Skip to playerSkip to main content
West Bengal Voter List Controversy: बंगाल की नई वोटर लिस्ट में बड़ा खेल, क्या वाकई लाखों नाम काट दिए गए? चुनाव से पहले इस नई सप्लीमेंट्री लिस्ट ने ममता बनर्जी और बीजेपी दोनों की नींद उड़ा दी है, जानिये आखिर इसके पीछे का पूरा सच।
पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की पहली सप्लीमेंट्री लिस्ट ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। सोमवार देर रात जैसे ही राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) की वेबसाइट पर लिंक एक्टिव हुआ, लाखों लोग अपने नाम की तलाश में जुट गए।
सूत्रों के मुताबिक, इस नई सूची में करीब 29 लाख मामलों का निपटारा किया गया है, जिनमें से लाखों नाम हटाए जाने की खबर सामने आ रही है। बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों से पहले इसे एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। सत्ताधारी TMC जहां इसे साजिश बता रही है, वहीं BJP इसे पारदर्शी प्रक्रिया करार दे रही है।
प्रशासन अब अलर्ट मोड पर है और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या विरोध को रोका जा सके। 28 फरवरी को जारी पिछली लिस्ट में भी भारी फेरबदल हुआ था, लेकिन इस बार की सप्लीमेंट्री लिस्ट सीधे तौर पर हार और जीत का अंतर तय कर सकती है।
About the Story:
The political temperature in West Bengal has soared following the release of the first supplementary voter list under the Special Intensive Revision (SIR). With rumors of millions of names being deleted or modified, both TMC and BJP are closely monitoring the situation as it could directly impact the upcoming Assembly Elections across 294 constituencies. The Election Commission maintains transparency, while the administration has increased security in sensitive zones.

#WestBengal #SIR #VoterListControversy #BengalElection #OneindiaHindi

~HT.318~PR.514~GR.508~

Category

🗞
News
Transcript
00:00बंगाल वोटर लिस्ट में बड़ा खेल, सियासत गर्माई
00:03SIR की सप्लिमेंटरी लिस्ट में 70 लाख नाम हटाए गए
00:07पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है
00:11क्योंकि वोटर लिस्ट में फेर बड़ल का मुद्धा अब चुनावी रंढ़ूमी का सबसे बड़ा हतियार बद्धा जा रहा है
00:17दरसल सोमवाद देर रात राजवे में SIR यानि की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की पहली सप्लिमेंटरी यानि पूरक मदाता सूची जारी
00:26कर दी गई
00:26चुनाव आयोग और राजवे के मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट पर इसका लिंक अपलोड होते ही लाखों लोगों की नजरे
00:33उस पर टिक गई
00:34लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है किसका नाम जुड़ा और किसका कट गया
00:39क्योंकि हैरानी की बात ये है कि सूची जारी होने के बावजूद अभी तक कोई अधिकारी के प्रस्मोव सामने नहीं
00:46आया है
00:46सूत्रों के मुताबिक इस पूरक सूची में करीब 29 लाख विचाराधीन मामलों का निप्टारा किया गया है
00:52इनमें से करीब 10 लाख नाम हटाये जाने की बात भी सामने निकल कर आ रही है
00:57यानि लाखो वोटरों का भविश्य अब इस सूची पर टिका हुआ है
01:01अब जराई से चुनावी नजरिये से समझने की कोशिश करते हैं
01:04पश्चिम बंगाल में जल्दी विधान सभा चुनाव होने वाले हैं
01:08ऐसे में वोटर लिस्ट में बदलाओ सीधे सीधे चुनावी समी करण को बदल सकता है
01:13बंगाल के सीय ममतब एनरजी तो साफ साफ कह रही है कि चुनाव आयोग और बिजेपी की मिली भगत है
01:18और चुनाव आयोग जान भूच कर जिन राज्यों में चुनाव कोता है उसमें ऐसा ऐसा यार करवाता है ताकि बीजेपी
01:24को सीधा सीधा फायदा मिल सके
01:26अब आपको बताते कि राज्यों में कुल 294 विधान जबा सीधे हैं और मुकाबला पहले से ही बेहद कांटे का
01:32माना जा रहा है
01:33एक तरफ सत्ताधारी टीमसी है तो दूसरी तरफ बीजेपी और अब छोटे दलों की एंट्री भी खेल बिगाड सकती है
01:39अब बंगाल चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी केंट्री हो गई है
01:44ओवैसी ने हुमायू कबीर के साथ गट बंधन कर लिया है और ऐसे में बंगाल का सियासत का खेल भिगड़ता
01:49नज़रा रहा है
01:50और अब अगर लाखो नाम जुड़ते या फिर कटते हैं तो कई सीचों पर जीत हार का अंतर भी बदल
01:55सकता है
01:56यही वज़ह है कि विपक्षु पहले से ही इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है
02:01टीमसे का आरोप है कि वोटर लिस्ट के जरिये चुनावी खेल खेला जा रहा है
02:05वहीं इलेक्शन कमिशन इसे पूरी तरब बारदर्शी प्रक्रिया बता रही है
02:09अब प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है
02:11सूची जारी होते ही कई सब विदर्शील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है
02:16किसी भी तरे के विरोध या हिंसा को रोकने के लिए विशेश इंतजाम किये गए है
02:21इतना ही नहीं बूद्सतर पर भी पूरक सूची को चस्पा किया जा रहा है ताकि लोग अपने नाम खुझ जाकर
02:28जाच सके
02:28पिछले आकड़ों पर नज़र डाले तो 28 परवरी को जारी अंतिम मदाता सूची में करेब 63 लाग से ज्यादा नाम
02:35हटाए गए थे
02:36जबकि 60 लाग से अधिक नाम विचाराधीन थे अब उसी का अगला चरण है ये सप्लिमेंटरी लिस्ट जो बंगाल की
02:44राजुनीती की एक नई दिशा तै कर सकती है
02:46सबसे बड़े सवाल तो यही है क्या यह सिर्फ एक प्रिशासनिक प्रक्रिया है या फर चुनाओ से पहले वोट बैंक
02:53का बड़ा गणत क्योंकि बंगाल की सियासत में हर वोट की कीमत है और हर नाम एक संभावित जीत या
03:00फर हार तै कर सकता है और हो भी क्यों ना
03:02क्योंकि ममता बेनर जी चाहेंगे कि लगातार वो चौती बार मुख्यमंत्री बने और इसके साथी बीजेपी ने अपनी लेडी चोटी
03:09एक कर दिया है ताकि बर बंगाल की सत्ता में बीजेपी भी अपनी जीत का पर्चम लहरा पाए
03:14इस खबर में इतना ही लेकिन आप क्या सोचते हैं कॉमेंट किरके जरूर बताएं और देश दुनिया की बागी खबरों
03:20के लिए देखते रहें One India Hindi
Comments

Recommended