का सबसे पहला स्टंब है पंचायत, नकसलियों ने इन इलाकों में कभी
09:29पंचायत स्थापिती नहीं होने दी, लेकिन अब नकसल मुक्त होने का बड़ा लक्षन ये था इस गाउं की पहली महिला
09:36सरपंच, ना
09:50में पहले तो मारते हैं, काटते हैं, पूरा मिटिंग करते हैं, नकसलियों मन पूरा गाउं वाला को जम्मा करके पूरा
09:58करते हैं, अब भी तो गाउं गाउं में गाउं में गेम बेटे तो तो हर गाउं बदल गया मेडम, अच्छा,
10:04पंचाय वाला पिपंचाय वाला पिपं
10:27कामवाले बहुत खुछ हैं बताते हैं कि इन इलाकों में शाम होते ही लोग घरों के अंदर दुबग जाते थे
10:33कि नजाने कब नकसरी हमला कर दें लेकिन अब सरकार के काम सरकार की योजनाएं यहां तक पहुंच रही हैं
10:40नकसरियों का खौफ तो खत्म ही हो गया है नकसरियों का नामलेवा भी अब अबू जमार में नहीं बचा है
11:08गाउं की कच्ची पंखडननिया पक्की सडकों में बदल चुकी है
11:11गाउं में बाकाइदा बसे चल रही है
11:13सरकार की तरफ से स्कूल भी खुला है
11:15एक बच्ची हमें स्कूल जाते हुए दिखी
11:19तो हम भी उसके पीछे-पीछे स्कूल पहुँच गए
11:21शाश्कीय प्रात्मिक शाला एरगभटी
11:24जहां कभी नकसलियों की बंदू के गरचती थी
11:27वहां आज बच्चों के पढ़ने की आवाज आ रही है
11:51स्कूल की टीचर भी बता रही है
11:53कि कभी इन इलाकों में नकसलियों का खौफ था
11:55लेकिन अब तो किसी बात का डर नहीं है
11:59अब अच्छा लग रहा है
12:00मैं पहले तो बहुँच डर रहता था कि
12:02कहीं निकलते थे घर से
12:04तो कोई ऐसा नकसलियों का डर था पहले
12:09तो अभी तो ऐसा नहीं है
12:10मैं सब खुल करके रह रहे हैं
12:12हम लोग भी पढ़ाने आते हैं
12:14तो एकदम खुल के आते हैं
12:16अच्छा लगता है
12:23यही तो है विकात की निशाने
12:25सलक, स्कूल, अस्पताल
12:27प्रात्मिक स्वास्तकेंदर बना हुआ है
12:29अभी हाल ही में बनकर तयार हुआ है
12:31हम अंदर पहुँचे तो देखा
12:32कि दवाईों के सप्लाई पूरी है
12:34पेशन्ट एक दो ही थे
12:36कारण पता किया तो पता चला
12:37कि अभी ये पिएच्टी नया खुला है
12:39इसी लिए लोगों को ज़ादा जानकारी नहीं है
13:02सबहेज़वाय जाता है
13:03लोग कितने आते हैं
13:05रोज यहां आते हैं ट्रीटमेंट के लिए
13:06यस मैं रोज एक दो आते हैं
13:09अभी पता निए
13:10अगर न्यू न्यू खुला हुआ है ना
13:12जब पुराना हो जाएगा तो आदिर लगते हैं
13:16सरकार के दावे सही लगते हैं
13:18जिन इलाकों में किसी जमाने में जाने से भी डर लगता था
13:21वहां विकास की ऐसी बयार बह रही है
13:23सरकार ने एक तरफ नकसलियों को कुछला
13:25और दूसरी तरफ इन नकसल प्रभावित आदिवासी इलाकों में
13:29विकास पर अपना फोकस रखा
13:30इसी का नतीजा है कि अबू जमार से नकसल बाद पूरी तरह से खत्म हो गया
13:36यहां पर यह सारी चीज़ें एक सपना हुआ करता था
13:38और यहां के लोगों ने शायरी यह सपना देखा भी नहीं होगा
