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  • 6 days ago

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00:00अभी लोकसभा में एक बिल पास हुआ है जिसके मुताबिक ट्रांसजेंडर्स को अपनी आइडेंटिटी के लिए मेडिकल और गॉवर्मेंट अप्रूबल
00:07की जोरत है
00:07हम सेक्स अपसेस्ट लोग हैं
00:09अज़ा पैदा होता है तुरंत उसको नर्स और हाथ में लेंगे और सबसे पहले उसका लिंग देखते हैं
00:14ट्रांसजेंडर्स के प्रति हमारा रवया क्या अगर वो समझना है
00:19को एक भी सुड़न नहीं था किंडर कम्यूनिटी का या कारे छेतर में भी कोई नहीं है
00:29माल्स में या दुकानों में कोई किंडर कम्यूनिटी का कोई नहीं मिलता है
00:38अगर वो लोग मिलते हैं तो वो ट्रेन में मिलते हैं
00:41मालूम है यह चीज कितनी ज्यादा भद्धी है और यह हमारे पूरे समाज के उपर एक दाग है
00:50तुम्हें एक इंसान से यह क्या करवा रहे हो? क्यों करवा रहे हो?
00:59प्रणाम अचर जी मेरा नम सावन है अभी लोकसवा में एक बिल पास हुआ है
01:09राजनीती पर करनी है बात?
01:13ट्रांसजेंडर्स को लेकर ट्रांसजेंडर्स को अपनी आइडेंटिटी के लिए मेडिकल और गवर्मेंट अप्रूबल की जोरत है
01:19पहले ऐसा नहीं था
01:21तो मैं जब अपने आसपस किंणर कम्यूनिटी को देखता हूँ
01:25तो मैं यह पाता हूँ और जब जैसे देखता आया हूँ
01:28तो बच्पन में या कॉलेजेज में, स्कूल्स में
01:32एक भी स्टूडन नहीं था किंणर कम्यूनिटी का
01:34या कारेच हेतर में भी कोई नहीं है
01:36कहीं पर जाता हूँ, कोई जगा
01:38मॉल्स में या दुकानों में
01:40कोई किन्नर कम्मुनिटी का कोई नहीं मिलता है
01:42सर्विस रिलेटेड फील्ड में
01:44भी कोई कम्मुनिटी का नहीं मिलता है
01:46तो अगर वो लोग मिलते हैं
01:48तो वो ट्रेन में मिलते हैं
01:49या वो शादियों में मिलते हैं
01:52या वो बच्चे पैदा होने के बाद
01:55आशिरवाद देते हैं
01:56उससे वो पैसे लेते हैं
01:59तो मेरा सवाल ये है
02:00कि ये बिल पास हो जाने से
02:02क्या उनको वो अधिकार मिलेगा
02:05या उनको समानता मिलेगी
02:07हमारे दिल में, हमारे मन में
02:09जो एक इनसान को मिलना चाहिए
02:10इस तवाल तो अच्छा है, रोचक है
02:14लेकिन इसमें एक चीज के में जानकारी नहीं है
02:16आपको बताना पड़ेगा
02:18उनकी संख्या कितनी है भारत में
02:21थोड़ा से ये रिसर्च करो, बताओ
02:23और दूसरा ये बताओ
02:25कि जितने महत्वपूर्ण संस्थान है
02:27उनमें उनका प्रत्रिथित तो कितना है
02:31उगारण के लिए
02:32स्कूलों में कितने परसेंट है
02:34कॉर्पोरेशन में कितने परसेंट है
02:46ये बताओ कि अंडर रिप्रेजेंट कितने है
02:48फिर इस पर बात करेंगे ठीक है
02:50तो ये सब बेसिक रिसर्च कर लो
02:51मुझे दे दो फिर बात करते है
02:55बताओ
02:58कितना
03:01अच्छे से कर लो पूरा पतादो मुझे
03:03क्योंकि बिना फैक्ट से कुछ बोलूँगा
03:05तो आधारीन होगा
03:12अच्छे जी भारत में
03:14ट्रांसजेंडर सिक्षा वर रोजगार का मुख्य देटा है
03:172011 की सेंसस है
03:204,88,000 लोग है
03:22जबकि वास्तविक संख्या जादा है
03:2510 से 15 परसन लोगों के पास ही
03:28आइडेंटिटी कार्ड है
03:29इसको अगर कंपेर करोगे
03:30भारत में एक्च्छल कितनी होगी
03:32तो देखो कि बाहर क्या प्रपोर्शन रहता है
03:35क्योंकि वहाँ छुपाएंगे नहीं
03:37वहाँ इतना बड़ा टैबू नहीं है
03:39तो प्रक्रति में तो सेम प्रपोर्शन होगा ना
03:43तो तुम देखो कि अमेरिका में
03:45कितने percent transgender है
03:46इंडिया की population लेलो
03:48उतनी percent इंडिया में है तो निकाल लो
03:50इंडिया में actually कितने होंगे
03:51और अगर घोशित सिर्फ 4,090 लोगों ने किया है
03:54तो that is a measure of social repression
