00:00अगले मेहने के पहले जुम्हे, तीन अक्टूबर, दस बारा मुझाहिद इंडिया जा रहे हैं। इस बार थोड़ा बड़ा मकसद है।
00:08उनकी रुकसती करांची से ही होगी। तो जुम्हे रात के पहले तक सारा माल खेरियत से हमारे पास पहुँच जाना
00:14चाहिए।
00:17रेमान भाई, फिकर अमत करो। सिर्फ माली तोर पर ही नहीं, मैं खुद जरवारी साब से आपकी हमायत करूँगा।
00:27अरे वाँ, इलेक्शन मुबारको।
00:30मैं वादे के साथ कह सकता हूँ के इनका कहा जरवारी साब कभी टालना ही पाहिए।
00:44जरवारी साथ के जरवारी साथ के जरवारी साथ को अगले मेने की जुमेरात तक मिल जागा इन्शालाह।
00:51रकम डॉलरों में होगा।
00:55मर्शु वादा किया गए।
00:59उसे भूरने की गुस्ता कीमत करना।
01:03अब तो जनते हूंगे
01:08रेमा अंड़केथ की दीवी मौत
01:13बड़ी कसा ही नुमा हुती है
01:26खुदा खुदा खुदा खुदा
01:31झाल
01:32याद
01:33याद
01:34याद
01:35प्याद
01:36झाल
01:36झाल
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