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Harish Rana का अंतिम संस्कार बेहद भावुक माहौल में संपन्न हुआ। भारत के पहले व्यक्ति, जिन्हें passive euthanasia की अनुमति मिली थी, को मुखाग्नि दी गई। इस दौरान उनके माता-पिता फूट-फूटकर रोते नजर आए, और बेटे को विदा देना उनके लिए अत्यंत कठिन पल था। करीब 13 साल से vegetative state में रहने के बाद Harish का निधन हुआ, और परिवार ने भावनाओं से भरी अंतिम विदाई दी। इस घटना ने केवल उनके परिवार को नहीं, बल्कि देश में इच्छामृत्यु और मानवीय गरिमा पर बहस को भी जोरदार बना दिया।

#HarishRana #PassiveEuthanasia #IcchaMrityu #EmotionalFarewell #FamilyGrief #FilmiBeat

~HT.504~PR.480~ED.390~

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00:01लंबे वक्त के बाद हरीश राणा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया मंगलवार का दिन परिवार के लिए काफी
00:08जादा भारी था आपको बता दे उरकी दिधर के बाद परिवार पूरी तरह से तूट चुका है हरीश राणा वो
00:14शक्स है जिने सुप्रीम कोट ने इच्�
00:27माता पिता की आँखों में हमीशा के लिए आसू डॉक्टर्स को दिखाया लेकिन कोई भी रास्ता नहीं निकल पाया लेकिन
00:34अब लंबे वक्त बाद बेटे के इस दर्थ को देखते हुए उन्होंने सुप्रीम कोट का दरवाजा खटकटाया था जिसके बाद
00:41सुप्रीम को
00:56उस वक्त फूट फूट का रोने लगे जिसने भी इस माता पिता को अपने बेटे को विदाई देते हुए देखा
01:02उसकी आँखों में सैलाब आ गया हरीश की एक कहानी ना केवलिक का परिवाद की है बलकि पूरे देश की
01:08है आपको बता दें आज पूरा देश हरीश को या�
01:26ये रिष्टा बताता है कि आखिरकार हरीश के बैड़ पर होने के बावजूद माता पिता को कितना लगा वुस से
01:33था इनका दर्द देखकर समझा जा सकता है कि आखिरकार किस कठीन परिस्तितियों में इन्होंने सुप्रीम कोट का दरवाजा खटकटाया
01:40होगा और इसके सा
01:53आलत में देखकर हर किसी की आखों में सैलाब है
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