00:00क्या आपने कभी अपने जीवन में बैठ कर यह सोचा है कि आखिर हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है?
00:06कभी किसी का अचानक एक्सीडेंट हो जाता है, कभी कोई व्यक्ती मंदिर दर्शन के लिए जाता है और रास्ते में
00:11बस दुर्गटना में उसकी मृत्यू हो जाती है, कभी केदारनात की बार में हजारों लोग बह जाते हैं, लेकिन उसी
00:18जगह कुछ लोग चमतकारिक रूप स
00:19बच भी जाते हैं, कोई छात्र सालों तक परिश्रम करता है, दिन रात पढ़ाई करता है, फिर भी उसका चयन
00:26नहीं होता, और कोई दूसरा व्यक्ती थोड़ी परिश्रम में ही सफलता पा लेता है, कुछ बच्चों के माता-पिता बच्पन
00:33में ही छिन जाते हैं, और कुछ
00:34लोग पूरे परिवार के प्यार में पलते हैं, क्यों कुछ माता-पिता अपने बच्चों को भरपेट खाना तक नहीं खिला
00:40पाते, और वहीं दूसरी जगह, खाने की इतनी बरबादी होती है, कि लोग ठाली का अपमान कर देते हैं, क्यों
00:48कुछ बच्चे पढ़ाई में ब
01:02पढ़ जाते हैं, क्यों कुछ लोग जीवन भर संघर्ष करते हैं, और कुछ लोग बिना परिश्रम के सब कुछ बालेते
01:09हैं, कई जगह ऐसे माता-पिता होते हैं, माता-पिता अपने बच्चों को देखते हैं, और मन ही मन सोचते
01:15हैं, हमारे बच्चे पढ़ाई में अच्�
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03:53ठीक वही पीड़ा, वही डर, वही तड़प, एक जानवर भी महसूस करता है.
03:58जब मचली पानी से बाहर निकलती है, तो वह तड़पती है, वह सांस लेने के लिए छट पटाती है.
04:04लेकिन इनसान उसे देखता है, और कहता है, यह तो बस खाना है, लेकिन क्या सच में यह सिर्फ खाना
04:10है, या फिर यह किसी जीव की आखिरी पीड़ा है, जो हमारे स्वाद के लिए दी जा रही है.
04:16my friends, when I turned my dog out, I saw a bucket, I saw a nightmare, and I saw an
04:45accident,
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