03:58कि हैं एक करोड पर घोशित सिर्फ 4% कर रहे हैं
04:02इससे यह पता चलता है कि 96 प्रतिशत लोगों में हिम्मत भी नहीं है यह गोशित करने की वो
04:08ट्रांस जेंडर से ठीक आगे बढ़ो इसके अलावा उनकी जो शिक्षा में भागिदारी है वो
04:20यह चार लाग घोशित में से चार लाग घोशित ना जेंडर से पंदरा सो है अच्छा बाकियों को शिक्षा नहीं
04:26है
04:27स्कूल ड्रॉप आउट में साथ परसेंट से जाधा दस्वी से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं यह जो पंदरा सो
04:34गए भी या जो और भी छोटी संक्या थी जो गए भी उनमें से साथ पतिशत 10 से पहले ही
04:40ड्रॉप आउट कर जाते हैं अब इसको तुम्हें करना चाहिए
04:43जेनरल ड्रॉप आउट रेट कि इनका साथ परसेंट है और बागी जो बच्चे होते हैं उनका कितना होता है तो
04:52उससे पता चलेगा कि सोचल स्टिग्मा कितना बड़ा है क्योंकि ड्रॉप आउट कोई ऐसे ही नहीं करता, उनका शरीर अलग
04:57है, ब्रेन तो अलग नहीं है, स
04:59स्कूल से क्यों डॉप आउट करेंगे स्कूल से डॉप आउट इसलिए कर रहे हैं क्योंकि चिढ़ाया जाता है क्योंकि टीचर्स
05:04भी भेदभाव कर रहे हैं क्योंकि पूरी विवस्था उनके लिए बनी ही नहीं है और बताओ
05:09रोजगार में भेदभाव 90 से 96 लोगों को नौकरी नहीं मिलती नब्य परसेंट लोग मजबूरन अनौपचारिक काम जैसे भीग बधाई
05:21सेक्स वर करते हैं
05:25आर्थिक स्थिति औस्त मासी कुछ नहीं है समाज में कोई भागेदारी ही नहीं है कोई भी नहीं देने वाला नौकरी
05:32जिनको मिल भी गई है वो शायद नौकरियां उनके आस-पास की दोस्तियार या रिष्टदार ने दे दियोगी तरस खा
05:37करके नहीं तो यह है कि ठीक आ�
05:52है ठीक है तीन से आठ थी पॉइंट एट पर्स पर्स नहीं तो लगभग आधे डॉक्टर इंकार कर देते हैं
05:58यह मेरे लिए बहुत ज्यादा चौकाने वाली बात है आगे बढ़ो लीगल और पुलिस फिल्ड में हाई लेवल ऑफ हरेस्मेंट
06:06यह पता है यह पता है कितने क
06:11अधिक में फैमली और सुसाइटी में 80-90% फैमिल रिजेक्शन हाँ यह बिलकुल होगा प्रप्रटी राइट अलमस्ट अप्सें अप्सेंट
06:21है प्रशल इक्स्वूजयों नहीं है सोशल एक्स्वूजयों है प्लिक लाइफ में 70-90% हरेस्मेंट इं ट्रांस्पॉर्ट प�
06:41एक प्रॉप में 41% अटम्स उसाइड. 67% experience severe depression.
06:53Average lifespan 35-40 years compared to the general population 70 years.
07:03आम बंदा जीता है उसे आधी भी नहीं जीपाता है एक transgender.
07:10डेथ लिंक टू वाइलेंस 34%
07:13सुसाइड 28%
07:16अंट्रीटेड इलनेस 24%
07:20अंट्रीटेड इलनेस
07:21क्योंकि या तो पैसा नहीं था
07:23या डॉक्टरों ने प्रभेश नहीं दिया
07:25या फिर वाइलेंस हुआ है
07:27विच कुट बी सेक्शुल और सोशल
07:28या फिर सुसाइड कर लिए
07:30इन्हीं तरीकों से मौत होती है
07:32और वो मौत बहुत जल्दी हो जाती है
07:37देखो हमारी ना बैठो
07:45मारी जो आइडेंटिटी होती है
07:52वो बड़े जबरदस तरीके से
07:54सेक्शुल होती है बहुत ज़्यादा
08:00हम सेक्स अपसेज्ट लोग है
08:07अभी उस दिन आपकी गीता परीक्षा में
08:10प्रशन पूछा गया जिसमें प्रशन कहा रहा था
08:12एक व्यक्ति जा रही थी
08:15तभी उस व्यक्ति ने देखा तो वो रुख गई
08:18तो इस बात पर बहुतों को अच्छा लगा
08:21बहुतों को अचंभा हुआ
08:23अचंभा क्यों हुआ
08:26क्योंकि हमारी भाषा भी सेक्शूल है
08:32भाषा भी सेक्शूल है
08:37आप पहले ही बता देते हो कि जो आ रहा है उसका लिंग क्या है
08:40वो आ रही है या फिर वो आ रहा है
08:48और उस भाषा में महिला को ही व्यक्ति या मनुष्य नहीं माना जाता है
08:52एक मनुष्य आ रही थी
08:53अभी सुना है
08:57एक व्यक्ति जा रही थी
08:59वहां महिला ही मनुष्य नहीं है व्यक्ति नहीं है