13:41क्योंकि उन्हें लगता था कि यह भी चीज़ पॉसिबल नहीं होगी
13:44क्योंकि नकसल बाद खत्म नहीं होगा
13:46बूजमार से तो नहीं होगा भले बाकी जगों से हो जाए
13:49तो यहां से यह चीज़ देख पाना
13:53यह चीज़ महसूस कर पाना
13:54और यहां के लोगों में अभी भी उस चीज़ की अवेरनेस
13:56धीरे धीरे बिल्कुल निर्मित हो रही है
13:58कि जब उन्हें कोई दिक्कत हो तो उन्हें
14:00पीएससे सेंटर आना है अपने उपचार के लिए
14:02तो बदलाव है, बदलाव में बहुत समय लगता है
14:04लेकिन अभूजमाड में ये बदलाव काफी जल्दी देखा जा रहा है
14:08अपने आप में ये एक बहुत अच्छी, हमारा एक बहुत अच्छा तजुर्बा रहा अभूजमाड आने का
14:14क्योंकि ग्राउंड रियालिटी जिसे हम समझते थे
14:16जो बिल्कुल एक राउनस जो इस ग्राउंड रियालिटी की है वो आज हमने देखी
14:21मैं सुमी केवल पटेल, विडियो जॉनलिस्ट रागुहिंदर पांडे के साथ
14:24अभूजमाड से आज तक
14:28जितेंदर बादुर सिंग हमारे सायोगी इस वक्त हमारे साथ में जड़े हुए
14:30उनसे हम बात करते हैं
14:33जितेंदर ब्यामलतरी अमिज शाने देश को नक्सल मुक्त करने के लिए
14:3531 मार्च तक की डेडलाइन दी थी
14:37और अब वो संसर्ट में कहे भी रहे है
14:39कि जो हमने कहा था
14:41वो पूरा हुआ है
14:42बहुत कुछ बदलाव की तस्वीर हमने देखी
14:44जब आस तक की भी टीम वहाँ पर पहुची
14:46अबूज मार्च के जंगलों में
14:47वहाँ देखा चुटे चुटे बच्चे अब स्कूल जा रहे हैं
14:50लूबक सीख रहे हैं
14:51उनको कुछ न कुछ ट्रेनिंग दी जा रही है
14:54ताकि वो मुख्यधारा में आ सके
14:55और ये बहुत बड़ा परिवर्तन है
14:56जो सालों से सपना देखा जा रहा था
15:00बिल्कुल हिमानशु जिस तरीके से
15:02हमने भी करीब 10 से 15 बार
15:04अबुजमार के जंगलों का जो पूरा
15:05इलाका है एक समय ऐसा था
15:07कि नरायनपूर, बीजापूर या फिर सुकमा
15:10इन तमाम इलाकों में जा करके
15:12इसी ती ऐसी होती थी कि वहाँ पर
15:14घुसना जो है मुश्किल रहता था
15:15लेकिन अब जिस तरीके से
15:17वहाँ पर operations हुए है
15:19और सबसे बड़ी बात यह है
15:20कि इसको सफल उस तरीके से बनाया गया
15:23कि अबुजमार के जंगलों में
15:25forward operating base बनाया गया
15:26security forces के, चाहे वो CRPFO,
15:29COBRA हो, इसके साथ BSF, ITBP
15:31इन तमाम paramilitary forces के
15:34forward operating base बनाया गया
15:35और इसका सीधा मकसद यह था
15:37कि यहाँ पर सुरक्षा बलों की
15:39धमक नजर आनी चाहिए
15:40जिससे कि जो वहाँ नक्सली जो है
15:43बड़े अस्तर पर अपने कैम बना रखे थे
15:45उनको जो है वहाँ से हटाया जा सके
15:47और यही रणनीती अपनाई गई
15:49जो पिछले 35 से 40 सालों से
15:51नहीं हो सका था
15:53वो जो है 35 महीनों में
15:55उसको बड़े अस्तर पर पूरा गया
15:57जब ग्रे मंत्री अमिच्छा ने
15:5924 अगस 2024 को
