00:11इरान जग में चौधरी बनने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को बैक तू बैक जटके लग रहे हैं
00:16पहला जटका इरान ने दिया जब उनसे दो टूक कहा कि जंग रोकने के लिए की जा रही कोशिशे पाकिस्तान
00:23की खुद की है
00:24इरान कैसे कोई लेना देना नहीं है वहीं जब इस्राइल की ओर से भी अब पाकिस्तान की शांती दूथ बनने
00:30पर सवाल उठाए गए हैं और भारत को इसके लिए बहतर विकल्प बताया
00:34इस्राइली विदेश मंत्राले की विशेश दूत फ्लूर हसन नहूम ने एक इंटर्व्यू को दौरान जंग में पाकिस्तान की मद्दस्ता को
00:42लेकर पूछे कैस सवाल के जवाब दिया
00:43उन्होंने का मुझे नहीं मालू कि पाकिस्तान को क्या लगता है कि वो क्या कर रहे हैं लेकिन मुझे लगता
00:49है कि उनकी कोशिश खुद को प्रासंगिक बनाने की है
00:52वो खुद जियादी आतंकवाद की दुनिया में एक बड़ी समस्या है
01:03अमेरिका इसराइल और इरान के बीच जंग बदस्तूर जारी है
01:07होर्मुस की खाड़ी लगभग ब्लॉक है
01:10तेल संकट से दुनिया तरा हिमाम कर रही है
01:12इन सब के बीच पाकिस्तान इस जंग को रुखवाने के लिए मध्यस्तता करने का दावा कर रहा है
01:18पाकिस्तान के इस कदम पर इसराइल ने उसे आयना दिखा दिया है
01:22इसराइल की विदेश मंत्राले की विशेश राजदूत
01:25फ्लेवर हसन नाहूम ने वेस्ट इशिया में जंग सुल्जाने में मध्यस्त के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर बड़ा
01:32बयान दिया है
01:35मुझे नहीं पता कि पाकिस्तान क्या करने की कोशिश कर रहा है
01:38मुझे लगता है कि वे खुद को प्रासंगिक दिखाने की कोशिश कर रहे है
01:43मुझे लगता है कि वे खुद ही जिहादी आतंगवाद की दुनिया में एक बड़ी समस्या है
01:47लेकिन वे कोशिश कर सकते हैं
01:50लेकिन मुझे नहीं पता कि वे इसमें सफल होंगे या नहीं।
01:53मुझे लगता है कि वे इस हलचल भरी दुनिया में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर खुद को शामिल करना चाहते हैं।
02:02बता दे कि पश्ची में इश्या में जारी तनाओं के बीच इसलामाबाद में बीतेर अविवार को एक एहन कूटनी तिक
02:07बैठक हुई थी।
02:08जिसमें मिस्त्र तुर्की और साओधी अरब के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया था।
02:13पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशागदार के अध्यक्षता में हुई ये बैठक, खारी शेत्र में तनाओं कम करने के मुद्दे पर
02:20चर्चा के लिए हुई थी।
02:38पाकिस्तान की मध्यस्ता की पेशक्ष को लेकर सवाल पर वो पहले ही बोल चुके।
02:43एश जैश शंकर ने मौझूदा जंग खत्म करने के लिए अमेरिका और इरान की वारता में पाकिस्तान की मध्यस्ता की
02:48सवाल पर दोटू कहा कि हम दलाल देश नहीं हो सकते।
02:52सूत्रों के मुताबिक इस दोरां जब विदेश मंत्री एस जाय शंकर से पूछा गया कि पियम मोधी ने ट्रम्प से
02:57क्या बातशेत थी जब पहले बातशेत हो ही तो इसपार एस जाय शंकर ने कहा कि यद् Andai खत्म होना
03:03चाहिए क्योंकि इससे सभी को नुक्सान हो रहा है�
03:18तो इसी पर हम बात करेंगे हमारे सही होगी आशितोष इस वक्त हमारे साथ स्टूडियो में जड़े हुए है आशितोष
03:23पाकिस्तान चौधरी बनने की कोशिश कर रहा था लेकिन आइना इरान की तरफ से भी दिखा दिया गया और इसराइल
03:28की तरफ से तो ऐसे शब्दों का �
03:30जो पाकिस्तान को इसको खुद आईने में देखे तो शरम आ जाए, जिहादी शब्द का इस्तमाल किया या क्या पाकिस्तान
03:36भूमिका बनाने की कोशिश कर रहा है?