09:03तो उसमें फिर ट्रांसजेंडर की क्या उकात
09:13यू
09:19नाम भी महिलाओं के पुरुशों के अलग-अलग हो जाते हैं
09:22नाम देखके ही बता दोगे कोई अपना जेंडर
09:25नहीं बताना चाहे
09:32बस नाम बता दे तो आप बता दोगे की महिलाओं के पुरुश है
09:38तो आपकी बिल्कुल आरंभिक पहचान ही आपके लिंग से जोड़ दी जाती है
09:46बिल्कुल आरंभिक पहचान
09:47बात की भी नहीं
09:50धर्म भी बात में आता है जाती भी बात में आती है
09:53सबसे पहले लिंग आ जाता है
09:56बच्चा पैदा होता है
09:57तुरंट उसको नर्स हगेरा हाथ में लेंगे
10:00और सबसे पहले उसका लिंग देखते है
10:03तुरंट
10:03ये भी बात में बताएंगे कि
10:05स्वस्थ है क्या स्वस्थ है क्या है कैसा है
10:07तुरंत लड़की हुई है लड़का हुआ है ये बताया जाता है
10:10आपकी पहली पहचान ही
10:13सेक्शूल है
10:15जब पहली पहचान ही सेक्शूल है
10:17तो जो सेक्शूल पहचान से बाहर का हो गया
10:20उसकी तो कोई पहचान ही नहीं रही न
10:23वो गया
10:29प्रक्रति ने कुछ विचित्र नहीं कर दिया है
10:31प्रक्रति में तो ट्रांसजेंडर समेशा से पैदा होते रहे है
10:35और मैं उनकी नहीं बात कर रहा है
10:37जिनके साथ समाज कुछ करके उनको बना देता है
10:43मैं उनकी बात कर रहा हूँ, जो प्रक्रतिक रूप से पैदा होते हैं, वो हर देश में, हर काल में
10:47होते रहे हैं
10:51यह प्रक्रतिकी विवस्था का अंग है
11:02पर हमारे समाज में उनके लिए कोई जगह नहीं
11:06क्योंकि समाज, जिस लिंग के द्वारा संचालित है, उसकी रुची या तो अपने लिंग में है
11:14या अपने यौन सुख के लिए विपरीत लिंग में है
11:22समाज, दुनिया के सारे ही समाज सदा से पुरुशों द्वारा ही संचालित रहे है
11:28तो वो दो ही Lösung को माननेता देगा नख अपने को तो देगा ही देगा
11:33और स्त्री Link को देगा क्योंकि स्त्री Link रहता तो पुरुष को सुख मिलता है
11:39अब वो ये तीसरा कौन सा आ गया
11:40इसको कहा पर जगह दे हैं ये से कोई जगह देनी ही नहीं है
11:47कारण सिर्फ एक
11:49sexual obsession
11:51नहीं तो बाकी सब कुछ तो उसका आम आदमी की तरह ही है
11:54आप अगर
11:56सर्च करेंगे कि दुनिया में
12:00ये जितने भी
12:01third, fourth, alternate gender identities होती हैं
12:06इन लोगों ने
12:08क्या कुछ अच्छे उंचे काम करें हैं
12:11तो आपको एक बाकाइदा लंबी सूची मिल जाएगी
12:13बाकाइदा
12:18उनका brain वैसे ही है जैसा आपका है
12:20आखें वैसे ही है, नाक वैसे ही है
12:23बाकी सब कुछ उनका वैसे ही है जैसे आपका है
12:26शरीर का एक हिस्सा है जो अलग है
12:29पर हमारी पूरी चेतना जाके
12:31उसी एक हिस्से में घुसी रहती है
12:34तो हम
12:35शरीर के उस एक हिस्से की खातेर उस पूरे इंसान को ही बर्खास्त कर देते हैं
12:41हमें कहते हैं मुझे इंसान ही नहीं चाहिए
12:43बहले ही इसका ब्रेन मेरे जासा हो बागी सब कुछ मेरे जासा हो
12:45पर जो sexually obsessed जीव होगा वो घुसेगा तो सामने वाले की चड़ी में ही न
13:15मैं इनको मनुष्य की तरह संबोधित भी कैसे करूँ मुझे यही कहना पड़ेगा हाँ वाई क्या कह रही हो और
13:22इनसे कहना पड़ेगा हाँ बहन क्या कह रही है
13:25और भाशा में ही बात से पहले क्या आ गया लिंग आ गया लोग खत्म
13:32यह यहाँ अगर मनुष्य की तरह भी बैठे हो इस वक्त इनके चित में अपने जेंडर का कोई खयाल न
13:41हो
13:42शरीर भी कोई सेक्शूल गतिविदी न कर रहा हो तो भी सिर्फ मेरे संबोधन से इनकी सेक्शूल आइडेंटिटी एक्टेव हो
13:51जाएगी
13:52आप कुछ कह रही थी यह लीजिए मैंने आपको क्या जता दिया कि आप महिला हैं
13:59और आप से बात करनी है तो मुझे भी अपने आपको पहले याद देलाना पड़ेगा कि आप महिला हैं
14:04मैं आप से बोल दूँ क्या कर रहा है तो बात गलत हो जाएगी