16:01यह कहा कि 31 मार्च
16:032026 तक पूरी तरीके से
16:05नक्सलवाद खत्म कर दिया जाएगा
16:06और उसकी डेडलाइन उनके द्वारा तैकी गई
16:09तभी इस बात के बड़े अस्तर पर
16:11अनुमान लगाये जा रहे थे कि
16:12इसको किस तरीके से खत्म किया जाएगा
16:14लेकिन ग्री मंत्री ने इसको ले करके
16:16बड़ी बैठके की लगातार जो
16:18सिक्योर्टी फोर्से के साथ
16:20उन्होंने कारवाई करने का
16:22अपडेट लिया और उसके बाद हमने देखा
16:24कि ग्री मंत्री ने खुद ऐलान कर दिया है
16:26कि किस तरीके से नक्सलवात
16:28खत्म हुआ इस दोरान बड़े बड़े
16:30नक्सली कमांडर धेर किये गए
16:31इसके साथ ही इस नक्सली इलाकों में
16:34आधुनिक तक्नीकों का भी इस्तेमाल किया गया
16:36एक वक्त ऐसा था कि जब नक्सली इलाके में
16:39सिक्योर्टी फोर्से जाते थे
16:40वो जो माइन्स प्रोटेक्टेड वहिकिल होती थी
16:44उनको भी नक्सलियों के दोरा
16:58वो आर्मर्ड वहकिल होता था
17:00तो सिक्योर्टी फोर्सेस को इस तरीके से
17:02मजबूत किया गया और मजबूत करने के बाद
17:05इन तमाम इलाकों में
17:07सुरक्षा बल जो है वो अंदर तक गुसे
17:09और उसके बाद एक बड़ा ओप्रेशन
17:11कोर्राई गुट्टा की पहाड़ियों में
17:13उप्रेशन ब्लैक फोरेस्ट चलाया गया
17:15जो की एक डिसाइसिव उप्रेशन था
17:18जिसमें 31 नक्सलियों को ढेर किया गया
17:20और हिमानसु ये जानकर हरानी होगी
17:23कि 21 दिनों तक ये उप्रेशन
17:2510 हजार के आसपास
17:27security forces के जवानों ने चलाया
17:29उसके बाद ये 50 किलो मीटर
17:31लंबी जो पहाड़ी थी उसको
17:33खाली कराया गया नक्सली इस दवरान
17:35जो है वो तितर बितर हो गए फिर
17:37pinpointed operation हुए और इतनी बड़ी
17:39सफलता मिली कि जिसमें
17:41हिडमा जैसे जो खुखार नक्सली
17:43कमांडर थे उनको धेर किया गया
17:44और ऐसे ही तीन सालों में हमने
17:47देखा कि साड़े चार हजार के आसपास
17:49नक्सलीों ने सरेंडर किया
17:50साथ सो ज्यादा नक्सलीों को धेर किया गया
17:53और बाइस सो से ज्यादा नक्सलीों को
17:55गिरतार किया गया तो एक ये बड़ी
18:13लोगों का बलिदान लगा, कितनी लोगों का सर्वस्व नौचावर हो गया नकसलवा के खात्मे के लिए
18:18और यह बहुत बड़ी बात है जब सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है
18:22और आज तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग में वो दिख भी रहा है
18:24बहुत बहुत शुक्ति है जितन रापका हमारे साथ जुर्दे के लिए जौनकारी के लिए भी
18:29तो देखे जिन परिवारों के बच्चों को नकसली पकड़ कर ले जाते थे
18:33उनकी पढ़ाई अदूरी चूड़ी जाती थी
18:35वो नकसली तो बन जाते थे लेकिन विकास की दोड़ में पिछड़ जाते थे
18:39अब सरेंडर के बाद इन्हें कोशल विकास की ट्रेनिंग दी जा रही है
18:42बहिलाओं को सिलाई सिखाई जाती है परुशों को शिल्पकला सिखाई जा रही है
