00:00नकांग्षे विजयं कृष्णा, नच राज्यं सुखा नीचा, किम्नो राज्येन गोविंदा, किम्भो गैर जीविते नवा?
00:18श्लोकार्था, हे कृष्णाने ननका दरो विजय दा, राज्य दा, हागुसुका दा इच्छे इल्ला, हे गोविंदाने नमगे इंतहा राज्य दिन्द याव
00:28प्रयोजन विदे, मत्तु इंतहा भोग गलिन्द जीवन दिन्द याव लाभ विदे
Comments