14:08पहले मैं खुद को याद दिलाओं कि मैं एक महिला के जिस्म से बात कर रहा हूँ
14:12क्योंकि जिस्म ही महिला का होता है चेतना तो मनुश्य की होती है
14:25हमने तो यहां तक कराए कि
14:29जिनका कोई लिंग होता नहीं उनको भी दे मारा
14:34नदी बह रही है
14:38सागर लहरा रहा है
14:47कैसे
14:50कैसे
14:57खंबा खड़ा है इंट गिर गई
15:01कैसे
15:05और फिर जो गैर हिंदी भाशी होते हैं
15:07उनके आलग विवस्था चलती है
15:09उनको समझ में नहीं आता
15:13और फिर आप हसते हो आके बोलते हैं
15:15आमी जोल खाबे
15:17ऐसे थोड़ी बोलते हैं
15:26खाते नहीं है
15:28पीते हैं
15:35छोटी चीज आम तोर पे स्त्रीलिंग होगी
15:38घड़ी बांध रखी है
15:40घड़ी आल बजरा है
15:43नदी छोटी है तो स्त्रीलिंग है
15:45सागर विशाल है तो
15:50लता स्त्रीलिंग है
15:51व्रिक्ष पुलिंग है
15:54अब लता उस पे ऐसे सहारे में चिप्टी रहती है
15:56उसके अपनी कोई रीड नहीं
15:57तो लता ऐसे चिप्टी हुई है
15:59तो लता तो स्त्री लिंग ही होगी
16:06कितनी लताएं है
16:12सुनने में अजीब लगेगा
16:14एक विशाल बर्गद की पेड़ था
16:17वो बर्गद का ही पेड़ होगा
16:25भाशा की गलती नहीं
16:26भाशा हमने रची है
16:29और जब जीवन में सत्य नहीं होता
16:32तो सेक्स बहुत ज्यादा होता है
16:39और किस तरीके से हंकार अपना
16:42खाली पेट भरे
16:49सब कुछ तो खाली आप किसी का जिस्म खाओ
16:52कुछ तो विकल्ब चाहिए ना
16:54एक सही जिंदगी का
16:58अध्यात्म सेक्स के खिलाफ नहीं है
17:00वर्जित वर्जित नहीं करता
17:01पर ज्यादा तर जो
17:03सेक्शुल एक्टिविटी है
17:05वो एक्टिविटी नहीं है
17:06वो अप्सेशन होता है
17:07वो फेटिश होती है
17:10और वो शरीर से कम
17:12और इगो से ज्यादा निकलती है
17:17कामी कुत्ता तीन दिन अंतर रहे उदास
17:22प्रक्रति में कुछ भी उतनी
17:25continuous sexual activity नहीं दिखाता जितना human beings
17:31कामी नर कुत्ता सदा 6 रितु 12 मास
17:38जो mammals भी हैं उनके भी mating seasons आते हैं
17:41उसके बाद वो एक दूसरे की और देखते भी नहीं नर और मादा
17:46मनुष्य अकेला है जिसको 24 गंटे 7 दिन 365 दिन लगातार सेक्स चाहिए
17:58कारण physical नहीं है कारण psychological है
18:04हमारा सेक्स physical होता ही नहीं है हमारा सेक्स egoic होता है
18:14जो आपको अपनी जिंदगी से नहीं मिल सकता वो आप दूसरे के शरीर में ढूंडने चले जाते हो कैसे मिल
18:20जाएगा
18:25लो आप कहो कि अचारे जी सेक्स को ही क्यों पकड़ा है सेक्स को ही क्यों पकड़ा हम इतने सेक्स
18:29ऑपसेस्ट ही आपको और चीज़ के तो ऑपसेस्ट हो सकते थे एपल के हो सकते थे कार के हो सकते
18:33थे पैसे हाँ इन चीज़ों का भी ऑपसेशन होता है उनका भी होता है
18:38सेक्स में एक खास चीज होती है जिसकी वज़े से वो अप्सेशन बढ़ जाता है और्गाज्म
18:51जो एक मुमेंटरी रिलीफ मिलती है वो वो चीज है जो कि बड़ी सरलता से आपको जीवन दे सकता है
18:58अगर आप जूटी जिन्दगी न जीएं
19:01पर जब आप बहुत तनाव भरी जिन्दगी जी रहे होते हैं तो वो जो आपको एक सतही और्गाज्म भी मिल
19:07जाता हो बहुत बड़ी बात लगती है लगता है क्या मिल गया दिन भर के तनाव से थोड़ी देर के
19:11लिए तो छूटे
19:15वो कोई बड़ी बात उतनी है नहीं और प्रक्रति में कोई भी उस एक चीज के लिए इतना मरा नहीं
19:20जा रहा जितना इंसान मरा है
19:25आरी बात समझ में हैं ट्रांस जेंडर्स के प्रति हमारा रवय्या कि आगर वो समझना है तो हमें हंकार को
19:35समझना पड़ेगा
19:39हंकार को समझोगे तो ये जानोगे कि हम एक सेक्शुली आपसेस्ट सोसाइटी क्यों है हर तरीके से
19:54और यहाँ बात भारत की नहीं हो रही है या हिंदी भाशा की नहीं हो रही है वेस्टिज इक्वली आपसेस्ट
