00:00जीवन के गहरे आध्यात्मिक संदेश भी देते हैं।
00:04जब हम होली खेलते हैं, तो ये रंग हमें सिखाते हैं कि जीवन की हर भावना को अपनाना चाहिए, प्रेम,
00:11करुणा, ग्यान और समर्पन।
00:13ये रंग हमें याद दिलाते हैं कि हम सभी एक ही ईश्वर के अंच हैं।
00:19वरिंदावन की गलियों में होली सिर्फ एक खेल नहीं थी, बलकि राधा कृष्ण के शाश्वत प्रेम की अभिविक्ती थी।
00:27कहते हैं, कृष्ण अपने सामवले रंग को लेकर चिंतित थे कि राधा उन्हें अपनाएंगी या नहीं।
00:34तब यशोदा मैया ने कृष्ण से कहा, तू राधा को रंग लगा देना और यहीं से शुरू हुई होली की
00:40वह प्रेम लीला, जहां रंगों ने हर भेद मिटा दिया।
00:45होली सिर्फ उत्सव नहीं, बलकि एक अवसर है, पुराने गिलेशिक्वे भुलाने का, एक दूसरे कुख्षमा करने का, और नई शुरूआत
00:53करने का।
00:55जैसे रंग मिलकर इंद्रदनुश बनाते हैं, वैसे ही हम सब जब प्रेम प्रेम लाधा हैं।
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