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पूरा वीडियो यूट्यूब पर : ट्रांसजेंडर लोगों पर विवाद (परलैंगिंक/बाईजेंडर/किन्नर/हिजड़े) || आचार्य प्रशांत, वेदांत महोत्सव(2022)
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Transcript
00:00मेरा सवाल एक सोचल इसू को लेका रहा है जो ट्रांसजेंडर कम्यूनिटी होती है
00:04इसमें मैंने कई बार देखा है जब बाहर निकलते हैं तो वो पैसे मांगते हैं
00:10या ठेटेशन में भी जाते हैं तो वो काफी ऐसे डिश्टर्ब किया करते हैं
00:15कि यह कोई इवन्ट भी ओर रहा है, जैसे किसे घर में बच्चा हुआ हुआ है, तो वहां भी आ
00:19जाते हैं.
00:19तो लोग इसे बताते हैं कि हाँ इन्हें समाज से ये कर दिया गया है कि कोई जॉब नहीं दिया
00:25गया है इनका कोई काम नहीं है इसलिए ये ठीक है मतलब ये जो हो रहा है
00:28हम किसी की पहचान ही इनहीं दोनों के आधार पर बनाते हैं
00:33वो देह से कैसा है और उसके पास पैसा कितना है
00:37तो अब घर में कोई पैदा हो गया और वो देह से विशेश लिंगी है
00:43यही बात हमारे लिए बड़ी विशेश हो गई
00:45क्योंकि हमारे लिए तो इंसान की पहचानी क्या है
00:47कि उसका लिंग क्या है
00:48देह कैसी है उसकी उसकी बुद्धी कैसी है
00:51उसका ग्यान कैसा है उसकी प्रग्या कैसी है
00:53उसमें और तमाम तरह की कुशलताएं क्या है
00:58इनसे हमें बहुत कम मतलब है
00:59आप जिनको transgender बोलते हैं वास्ताओ मुने विशेश क्या है कुछ भी विशेश नहीं है लेकिन चूँकि हमारे लिए link
01:06विशेश है इसलिए हमारे लिए बहुत महत्तोकी बात हो जाती है कि कोई transgender है अरे ये टीसरे link का
01:12है नहीं तो क्या खास है बताओ न अब उनकी बुद्धी �
01:15पर तो लखवानी मार गया है जैसे सब शिक्षा लेते हैं वो बच्चा भी शिक्षा ले सकता है जैसे दुनिया
01:21में सब काम करते हैं वो भी कर सकता है ये भी हो सकता है क्यों व्यक्ते बिल्कुल प्रगाढ़ पतिभा
01:27का धनी हो हमें उसके किसी गुण से कोई मतलब नहीं हम
01:30मतलब है तो उसके लिंग से और फिर अम उसको
01:33सामाज में एक अलगी बठा देते हैं वुषेश एक
01:35अलग दरजा दे देते हैं और एक छूटी थी
01:37उसको हमने जगह दे दी यह सीमा बना दी
01:39मुग्यी तुम यह हो तुम यहाँ रहोगे तुम यह ही
02:00उलट पुलट जाए एकदम अलग हो जाए अगर हम इनसान का मुल्यांकन उसके शरीर और उसके पैसे से हटकर उसके
02:09ग्यान और उसके गुण से करना शुरू कर दो
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