20:07उनके तरीके दूसरे हैं आपसेशन के
20:17इसको नैचरल मत बोल दे ना कि ये तो चीज नैचरल होती है आचार जी आप इसकी बुड़ाई क्यों कर
20:21रहे हो
20:21नैचरल नहीं है नीचर तो प्रकृति को बोल सकते हो धिक से धिक ठीक या सौभाव को बोल सकते हो
20:29नीचर
20:30ना इसमें कुछ प्राक्रतिक है ना स्वभाविक है
20:33इसमें आहंकारिक है मामला
20:37आपका सेक्स इगोईक होता है
20:46और इसी लिए असफल रहता है
20:48और इसी लिए वाइलेंट होता है
20:50वो जो सुन रहे थे न
20:51कि इतने सारों के साथ
20:53तो फिसिकल अब्यूज होता है
20:55वो इसलिए होता है अजीब सी बात नहीं है
20:57sexual activity में violence क्यों होगा वरना
21:00विचार करो
21:01sexual activity में
21:03इतना violence क्यों होता है
21:06उसमें rape भी हो जाता है
21:08उसमें
21:09दूसरे के शरीर के साथ
21:10चीरफाड भी कर देते हो
21:12और उसमें हत्या भी कर देते हो
21:13sexual activity में ऐसा कहीं नहीं
21:16देखा जाता
21:18मनुश्यों में ही क्यों हो जाता है
21:21क्योंकि sex egoic है
21:23और ego violence है
21:26जब भी sexual activity egoic होगी
21:28उसमें violence होगा ही होगा
21:30होगा ही होगा
21:39आपने कभी
21:40सोचा नहीं कि यह सब sex में कहां से आ गया
21:42चाबुक मारना
21:44और तमाम तरह की fetish होती है
21:46किसी का हाथ बांध दिया है
21:48किसी को उल्टा लटका दिया है
21:52यह सब कहां से आ गया है
21:53क्या हो रहा है
21:55किसी को इतना काट दिया
21:57उसका खून निकाल दिया
21:59यह कहां से आ गया है
22:00इसका sex से क्या लेना देना
22:04इसका sex से लेना देना
22:05सच मुछ नहीं है इसका लेना देना violence से है
22:07औब violence होगा जहां हंकार है
22:10वहां हिंसा होगी
22:15अब इस पूरे सेटप में
22:16transgender के लिए क्या जगह है
22:19कुछ नहीं
22:21वो ना पुरुष के काम का
22:24ना महिला के काम का
22:30तो उसको पूरे तरीके से
22:32exclude कर दिया
22:33उसका पूरा भहिशकार है
22:38यद्यपी एक मनुश्य की तरह देखो
22:40तो लिंग को छोड़ कर
22:41बाकी सब कुछ उसमें किसी भी दूसरे मनुश्य जैसे ही है
22:50इससे और आगे की बता हूँ
22:51चुकि छुपाना पड़ता है
22:53तो इसलिए बहुत सारे तो पूरी उम्र छुपा जाते है
22:58और कई बार घरवालों की सहमती से चुपा जाते है
23:01उनके सहयोग से चुपा जाते है
23:03और बताओं कहानिया
23:06साहित्य में इस पर कहानिया लिखी भी गई है
23:08कईयों के तो उनके घराले शादी भी करा देते है
23:14सामाजिक दबाव है न
23:16कईय ऐसे उतनुन घरालों को पता नहीं लगने दिया
23:18marginal case
23:19कईय ऐसे तो इनके घरालों को पता था
23:22तब भी सामाजिक दबाव के चलते
23:24उनकी शादी भी करा दी
23:27और बताओ
23:28वो शादियां पूरी चल भी गई
23:33पती-पत्नी ने भी किसी को पता ही नहीं लगने दिया
23:39समाजिक दबाव है न
23:43और फिर हम ने कहा हमारी marriages दिखा कितनी stable होती है
23:53कोई अगर चैतनने विश्व होता
23:58कोई अगर थोड़ा सा सब भे समाज होता
24:03तो वो एक प्रयोक करना चाता वो कहता गए ऐसे लोग
24:07जो sexual compulsion से free है
24:11ये तो शायद जीवन में और कुछ बहतर भी करके दिखा सकते हैं न
24:17क्योंकि एक बोज़ सा है जो हर आम आदमी और और अरत धोता है
24:24sexual activity और obligation का ये उससे मुक्त है
24:29तो एक संभावना तो ये भी है कि क्या पता ये जिन्दगी में और कुछ
24:32समाने आदमी से आगे ही जा करके कर दे पर उस संभावना को कभी तलाशा ही नहीं गया
24:49अरे चलो कोई संभावना तलाश होगी नहीं तलाश हो इंसान पैदा हुआ है उसको जीने तो दो
