00:00यहां सूर्यदेव करते हैं माता का तिलक
00:02साल में दो बार होता है ये अद्भुत द्रिश्य
00:04महाराश्ट्र के कोलहपुर स्थित करवीर महालक्ष्मी शक्तिपीट
00:08अपनी अनोखी परंपरा के लिए फेमस है
00:10यहां साल में दो बार एक दुरलब घटना होती है
00:13जब सूर्य की किरणे सीधे मंदिर के गर्भग्रह में पहुँचकर
00:17देवी महालक्ष्मी के मस्तक, वक्ष और चर्णों पर पड़ती है
00:20जिसे सूर्य देव द्वारा तिलक करने की मान्यता से जोड़ा जाता है
00:24ये मंदिर पांच नदियों के संगम पर स्थित है
00:27और इसे देश के प्रमुख महालक्ष्मी तीर्थों में गिना जाता है
00:31मान्यता है कि यहां देवी सती का अंग गिरा था
00:34जिससे ये स्थान शक्ति पीठ बना
00:36माम महालक्ष्मी को यहां अंबबाई के रूप में पूजा जाता है
00:39उनके चार हाथ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रतीक माने जाते है
00:42ये भी कहा जाता है कि हर एकादशी पर भगवान विश्नु यहां विश्राम करने आते हैं
00:47इस अद्भुत खगोलिय और धार्मिक संगम को देखने के लिए
00:50दूर दूर से शद्धालू यहां पहुचते है
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