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  • 1 day ago
गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपको कब्रिस्तान प्यारा था तो आपने वहां पैसा दिया, हमें मंदिर प्यारे हैं, हम मंदिर के लिए पैसा दे रहे हैं, जिसको जो प्यारा होता है, वो वही करता है।

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Transcript
00:00पहले मंदिरों को सुवधा नहीं मिलती थी ये पैसा कप्रिस्तान के लिए जाता था आपको कप्रिस्तान प्यारा था तो आपने
00:07वहाँ पैसा दिया हमें मंदिर प्यारे हैं हम मंदिर के लिए पैसा दे लिए जिसको जो प्यारा होता है वो
00:13वही करता है कई पीडिया आई दे
00:28में जाएंगे कितना भव्य बन गया है कि किसी भी मंदिर में जाईए आपको कुछ परिवर्तन देखने को मिला होगा
00:37लगभग
00:38कि ऑंतरा सौ प्रदेश भर के पंदरा सो मंदिरों में जा करके हम लोगों ने कुछ नकुल धन्दासी दे करके
00:44सुंद्री खिल्न के काडिक�� को अब तक संप्र किया tram
00:49और एक जगे कुछ नो कुछ करने का प्रियास किया है, पहले ये नहीं होता था, पहले मंदिरों को सुख्धा
00:55नहीं मिलती थी, ये पैंसा कप्रिस्तान के लिए जाता था,
01:02समाजवादी पार्टी के एक नेता ही बोल लेते हैं, उन्होंने का साब आपने कप्रिस्तान का पैंसा डाइवर्ट, हमने एक डाइवर्ट
01:08नहीं कि ये पैंसा सरकार का पैंसा था, जंदा का पैंसा था,
01:11आपको कब्रिस्तान प्यारा था तो आपने वहाँ पैसा दिया
01:14हमें मंदिर प्यारे हैं हम मंदिर के लिए पैसा दे रहें
01:26जिसको जो प्यारा होता है वो वही करता है
01:32लेकिन याद करना जब इस सुखत अनुभूती आती है
01:37हमने हर जगे आपके प्रतेक मंदल में, वाड में, भूत में
01:43ये तीन प्रकार की पुस्तकें गई होंगे
01:48मैं सभी भूत अध्यक्सों से कहूंगा, सभी वाड अध्यक्सों से कहूंगा
01:53भूत पे भूत की टीम कम से कम इस कार्ड को पढ़े
01:59और अपने बूत के
02:01दस लोगों को ये पुस्तक जरूर दे
02:05पचास लोगों को ये पुस्तक जरूर दे
02:08ये फोल्डर जरूर अपलब्द करवा है
02:09अलग-अलग बेक्तिको
02:11और पढ़ें भी कारिकरतों के बीच में
02:17वाडस्तर पर भी
02:18इन विकास कारियों पर चर्चा होनी चाहिए
02:24अगर हम विकास के मुद्दे पर चर्चार नहीं करेंगे
02:27और पलब्धियों पर चर्चार नहीं करेंगे
02:28तो जनता उसको भूलेगी
02:32और याद करना
02:34हमने जो चनौतियां देखी है
02:38प्रदेश के सामने पैचान का जो संकट खड़ा हुआ था ये माफ्या और मच्छर के पीछे कुस्ता तो ये जातिवाद
02:44की राजनीती थी
02:46परिवारवाद की राजनीती थी जो एक होनहार कारेकरता को आगे बढ़ने से रोपती थी
02:53एक ही परिवार के सब लोग परजाते थे
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