24:57और एक बिंदू के बाद वो जो व्यक्ति होता है वो इंटरिनलाइज कर लेता है आत्मसाथ कर लेता है मैं
25:03यही हूँ
25:04फिर बस वो जाकर के चौरहये पर भीख मांगता है
25:11उसके पास आत्मसंवान जैसा कुछ बचता ही नहीं कैसे बचेगा
25:19और जैसा फिर आपने का 35-40 वह सत उम्र है आत्मत्या से मरेगा नहीं तो किसी बीमारी से मरेगा
25:26नहीं तो कोई उसे मार डालेगा
25:35रहा होगा भाई कोई समय जब अलादें पैदा करना आर्थिक द्रिष्टी से ही बहुत ज़रूरी था
25:42जब प्रोडक्शन एक एक एकनॉमिक फंक्शन होता था
25:47क्योंकि energy सारी manual होती थी क्योंकि कोई भी काम इस पर depend करता था कि head count कितना है
25:55तो तब ये बड़ी बात रही होगी कि जो भी व्यक्ति पैदा हुआ है वो उपजाओ हो फर्टाइल हो
26:03आज इस बात की क्या कीमत है कि जो पैदा हुआ है वो reproduction कर सकता है कि नहीं कर
26:08सकता है
26:10कोई उसका मुल्य ही नहीं है तो तुम उसको फिर inferior क्यों कह रहे हो
26:17बाकी तो सारे काम कर सकता है ना
26:20reproduction ही नहीं कर सकता तो reproduction तो अच्छा है कि नहीं कर सकता
26:25आज की समय में तो जंजट है वो प्रत्वी चाही नहीं रही है कि तुम reproduction करो
26:32फिर प्राकृतिक विवस्था है जो आपने आकड़े दिये कुछ
26:380.0 कुछ प्रतिशत ही ऐसे बच्चे प्राकृतिक रूप से
26:45पैदा होंगे उससे आदा ऐसे पैदा होंगे ही नहीं काहे के लिए किसी के
26:50पीछे पढ़ना काहे के लिए किसी को
26:55वियर्थ में दुख देना
26:57भाईश्कृत करना
27:00है तो है
27:01जैसा है
27:08और ये चीज बहुत इंडिया
27:10specific है ये जो हमने
27:14व्यवस्था बनाई
27:15है ना
27:16कि बच्चा हुआ हिजड़े आए
27:18और वो हाई हाई कर रहे हैं और ये सब
27:20चल रहा है
27:22मुझे नहीं लगता ये दुनिया में और देशों में होता है
27:25होता है
27:26यहाँ पर एक comparative
27:28data है भारत में
27:31परिवार का
27:32वैवहार rejection जादा है
27:34पस्चिमी देशों में acceptance है
27:37public respect
27:38यहाँ पर stigma भेदबाव है
27:40वहाँ पर mixed है लेकिन भेटर है
27:43visibility यहाँ पर बहुत
27:45limited है वहाँ पर high है
27:47सिख्षा का access वहाँ पर
27:48competitively बहुत बेटर है इंडिया से
27:50discrimination भी
27:52much better है
27:54यहाँ पर common work जो करते हैं begging है
27:56sex है वहाँ पर corporate में है
27:58government में आर्ट्स में जाते हैं
28:00मालूम है यह यह चीज कितनी ज्यादा
28:03भद्धी है और यह
28:06मारे पूरे समाज के उपर एक
28:08दाग है
28:09तुम्हें एक इंसान से यह क्या करवा रहे हो
28:12क्यों करवा रहे हो
28:16वो labs में काम कर सकता था वो corporations
28:18में काम कर सकता था वो कुछ भी करे जिंदगी में
28:20कि ना करे उसका जीवन है वो देखेगा
28:23तुम उससे यह क्या करवा रहे हो
28:26कि तुमने उसको कर दिया
28:27कि तु ट्रांसजेंडर है यह है वो है
28:29हिजडा है तु अब यही करेगा
28:32भीख मांगेगा जा करके
28:34और आपने इसी तरीके से
28:36कल्चर में उनकी एक जगह भी
28:38फिक्स कर दिये
28:40और कई बार तो शुब माना जाता है इस बात को
28:42कल्चर में उनको बिल्कुल एक स्पॉट भी दे दिया
28:44कि तुमारा अब यह फिक्स्ट स्पॉट है
28:46तुमारी भी एक सीट है
28:47और तुमारी क्या सीट है
28:48कि कुछ होगा तो तुम आओगे कहीं पर कुछ सामान आ जाता है
28:52तो आ जाते हैं फिल्डो कुछ दो इससे शुब होता है
28:54और भी कई तरीके कि उसमें
28:56माननेताएं भी चलती है न
28:58कि नहीं दोगे तो यह अप्शकुन हो जाएगा
29:00ऐसा कर दिया वैसा कर दिया जिन्दगी यौनांग से बहुत बड़ी होती है
29:13एक बहुत साधारण सी बात को जीवन का केंदर नहीं बना लेते