03:38दरसल इसको नजर और नजर ये दोनों से देखने की जरूरत है इसलिए भी कहना था क्योंकि इसमें चोतरफा निंदा
03:45भी जहल रहा है इस हमले को ले करके दरसल शुरुआत इसलिए होई थी कि कल ही मेरे पास वो
03:49बयान है जिसमें 5-point initiative थे चीन और पाकिस्तान दोनों आये उन
04:29पाकिस्तान की भूमिका में आपने देखा कि सौधी के मंतरी वहाँ पर गए तुर्किये के भी देश मंतरी भी महाँ
04:34पर के गए
04:35इजित के मंतरी भी गए और खाडी के चाहे जितने भी देश हो जौडन से ले करके तुर्किये उसके बाद
04:41सौधी, कतर, युवेई, बहरीन, ओमान इन सब के बीच बाचीत होती रही और दूसरा मध्यस्तता किसी को तो करनी जरुआती
04:49पाकिस्तान के लिए क्यों नजरिये
05:03हो जाओंगा, दूसरा, अमेरिका से उसकी करीबी हाल फिलहाल में देखने को मिली हैं, आसिफ मुनीर अमेरिका जाते हैं, उसके
05:08बाद राश्पती टरंप पाकिस्तान की तारीफ करते हैं, वो शाबाज शरीफ की तारीफ करते हैं, तो उसे ऐसा लग रहा
05:13है कि एशिया में,
05:15क्योंकि साउथ एशिया में अगर आप देखेंगे, तो भारत से बड़ा लीडर कोई है नहीं, उसी के साथ साथ जो
05:19ग्लोबल साउथ है, इसमें भी भारत का एक नेत्रित जो है, वो स्वीकार है, और इसलिए भी क्योंकि अफरीका समय
05:26तमाम जो ऐसे देश हैं, ग्लोबल सा
05:42सता पर युद्ध रुख जाता, तो पाकिस्तान का रूल क्या हो जाता, तो वो कोशिज हो के ता नहीं, कि
05:47तु मान ना मान मैं तेरा महमान, कहीं अगर मेरी बात सुन ली गई, तो तुक्का खेला, उस तुक्के में
05:52ऐसा भी नहीं का बिलकुल सफलता उसे नहीं मिली, क्यों
05:55इडलीस के बाकी देश है, तुर्किये समयर, वो चले भी गए, उनके विदेश मंत्रियों की वहाँ पर बैठा कोई, उन्होंने
06:00बातचीत भी कर ली, और ये भी कहा गया कि भाई, कोई भी कर ले, और दूसरा अज को आप
06:04दूसरे नजरे समझें, कोई भी हो, युद्ध समा
06:25पुलसी गबार निगबार कहा था, कि पाकिस्तान के पास भी आटमी बम होना उतना ही खतरनाक है, जितना की हिजबुला
06:30या फिर इरान के पास हो, और इसराइल और अमेरिका की जो सोच हो बिल्कु लेक जैसी है, और इसलिए
06:36फिर इसराइल ये कह रहा है कि ये तो खुद ज
06:37जहादी लोग हैं, आपके घर में आतंकवादी बैठा है, उसामा बिलादेन आपके अपने देश में मारा गया है, आपके आतंकवादी
06:43जो है पडूसी देशों को नुकसान पहुचाते हैं, ऐसे में आप क्या शान्ती की बात का और आरनी है भी,
06:48मतलब आप सोचिए पाकिस
07:32मिल जाए, तो हमारा भी काम बन जाए?