18:46कोशी शवन पढ़ाई के साथ मुखिधारा से जोड़ा जा सके
18:59बस्तर वाले इसलिए छुट गए थे
19:01कि वहाँ लाल आतांग का परचाया था
19:06इसलिए वहाँ विकास नहीं पोचा था
19:08लाल आतांग का परचाया
19:11विकास नहीं है इसलिए नहीं गया था
19:16लाल आतंग का परचाई वहाँ पढ़ा था इसलिए विकास नहीं पहुचा था अब आज परचाई हट गई है और बस्तर
19:25विक्सीत हो रहा है मानिवर बस्तर में विकास
19:2936 गड़ के बस्तर को विकास की दौड में शामिल करने के लिए ही सरकार ने पहले यहां से नकसल
19:35बात को खत्म किया नकसलियों का सरिंडर करवाया और अब सरकार इन नकसलियों के लिए पुनरवास का काम भी कर
19:42रही है
19:42यह 36 गड़ के बस्तर कांकेर का एक कोशल विकास प्रस्टिक्षन केंदर जहां सरिंडर कर चुके नकसलियों को ट्रेनिंग दी
19:50जा रही है
19:51उनकी क्षमताओं को आखा जा रहा है उन्हें कुछ नया सिखाया जा रहा है यह कभी एक PSF का कैंप
19:57हुआ करता से अब यहां पूर्ब नकसली, सिलाई, बुनाई, पढ़ाई और शिल्फकला सीख रहे है
20:04सरकारी कागजों में इसे कौशल विकास का नाम दिया गया है लेकिन हकी हकीकत में ये दो शब्द के माइने
20:09काफी जादा गहरे है
20:11इस प्रयोक्षाला में और कहें भी क्यों ना इसे प्रयोक्षाला क्योंकि यहां पर कोशल विकास से जादा, रोजगार से जादा
20:19इंद्रियों को बदनने की एक मनो वग्यानिक युध चल रही है
20:23यह ऐसी युध है, यह ऐसे एक अंतर कलह से गुजर रहे हैं, एक इंटरनल कॉन्फिक्ट से गुजर रहे हैं,
20:31जो इन्हें अपने आप से, अपने दिमाग से जीतनी हैं, बिल्कुल उसी दिमाग से जीतनी हैं, जो इस दिमाग ने
20:36इन्हें एक टेहनी के टूटने की आहट पर
20:38पंदुक तानना सिखाया था, जिस दमाग ने इनहें बंधक बना लिया था, अब इसी दमाग से इनहें उस जंग को
20:46जीतना है, जो ये काफी अर्से से अपने अतीत को पीछे छोड़ कर आए हैं।
21:15यहां पर कैसा लगता है, किस तरह की शांती महसूस होती है, शांती से डर लगता है या यह शांती
21:21सुकून देती हैं।
21:38इसका मकसद क्या है, शिल्पकला यहां पर सीख कर क्या करेंगे, कहां जाएंगे, बाहर आपको लगता है यह शिल्पकला आपको
21:44एक अच्छा रोजगार दे सकती है, बाहर की दुनिया में।
21:47हां, हम लोग यह सिल्पकला सीख करके, आगे हमारा जीवन कर सके करके, हम लोग यह सिल्पकला को सीख रहे
21:58हैं।
21:59यह महिलाएं भी नकसलियों के दलम का हिस्सा थी, वहां इन्हें बाकी कामों के साथ सिलाई का काम भी दिया
22:05गया था।
22:06यह पहले नकसलियों की वर्दी सिल्ती थी, अब ब्लाव सिल्ती हैं।
22:29तो बहुत अच्छा लगता है, और बिलाव जू पहन के साड़ी के साथ भी अच्छा दिखती है।
22:36अच्छा, अखुद को बहुत सुन्दर लगते ह।
22:37यह सुन्दर लगते ह। मैं एन्ना में देख के मैं बहुत सुन्दर दिखती ह।
22:44वहाँ वर्दी बनाते थे बैग बनाते थे तो बैग किस तरह से बनाते थे आप वहाँ पर क्या एक ही