29:23ना आप सेक्शूल एक्टिविटी की मशीन हो ना बच्चा पैदा करने की मशीन हो
29:27आप इंसान हो प्रक्रते ने आपको जीने के लिए प्यादा करा है
29:36प्रिना माचारी जी इसमें ये एक चीज मैंने अभी मुझे रिकॉल कर पा रहा हूँ
29:41तो कुछ कंडिशन्स ऐसी होती है जिसमें कि जब बेबी बॉर्ण होता है तो उसके बाद उसको तुरंट
29:48जेंडर मिलब सेक्स ऐसाइन नहीं किया जा सकता है तो थोड़ा समय लगता है कि उनको कैसे आगे रेज करना
29:54है तो जो उस स्पेसिफिक इस खास समस्या के जो पेशेंट्स होते हैं जब वो अपने बच्चे को ले के
30:02आते हैं तो वो एक चीज दिखाई देती है जो आपने �
30:06बोला कि कितना मतलब एक पर्टिकुलर ओर्गन स्पेसिफिक है एक इंसान का दिमाग की अधरवाइस वो बच्चा ठीक है लेकिन
30:14वो उतना पेशेंस भी नहीं होता कि उनको अगर एक लगता है कि जैनिटेलिया ऐसी होती है कि फीमेल है
30:20या मेल है लेबल कर पाना भी मुश्
30:36बहुत ज्यादा डिनायल होता है बहुत इंपेशेंट होते हैं बहुत मायूस होते हैं और वो ममता जो है जिसको प्रेम
30:42का नाम देते हैं वो सब भी एक्सपोज हो जाता है क्योंकि बच्चा ठीक है एक जनिटेलिया की प्रॉब्लम है
30:47उसको लेकि उनकी ममता भी चली गई �
30:50मैं उतनी वो जो इमोशन बहते हैं बिलकुल मायूस है और अधरवाइस वो बच्चा इस नॉमल मैं नॉमल है बिलकुल
30:59तो इतना और एक दम एक आग्रह होता है कि हमें बताईए अभी कि क्या है मैं इसको क्या बोले
31:04लड़का बोले की लड़की बोले तो इसको बहुत जब
31:20आई ना देखो गिरेबान में ज़ाको मैं क्या बोलूँ इसमें अब मैं तो अभी अंदर आ रहा था तो बच्चा
31:27था वहाँ पर अभी मिला था
31:31मैं तो उसके साथ खेल लिया थोड़ी थेर में मा ने बताया कि लड़की है नहीं तो मुझे ना पता
31:39था ना मतलब था क्या लेना देना है क्या लेना देना है
31:49क्या करोगे
31:56ये सारी बातें अपने गिरेबान में जहाकने के लिए हैं आईना देखो कैसे हैं हम लोग
32:03और ये बात आम सामाजिक वेवहार में दभी छुपी रह जाती है हमें पता ही नहीं चलता हम कितने सेक्शुली
32:10आपसेजड लोग है
32:13कि बच्चा पैदा हुआ है तो माबाप में हाय तौबा मची हुई है जल्दी से उसकी सेक्शुल आइडेंटिटी जानने की
32:20क्यों क्या करना है सेक्शुल आइडेंटी जानके क्या करना है बच्चा है न नहीं पहले पता हो लड़की है कि
32:26लड़का है क्यों
32:28अब वो भी जब डॉक्टर कह रहे हैं
32:29ये खुड डॉक्टर है
32:30डॉक्टर कह रहे हैं कि पता चल जाएगा
32:32दिरे दिरे पता चल जाएगा
32:34उदे रहा ही नहीं जा रहा है
32:36हमारी सांस अटकी हुई है
32:39पताओ ये क्या है
32:42सब कुछ जिंदगी में किस के लिए है
32:44सेक्स के लिए है क्यों
32:46वही आंकार का निवाला
32:49सब कोच
32:50सेक्शूल
32:54कोई प्रोड़क्ट बेचना चाहते हो
32:56उसको सेक्स से जोड़ दो
32:59फिर देखो
33:03धर धरा के बिकेगा
33:07धर धरा के
33:09बिकेगा
33:19यह प्रोटीन पाउडर का
33:21खोज रहे थे
33:23तो उसमें प्रोटीन पाउडर
33:25इस बात बेचा जा रहा है कि
33:29मस्कुलर स्ट्रेंग्ट बढ़ेगी
33:30कौन सी मस्कुलर स्ट्रेंग्ट समझ रहे हो
33:32उसके बाद बता रहे हैं कि
33:35350 मोर किलो कैलरीज
33:38और बगल में वो लड़की खड़ी हो करके
33:40शर्मा के मुस्कुरा के ऐसे खरी हुई है
33:42कि इसकी जिन्दगी में अब
33:46इतनी
33:46मस्कुलर स्ट्रेंग्ट भी आ गई है
33:48और अभी यह इतनी एनरजी और खर्च कर पा रहा है
33:53कुछ भी बेचना है
33:54जो ये सब गिफ्ट वाले हमारे
33:58लाकों भाई बेन है
34:01इनके सवाल देखो न
34:02वो सवाल आप लों के सामने
34:05हमारी A.I.T. माने नहीं देती
34:09दो तेहाई सवाल सेक्शूल है
34:12मेरी शादी कब होगी? मैं मा कब बनूँगी?
34:15मैं प्रेग्नेंट हूँ लड़का होगा की लड़की होगी?