07:34से फंडिंग आना और वहां तो सब की वारे नियारे हो जाएंगे एक टेरर कंट्री अपना पूरा जो है चोगा
07:40उतार फेकेगी वह की कैमोफलाज होगा अलबास्तिविक्ता तो नहीं बदलेगी उसने कोशिश की थी और उस कोशिश में चीन ने
07:46भी उसका साथ दिया लेकिन �
07:47कोशिश कामयाब होई नहीं इसराइल ने किनारे कर दिया इसराइल पहले भी कह रहा है कि आप अमेरिका क्या करता
07:51जाने हम तो इरान से लड़ रहे हैं वहां उनकी अपनी मजबूरियां अपनी विवस्ताइं जो वो समझ रहे हैं आंतरिक
07:56करोक्षा के लिए वो इरान से ल�
08:12बैठे और इंतजार करें कि चाहे पेजश किया निया फिर अराराक्षी आए हम बात करेंगे अभी तो यहीं नहीं पता
08:16ना कि इरान से बातचीत कौन का रास्पी कर करें मैं तो नहीं हूँ राश्पती गए नहीं हो था हमें
08:21सामने से पता उनके ममूमिन तो वैसे ही पता च
08:42हां का खिच जाता है तब जाकर कि आपचारिक बातचीत के लिए आपको फिर वो तस्वीर दिखाई दे कि चाहे
08:47हो मसकट में दिखाई दे इसलामबाद में दिखाई दे कहीं दे लेगिन अभी तो सरपैर ही नहीं है ना कि
08:51बातचीत हो भी रही है नहीं हो रही है टॉक डि�
09:09पाकिस्तान जो भी कोशिश कर रहा है जो भी कोशिश कर रहा है अब भारत के लिहार से भारत की
09:13स्ट्रेडिय क्या होगी तो यह अगर मैं कहूं जब मैं युड की शुरूवात हुई थी
09:30यूवेई का गठनीक 70 में हुआ था और उनके जो सबसे पहले राजदूत थे भारत में
09:341973 में जब उन्होंने राजदूत भेजा था उन्होंने मुझे ये मेरे इंट्वी में कहा था
09:38कि इस समय खाडी के देश को अगर कोई रुकवा सकता है तो वह भारत
09:42इरान से उसके रिष्टे अच्छे हैं इसराइल से उसके रिष्टे अच्छे हैं और अमेरिका भी सुनेगा
09:48उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कॉल प्रधान वंतरी मोदी द्वारा इसको रुकवा सकता है
09:51भारत के लिए ये बहुत एहम मौका था जब आप वाकई एक युद में इतना बड़ा रोल था
09:57ये रूस यूकरेन के युद से भी इसका जो स्केल है मैगनिटूड बड़ा है
10:01रूस यूकरेन के युद में जो उसका आसर बहुत ज़्यादा नहीं हुआ
10:04वो दो देशों के बीच के लड़ाई है यूरप वहां मदद कर रहा है
10:06लेकिन यहां जो लड़ाई है इसमें हम प्रत्यक शुरूप से इसमें जो है इसके प्रभाव में आ चुके हैं
10:11तो मुझे लगता है कि भारत के सामने एक बहुत बड़ा मौका था
10:14कि अगर आप एक प्रस्ताव रखते दिल्ली से ज्यादा सुरक्षित कुछ नहीं है
10:19इसराइल भी टेबल पर बैठे इरान भी टेबल पर बैठे अमेरिका भी बैठे
10:23और ऐसी स्थिती नहीं लगती कि तीनों देश ना करते
10:26मुझे लगता है कि शायद आप्टिक्स में वो एक चिठी जो तीनों देशों को मुख्याओं को जाती
10:30जो हम आम तर्म बाचीत के लिए तो करते हैं एक प्रस्ताव रखते हैं
10:33और उस प्रस्ताव में कि बाचीत करते हैं
10:35आगे क्या होगा नहीं पता उस बादचीत का जो मौका भारत के पास था आप तो बहुत देर होगे अब
10:40तो अब कल ट्रम जो सुबह साड़े 6 वज़े भारत समया नुसारा संब बोधित करेंगे लेकिन एक बहुत बड़ा मौका
10:45था भारत के लिए कि इस युद्ध में सीधे स
10:48माध्यस्तता का वो ओफर कर सकते थे और उसे बहुत कुछ हासिल हो जाता वैश्विक शांती का जो केंडर था
10:55वो भारत बन सकता था जरूरत भी है कि ये शांती बहुत जल्द स्थापित की जाए और क्योंकि अब देखने
11:00है इसका असर सिर्फ वैसा नहीं है कि तीन देशो
