00:00अधर्मा भीभवात कृष्णा प्रदुष्यन्ति कुलस्त्रियह स्रीशुदुष्टासु वार्ष्णेया जायते वर्ण संकरह।
00:16श्लोकार्था एक्रिश्णा पापवु हेच्चु बेलीवुदरिंदा कुलद स्त्रीयरु अत्यंत दूशितरागी बिड़ुद्तारे मत्तु हे वाष्णेयने स्त्रीयरु दूशितराद बलिका वर्ण संकर्यवु उन्टागुद्त दे
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