34:20मेरी गर्फ्रेंड कहीं भाग तो नहीं जाएगी?
34:27और ये सारे सवाल गीता अब पर पुछे आ रहे हैं
34:34पहला अप्सेशन सेक्स, दूसरा पैसा
34:41श्री रामकृष्ण कहा करते थे
34:44कि ये कंचन कामिनी माया है, उसको उल्टा करना चाहिए, कामिनी कंचन
34:50तो कि हमारे पास डेटा है, उनके पास डेटा नहीं था
34:59पहली चीज यह ही है
35:01सेक्स, सेक्स, और दूसरा पिर सवाल आता है कि
35:05दुकान में क्या कर दूँ, बताइए
35:08कोई उसमें अपनी फोटो लगा देता है, अपनी माने इसकी
35:11क्या होती है, जनम पत्री की फोटो लगा देगा है, देख के बताओ, दुकान कब बढ़ेगी
35:16यह सब है
35:26सेक्शूल एक्टिविटी और सेक्शूल सेंटर दो अलग अलग बाते होती है
35:34आप सेक्शूल एक्टिविटी कर सकते हो, नौन सेक्शूल सेंटर से भी
35:40और वो बात सुन्दर है, प्राकृतिक है
35:44और यह बिलकुल हो सकता है, कि आप 90 साल के हो गए हो, तब भी आपका सेंटर सेक्शूल ही
35:49है
35:50और आप उस सेक्शूल सेंटर से कोई नौर्मल दिखने वाली एक्टिविटी कर रहे हो
35:57पर वो एक्टिविटी भी आप सेक्शूल सेंटर से ही रही है
36:04दादी लगी होई है कि बेटा तू सेक्स कर मुझा इपोता देखना है
36:12विचार की जरूरत है क्या हो रहा है
36:14बाप कह रहा है मैं तै करूंगा कि मेरी बेटी के साथ
36:20चारेरिक संबंध कौन सा पुरुष बनाएगा
36:22तोड़ा सोचना पड़ेगा कि ये किस सेंटर से आ रही है बात
36:27दा मेल फादर इस सेंग मैं डिसाइड करूंगा कि मेरी बेटी के साथ
36:33कौन सा मेल सेक्स करेगा
36:39इरादे के हैं जनब
36:44सेंटर क्या है जनब
36:48यह दो अलग-अलग बाते हैं
36:50सेक्स और सेक्शुल सेंटर
36:53सेक्स ठीक है
36:58नित्य है प्रकृतिका
37:00उसमें वो भी है
37:00सेक्शुल सेंटर
37:02sexual obsession, sexual identity
37:05ये बिलकुल अलग बात होते हैं
37:18आरे ये बात समझ में
37:30नमस्ते, मेरा नाम गजाला है
37:32और मैं दिली से ही हूँ
37:34अचारी जी के साथ इस सस्त्र में जुड़े हुए
37:36मुझे चार में हो गया है
37:37स्त्र से पहले
37:39मैं एक अध्यात्मिक संस्ता से जुड़ी हुई थी
37:44और इस अध्यात्मिक जर्णी पर मैं पिछले आठ साल से हूँ
37:49इस जरनी के दोरान मेरे मन में बहुत सारे प्रश्न उठे और जिसका समाधान मुझे महाँ पे नहीं मिल रहा
37:55था
37:55जैसे भक्ती क्या है पहले जो भी मैं अपनी भावनाओं को भक्ती समझती थी
38:01या फिर समर्पन क्या होता है ये सारे विश्यों पे और इसके इलावा भी बहुत सारे विश्यों पे मेरे को
38:08सवाल उठने लगे थे
38:10उसका जवाब दूनते हुए मुझे आचारे जी यूट्यूब पे मिले और फिर एक दोस्त के माध्यम से मैंने इस गीता
38:21सत्र में अपने आपको इन्रोल किया
38:24आचारे जी से जुड़ने से पहले और आचारे जी से जूड़ने के बाद मैं कई सारे बदलाव अपनी अंदर देख
38:30पा रही हूँ
38:31साहस मेरे भीतर पहले से जादा है और गल्ट चीजों के परती आवाज उठा पा रही हूँ
38:39तो पीपनी के दोरान बहुत सारे आत्मसंशय से गुजर रही थी। मैं खुद पर क्वेश्चन उठाया थी कि कुछ मेरे
38:45साथ ही गलत है।
38:47और जैसे जैसे मैं अचारी जी को जादा सुनने लगी तो मुझे वहां इस आत्मसंशय से निकलने में मेरी मदद
38:56हो रही है।
38:56जो कि मेरे एक बहुत बड़ी उपलब्दी है क्योंकि कही ना कहीं मुझे ऐसा लग रहा था कि I am
39:01getting lost in something.
39:02तो मैं तो आप सभी से कहूंगी क्योंकि अगर आपको समध्धान अपने भीतर ढूणना है और उस समध्धान से बाहर
39:15भी जो भी आप करते हैं उस ज्यान से करें तो आचारे जी के सत्र एगवर्दान के रूप में हैं
39:22जन्यवार।
39:32करते हैं जन्यवार।
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