11:06में भी अलग-अलग देशों में लोगों पर इसका सीधा असर पढ़ता हुआ देख रहा है शक्री अर्चतु शापका मारे
11:11साथ जुड़ने के लिए
11:12तो देखे पाकिस्तान की बात की जा रही थी जंग में चौदरे बनने की जो कोशिश पाकिस्तान कर रहा था
11:16उसको लेकर अब किस तरह की बयान बाजी है देशों का क्या मानना है जाते जाते आपको एक खास रेपोर्ट
11:21के साथ छोड़े जाते है
11:35इरान में जंग चल रही है
11:41ना इरान का हमला खम रहा ना इसराइल और अमेरिका रुख रहे है
11:51लेकिन इस जंग को रुखवाने का नया सरपंच पाकिस्तान बनाते रहा था
12:00पाकिस्तान बल्लियों उचल रहा है कि अमेरिका ने उसे इतनी तवज्जो दी और इरान की जंग वो रुखवा देगा
12:08पाकिस्तान ने मीटिंग भी बुला ली मिस्त रुसे बद्र अब्दिलाती आए सौधी से पैसा लाए तुर्किये से हकन फिदन आए
12:15मीटिंग दी इधर भारत में सियासी सवाल विपक्ष ये कहते हुए उठाने लगा कि विश्व गुरू को ये माउका क्यों
12:22नहीं मिला
12:25संसद में सवाल उठने लगे कि एश्या में तिनी बड़ी जंग में भारत फिर पेक्ष क्यूं जब कि ट्रम्प पातिस्तान
12:30का कद बड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे है
12:33शशी थरूर ने कहा कि विश्व गुरू बस नारा बनकर नहीं रह जाना चाहिए
12:37देरिको ब्रायन ने कहा कि सरकार विश्व गुरू होने का ढोंग करते हैं
12:41संजय राउट ने कहा कि मद्ध्रस्ता दलाली नहीं हमारे प्यम डर क्यू रहे हैं
12:46दरसल आल पर्टी मीटिंग में विपक्ष ने सवाल उठाए कि ट्रम्प आखिर शेबास शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट को रिपोस्ट
12:53करके तारीफ कर रहे हैं
12:54इस पर विदेश मंत्री एस चेशंकर ने कहा कि भारत पाकिस्तान जैसा दलाल देश नहीं
13:00विदेश मंत्री के सवायन का मतलब सामने आने लगा है क्योंकि पाकिस्तान ने अमेरिका को मध्यस्ता का ओफर तो कर
13:06दिया
13:06ट्रम्प ने बात बन जाने की उमीदे भी पाल ले
13:21ट्रम्प ही नहीं चीन को भी लगने लगा कि पाकिस्तान ने अच्छी पहल किया अब जंग रुखवा दे
13:25लेकिन इस मध्यस्ता के बहाने पाकिस्तान अमन की कितनी बात की पता ने
13:32दो तस्वीरे ज़रूर सोशल मीडिया पर तैयरने लगी जिसमे एक तो पाकिस्तान में अपने लिए 20 टैंकर तेल का इंतिजाम
13:38कर लिए
13:38जिसे इराज ने हर्मुर्स की खाड़ी से गुजरने की इजाज़त दे दी
13:41दूसरा पाकिस्तान इरानी राजनईक के साथ बैट कर अमेरिका और इस्राइल की फिलाफ जिहाद की प्लानिंग करता भी दिए
13:48क्योंकि एक तरफ तो सौधी तुर्की और विस्व के साथ इरान से जन्द रुखवाने की पहल चल रही थी
13:52दूसरे तरफ पेशावर में इरानी जुतावास के अंदर पक्तून जन्जाती नेताओं को बिलाकर अमेरिका और इस्राइल पर धावा बोलने की
13:59पेशकर्श की जा रही थी
14:00इंशांला हम कबाए हम प्रेडर हम तुम होसात है अपना कार्ठूор अपना रफ़ मैं अतना प्ना बेजिए तरह अपना दुब
14:18बस दरेए और अल्ला के बिलां तुन नेरे सोट ने� лег Pip cirode
14:28इरान के राजनाइक इनकी बाते गौर से सुन रहे थे और ये नेता लड़ने की जगहा पूछ रहे थे
14:49कुछ ऐसे ही सूर्ते हाल में पाकिस्तान में जो मद्यस्ता बैठा दो दिन चलने वाली
14:54वो एक दिन में ही खारिज हो गई लेकिन भारत में सिया से सवाल ठामते रही है
14:59पाकिस्तान अगर मद्यस्ता कराएगा एक प्रेशिडेंट ट्रम बोलता है तो हमारे सलकार ने आत्मात्या करने चाहिए
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