00:11क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग इतने आत्म विश्वासी क्यों होते हैं डर सबको लगता है लेकिन कुछ
00:19लोग डर के आगे जुग जाते हैं और कुछ लोग डर को देख कर भी आगे बढ़ जाते हैं
00:25आज का इंसान डर से नहीं डर के विचार से हार जाता है मैं ये नहीं कर पाऊंगा लोग क्या
00:32कहेंगे अगर अस्फल हो गया तो लेकिन इतिहास में एक ऐसा नाम है जिसके सामने डर कभी खड़ा ही नहीं
00:40हो पाया
00:40महावीर हनुमान हनुमान जी कोई जन जात सुपर हीरो नहीं थे उनकी ताकत का रहस्य श्रीर में नहीं मन में
00:50था
00:50आज का ये विडियो आपको बताएगा हनुमान जी का असली confidence कहा से आता है डर का वास्तविक कारण क्या
00:58है और आप अपने जीवन में वही fearless mindset कैसे ला सकते हैं ये विडियो केवल कथा नहीं जीवन बदलने
01:07वाला सूत्र है
01:08सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि confidence का मतलब डर का न होना नहीं है confidence का मतलब है
01:16डर के बावजूद सही कदम उठाना डर पैदा कहा से होता है डर के तीन मुख्य स्रोथ है अहंकार मेरी
01:25image क्या होगी अज्यान आगे क्या होगा पता नहीं असमिता का भ्रम मैं ये शरीर ही ह�
01:33हनुमान जी के जीवन को देखें तो पाएंगे कि इन तीनों का वहाँ कोई स्थान नहीं था हनुमान जी का
01:40confidence उनकी ताकत से नहीं उनकी पहचान से आता था वो खुद को क्या मानते थे मैं राम का दास
01:49हूँ
01:50बस ना राजा ना योध्धा ना विद्वान सिर्फदास यही सबसे बड़ा confidence formula है जब आपकी पहचान अपने ego से
02:02जुड़ी होती है तो डर पैदा होता है लेकिन जब पहचान किसी उच्च उद्देश से जुड़ जाती है तो डर
02:10पिखल जाता है
02:11रामायन का सबसे प्रसिद्ध त्रिश्य समुद्र पार करना सभी वानर खड़े थे समुद्र विशाल था लहरेंग गर्जना कर रही थी
02:21और हनुमान जी शुरुवात में चुप थे
02:24क्यों? क्योंकि उन्हें अपनी शक्ती का स्मरण नहीं था
02:29जामद जी ने याद दिलाया
02:31हे हनुमान तुम अपनी शक्ती भूल गए हो
02:35और जैसे ही उन्हें अपनी वास्तविक पहचान याद आई
02:39डर समाप्त, संदे समाप्त, हेजिटेशन समाप्त
02:44यही होता है आज हमारे साथ
02:46हम कमजोर नहीं है, हम भूले हुए शक्ती शाली है
02:51हनुमान जी का पहला सूत्र है
02:53स्मरण, अपनी शक्ती का स्मरण, अपने उद्देश का स्मरण, अपने कर्तव्य का स्मरण
02:59आज का इंसान डरता है क्योंकि उसे ये याद नहीं रहता कि
03:03मैं कौन हूँ?
03:05हम खुद को अपनी डिगरी, सैलरी, स्टेटस से जोड लेते हैं
03:10हनुमान जी खुद कोसेवा से जोडते हैं
03:13लंका कोई साधारन स्थान नहीं थी
03:16राक्षस मायावी शक्तिया, मृत्यू का खत्रा
03:19लेकिन हनुमान जी डरे नहीं
03:21क्यों? क्योंकि उनका फोकस ये नहीं था
03:25मेरे साथ क्या होगा?
03:27राम का काम कैसे पूरा होगा?