22:48साथ सामान उस बैग में आजा उस तरिके का बैग बनाते थे अब सब के लिए
23:12यहाँ पूर्व नक्सली पढ़ना भी सीख रहे हैं
23:14बहुत से ऐसे हैं जिनोंने पढ़ाई अधूरी छोड़ दी
23:17अब सरिंडर कर चुके हैं तो पढ़ाई भी फूरी करने का मौका मिला है
23:21सुगदुराम पेत्डा एक बड़े नक्सली के गन्मेन थे
23:24अब यहाँ समाज का अधियन कर रहे हैं
23:28सुगदुराम पद्दा जी हमारे साथ जुड़ रहे हैं
23:30समाज का अधियन भारत और उसके आगे
23:34यह केताब जिसको रोज हो यहाँ पड़ते हैं
23:37समझते हैं और उसे महसूस करते हैं आज हम उनसे बात करेंगे आप जब दलम में थे तो क्या काम
23:45करते थे आपका क्या हिस्सेदारी क्या जम्मेदारी होती थी वहाँ पर दलम में जब काम करते थे
23:50वाम लगका जम्मेदारी होती थी, इसी स्काउड जाना है, इसी चट पकड़ की जाना है
23:57और गाउं में भी जाना है, तो गाउंवालों को मीटिंग करना, संगाटित करना इसी जम्मेदारी था
24:06और मैं गनमेन भी था, एक सार जै सका हूँ, शुकलल का
24:11किसमें गनमान थे आप शुकलल का अच्छा जे वह बहुत बड़े काडर मेंबर रहे ना जे वहाँ अभी तेलेंगा ने
24:21वहाँ गड़ सीरो लेंगा जाके समरपन किया है वह अभी अच्छा जे उनके गनमान रहना कैसा लगा था आपको मतलब
24:28किस तरह का कारेशयली होती थी �
24:42कुछ बरसों पहले तक बस्तर का मतलब होता था लाल आतन की परशाई नकसलियों का डर खुन खराबा जहां सरकार
24:49की नहीं नकसलियों की हुकूमत चलती सरकार ने देश से नकसलबाद खत्म करने के लिए
24:5431 मार्च 2026 के डेडलाइन दीथी और इस डेडलाइन तक 36 गर से तो नकसलबाद पूरी तरह से खत्म हो
25:00गया
25:01सारे नकसलियों का सरींडर हो चुका है उनका सश्यस्तरबल खत्म हो गया है
25:05यह जो इस्ट्रक्चर है इनका आम्ड इस्ट्रक्चर है यह स्ट्रक्चर समाप्त होना चाहिए हमारा इस्पष्ट कहना था यह आप जनता
25:13के बीछ जाकर क्या कहते हैं वह एक अलग मसला है लेकिन आप हतियार लेकर के जंगलों में घूमते रहें
25:18सिक्षा दूतों के गला का�
25:23आप अलग किसी समधान की बात करें यह समभव नहीं हो पाएगा चितिसगड़ में विधान सबाच चुनाओं से पहले मारणी
25:30प्रधान मंतरी जी का आना हुआ था उनने कहा था कि हम सरकार बनने पर नकसल बात समाप्त करेंगे मारणी
25:36केंद्रे ग्रे मंतरी जी ने कहा था स
25:37प्रश्चाइब करेंगे और यह भी कहा था कि चुटकियों हमें समाप्त करेंगे और उसके बाद नई सरकार बनी मानिय विश्ण
25:44देव साय जी का बड़ा मारदर्शन बड़ा फ्रीडम हम सब को रहा काम करने के लिए वर मानिय मुख्यमंत्री जी
25:51के मारदर्शन में हम तुट
25:53उन्हें मिलकर काम किया 24 अगस 2024 को जब मानिय केंद्रे गिर्यमंत्री जी हां आये थे तो उन्होंने मंच पर
25:59इस बात की गोशना की 31 मारद 2026 तक सरशर सिनक्सलिजम समाप्त हो जाए अबूच मार से आज तक के
26:07लिए सुमी की रिपोर्ट
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