00:09सोचे, आप एक भीटभाड वाले शहर में हैं, हजारों लोग आपके आसपास से गुजर रहे हैं, लेकिन आपके दिल में
00:15एक बात है, बोज है जिसे आप किसी को बताना चाहते हैं
00:19आप अपना फोन उठाते हैं, कॉन्टाक्ल स्क्रोल करते हैं, लेकिन रुक जाते, क्योंकि आपको समझ नहीं आता कि आपको बिना
00:26जज़ किया आखे सुनेगा कौन
00:2921 सदी की वो बिमारी है, जुसका कोई टाबलेट नहीं बना, लेकिन मुंबई के जूहू बीच पर इन दिनो एक
00:36श्रक्स बैठा है, जो आपकी इसी अकेलेपन की दवा बेच रहा है
00:40ना कोई दवाई, ना कोई प्रवचन, सिर्फ एक कान, जी हाँ, वो पैसे लेकर आपकी बाते सुनता है
00:46सोशल मीडिया पर इन दिनो एक वीडियो आख की तरह फैल रहा है
00:50वाइरल हो रहा है इस वीडियो में दिख रहा है श्रक्स का नाम है पृत्वी राज पोहला
00:55पृत्वी मुंबई के मशूर जूहू बीच पर एक बोर्ड लेकर बैठते हैं
00:59जिस पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखा है किसी को अपना दुख सुनाना है तो मैं सुन सकता हूँ
01:04लेकिन हैरानी की बात ये नहीं है कि वो लोगों की बाते सुन रहे हैं
01:09बड़ी ये है कि उन्होंने इसके लिए एक रेट कार्ट तक तयार कर लिया है
01:12जैसे किसी रेस्टरॉन में खाने का मेन्यू होता है वैसी पृत्वी के पास दुख सुनने का भी मेन्यू है
01:18आई आपको समझाते हैं कि पृत्वी की सर्विस की कीमत क्या है
01:22अगर आपकी समझ से छूटी या आप बस एक हलकी फुलकी बातचीत करना चाते हैं तो कीमत है 250 रुपे
01:28अगर परिशानी बड़ी है गेहरी है और आपको लगता है कि उसे समझाने में वक्त लगेगा तो लगेंगे 500 रुपे
01:35और सबसे चौकाने वाला हिस्सा अगर आपका दिल भरा हुआ है और आप बस किसी के सामने बैट कर जी
01:40भर कर रोना चाते हैं तो उसके लिए पृत्वी हजार रुपे चार्ज करते हैं
01:44अब आपके बन में सवाल आ रहा होगा कि ये कोई मजाक है या फिर ठगी करने का कोई नया
01:49तरीका हमने जब इसकी तहक्तिकात की तो पृत्वी का पक्ष काफी अलग था पृत्वी ने साइकोलोजी और फिलोसिपी की पढ़ाई
01:57की है उनका कहना है कि आज की भाग दोड़ �
02:00की जिन्दगी में हर कोई अपनी सुनाना चाहता है पर किसी के पास दूसरे के सुनने का वक्त ही नहीं
02:05रोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं क्योंकि उनके पास एमोशनल आउटलेट है ही नहीं पृत्वी सेर्फ इसको एक धंदा
02:12नहीं बरकि एक सोशल सपोर्ट की तौ
02:26का करने आते हैं जाहिर है इस अनों के काम ने इंटरनेट को दो हिस्सों में बाट दिया है एक
02:31पक्ष कहता है कि एक शांदास स्टार्ट अप आइडिया है कम से कम कोई तो है जो प्रफेशनल तरीके से
02:36सुनने के लिए तैयार है दूसरा पक्ष उसे खतरनाक मानता है विशे
02:54काये तक नसीब नहीं होती है लेकिन इस खबर के पीछे एक बहुत कड़वा सत्च छिपा है विथवी का ये
02:59चोटा सा बोड हमारे समाच भी एक पड़ी नाकामी को दिखाता है क्या हम इतने अकेले हो गए है कि
03:04हमें अपना दुख सुनाने के लिए भी जेब धीली करनी प�
03:22जब आपका कुल दोस्त आपसे कहे कि यार कुछ बात कर ली है तो अपना फोन साइड में रखकर उसकी
03:27सुन लीजेगा वना बजार तो हर चीज की कीमत लगाने के लिए तैयार ही बैठा है जाते जाते आपसे एक
03:34और सवार अगर आपको अपनी सबसे बड़े परिशानी किस
03:37अंजान को सुनानी हो तो क्या आप 500 रुपए खर्च करेंगे क्या फिर आप अब भी अपने पुराने दोस्तों पर
03:42भरुसा करते हैं अपनी राए हमें कमिंग में जरूर बताए
03:47सबस्क्त करेंगे करेंगे बताते हैं
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