03:29जब फोकस सेल्फ से हटकर ड्यूटी पर आ जाता है
03:33तो डर अपने आप गिर जाता है
03:36डर और अहंकार साथ साथ चलते हैं
03:39जहां मैं बड़ा होता है
03:41वहाँ डर भी बड़ा होता है
03:43हनुमान जी का अहंकार शुन्य था
03:46इसलिए अपमान ने उन्हें नहीं तोड़ा
03:49फ्रशन साने उन्हें नहीं विगाड़ा
03:52आज हम डरते हैं क्योंकि हमें अपमान का डर है, हमें हार का डर है, हमें अस्वीकार किये जाने का
03:59डर है
04:00हनुमान जी को इन में से किसी का डर नहीं था
04:04छोटा उद्देश बड़ा डर, बड़ा उद्देश छोटा डर
04:08हनुमान जी का उद्देश क्या था?
04:10राम की सेवा इतना विशाल उद्देश था कि व्यक्तिगत डर उसके सामने टिक ही नहीं पाया
04:17आज अगर आपका उद्देश सिर्फ पैसा, नाम, तुन्ना है तो डर रहेगा
04:24लेकिन अगर उद्देश है सेवा, सुधार, योगदान तो डर कम होता जाएगा
04:32हनुमान जी कभी चिल्ला कर नहीं कहते, मैं शक्तिशाली हूँ
04:37उनका confidence, शान्थ है, आज का fake confidence, शोर करता है, real confidence, शान्थ होता है
04:46हनुमान जी का confidence, कार्य में दिखता है, शब्दों में नहीं
04:51यही fearless व्यक्ति की पहचान है, आज की anxiety के कारण
04:57overthinking, future obsession comparison, हनुमान जी वर्तमान में रहते हैं, कार्य पर ध्यान देते हैं, तुल्ना नहीं करते
05:06जो वर्तमान में जीता है, वो डर से मुक्त होता है, हनुमान जी का सबसे गहरा गुन
05:13पूर्ण समर्पन, समर्पन का अर्थ कमजोरी नहीं है, समर्पन का अर्थ है, मैं प्रयाज करूँगा, फल इश्वर पर छोड़ दूँगा,
05:24जहां फल का बोज उतर जाता है, वहां डर भी उतर जाता है
05:28अब सवाल है, हम हनुमान जी जैसे फियरलिस कैसे बने, एक पहचान बदलो, अपने आपको रोल नहीं, परपस से जोडो,
05:38दो सेवा भावलाओ, सेल्फ सेंटर लाइफ फियर, सर्विस सेंटर लाइफ कारेज, तीन इगो अबजर्व करो, जहां इगो उभरता दिखे, वही
05:49डर छिपा है, चार कर्म करो, परिनाम छोडो, यही गीता और हनुमान जी दोनों का सार है, हनुमान जी केवल
05:59भक्त नहीं थे, वो अत्यंत शक्ति शाली भी थे, लेकिन शक्ति, भक्ति के नियंत्रन में थी, आज समस्या ये है,
06:08शक्ति है, पर दिशा नहीं, ज्यान है, पर �
06:15शक्ति प्लस भक्ति is equal to fearlessness, डर कोई बाहरी शत्रू नहीं है, डर हमारी गलत पहचान से पैदा होता
06:24है, हमारे अहंकार से बढ़ता है, और हमारे उद्देश की कमी से ताकत पाता है, हनुमान जी हमें सिखाते हैं,
06:33याद रखो तुम कौन हो उद्देश को स्वयं से बड़ा
06:36बनाओ, और फल की चिंता छोड़ दो, जो ये सीख गया, वो अकेला भी अडिक रहेगा, और संकट में भी
06:44शांत रहेगा, यही है हनुमान जी का confidence formula, अगर इस विडियो ने आपके जीवन में कुछ मूल्य जोड़ा हो,
06:52या आपको अच्छा लगा हो, तो हमारे साथ जोड़
06:56रहिये, Jai Shri Krishna, this video is created originally by Hare Krishna Bhakti Vibes, for spiritual knowledge purposes, Jai Shri
07:06Krishna
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