बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने ये इस्तीफा राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिया है. नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं और 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ले सकते हैं. संविधान के अनुसार, राज्यसभा के लिए चुने जाने के 14 दिनों के अंदर विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना जरूरी होता है. यदि ऐसा नहीं किया जाता तो राज्यसभा की सदस्यता खुद समाप्त हो जाती है. नीतीश कुमार ने भले ही दिल्ली का रुख कर लिया हो, लेकिन बिहार के लोग उनके योगदान को लंबे समय के लिए याद रखेंगे. नीतीश कुमार लगातार चौथी बार बिहार विधान परिषद सदस्य बने. पहली बार 2006, उसके बाद 2012, 2018 और 2024 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने.
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