00:00क्या हाँ कविता हैं
00:11को सबको रोक के रखना ठीग कोई शोर नहीं मचाएगा
00:18जाके थेंक्यू
00:20वेलकम
00:22मैंने सब्सक्राट के लिए वो रेशा
00:26मुझे नहीं पता में वेलकम किया
00:30पांडा कि अधर लाइ समय का लुट यबाग्या
00:39का पता कि इन हम वेलकम
00:40मुझे तो, आप द्यूद तो, आ डॉट दूदेख
00:49का अदूदेट आपन दूदेख
00:54क्या अदूद नहीं दूदेख
00:57कि ठीशन जिसको.
00:59क्याविक वह लुट वारा?
01:06कि वह न गुट रहे हैं。
01:12अब बैठ सक्टें, बैठना है?
01:14यह जाना है?
01:18अचाथा जिक सवाल तंड डाल में धालगा,
01:20ज्लुक्ति आमएदा शेनता कैसे वड़ाऊं?
01:24तक है जाता है
01:25उनत लाव किसी से आज़ादा आ सके इसके लिए तो संगती चाहिए उनकी बारे में पढ़िये या जैसे लोगों के
01:34साथ रहिए जो दुख के सामने दबना पसंद नहीं करते थे कम से कम पढ़िये उनके बारे में अपने आप
01:44फिर लगेगा कि मैं ही क्यों दब रही हूं
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