00:00पहले मंदिरों को सुवधा नहीं मिलती थी ये पैसा कप्रिस्तान के लिए जाता था आपको कप्रिस्तान प्यारा था तो आपने
00:07वहाँ पैसा दिया हमें मंदिर प्यारे हैं हम मंदिर के लिए पैसा दे लिए जिसको जो प्यारा होता है वो
00:13वही करता है कई पीडिया आई दे
00:28में जाएंगे कितना भव्य बन गया है कि किसी भी मंदिर में जाईए आपको कुछ परिवर्तन देखने को मिला होगा
00:37लगभग
00:38कि ऑंतरा सौ प्रदेश भर के पंदरा सो मंदिरों में जा करके हम लोगों ने कुछ नकुल धन्दासी दे करके
00:44सुंद्री खिल्न के काडिक�� को अब तक संप्र किया tram
00:49और एक जगे कुछ नो कुछ करने का प्रियास किया है, पहले ये नहीं होता था, पहले मंदिरों को सुख्धा
00:55नहीं मिलती थी, ये पैंसा कप्रिस्तान के लिए जाता था,
01:02समाजवादी पार्टी के एक नेता ही बोल लेते हैं, उन्होंने का साब आपने कप्रिस्तान का पैंसा डाइवर्ट, हमने एक डाइवर्ट
01:08नहीं कि ये पैंसा सरकार का पैंसा था, जंदा का पैंसा था,
01:11आपको कब्रिस्तान प्यारा था तो आपने वहाँ पैसा दिया
01:14हमें मंदिर प्यारे हैं हम मंदिर के लिए पैसा दे रहें
01:26जिसको जो प्यारा होता है वो वही करता है
01:32लेकिन याद करना जब इस सुखत अनुभूती आती है
01:37हमने हर जगे आपके प्रतेक मंदल में, वाड में, भूत में
01:43ये तीन प्रकार की पुस्तकें गई होंगे
01:48मैं सभी भूत अध्यक्सों से कहूंगा, सभी वाड अध्यक्सों से कहूंगा
01:53भूत पे भूत की टीम कम से कम इस कार्ड को पढ़े
01:59और अपने बूत के
02:01दस लोगों को ये पुस्तक जरूर दे
02:05पचास लोगों को ये पुस्तक जरूर दे
02:08ये फोल्डर जरूर अपलब्द करवा है
02:09अलग-अलग बेक्तिको
02:11और पढ़ें भी कारिकरतों के बीच में
02:17वाडस्तर पर भी
02:18इन विकास कारियों पर चर्चा होनी चाहिए
02:24अगर हम विकास के मुद्दे पर चर्चार नहीं करेंगे
02:27और पलब्धियों पर चर्चार नहीं करेंगे
02:28तो जनता उसको भूलेगी
02:32और याद करना
02:34हमने जो चनौतियां देखी है
02:38प्रदेश के सामने पैचान का जो संकट खड़ा हुआ था ये माफ्या और मच्छर के पीछे कुस्ता तो ये जातिवाद
02:44की राजनीती थी
02:46परिवारवाद की राजनीती थी जो एक होनहार कारेकरता को आगे बढ़ने से रोपती थी
02:53एक ही परिवार के सब लोग परजाते थे
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