00:00Bihar के पश्चम चम्पारण में स्थित रामपूर्वा के ही अशोग स्तंब 2200 साल से भी अधिक पुराने हैं।
00:07इसका भव्य बुल कापिटल आज राश्ट्रपती भवन की शान भढ़ा रहा है और वहां सुरक्षत है।
00:13वहीं इसके लाइन कापिटल को कॉलकता के इंडिन म्यूजियम में ले जाया गया था।
00:19अफसोस की बात है कि 2013 में गलत तरीके से ले जाने के कारण ये दो हिस्सों में तूट गया।
00:25आज रामपूर्वा में बचे हुए स्थंभों की हालत दैनिय है और वे एक साधारन शेट के नीचे पड़े हैं।
00:32समराट अशोक के ये स्थंभ, शान्ती, न्याय और मानफता के वैश्विक संदेश के जीवन्त प्रतीक हैं।
00:40आज के दोर में ये स्थंभ हमारी साजह विरासत और इतिहास को संजोए रखने की याद दिलाते हैं।
00:46इनकी रक्षा करना हमारा करतव्य है, ताकि आने वाली पीड़ी अपनी गौरफ शाली जड़ों से जुड़ी रहे।
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