00:001000 बाग में सरहूल पर्व की धूम सुबा से देखने को मिल रही है। आदिवासी समाज परंपरागत वेश भूसा के
00:06साथ सोभा यात्रा में हिस्सा लिए। सोभा यात्रा में सामिल लोग परंपरिक तरिकों से ढोल नगाले और मांडर की थाप
00:14पन नास्ते दिखे। आदिवा
00:27समाज के लोग परंपरागत वेश भूसा के साथ मांदर के थाप पर जूमते नजर आये। हजारी बाग उपायुक्त ससी प्रकासिंग,
00:35पुलिस अधिक्चक अंजनी अंजन समेत जिले के वर्यी पुलिस पतादिकारी और प्रसासनिक पतादिकारी सरहूल की धूम में जूम
00:42मांदर के थाप पर हजारी बाग उपायुक्त और पुलिस अधिक्चक अंजनी अंजन ने सरुल कूजा की सभी को सुबकाम ना
00:48दिया। हजारी बाग में इस दौरान के पतादिकारी मांदर बजाते हुए नजर आये। सभी ने आधिवासी परंपराकत उपस्तर भी धारन
00:56क
00:56इस दरूर का उपलाच में तमाम हजारी बाग के जारकन वासियों को इस पराकिंटिक तेहवार पर सभी को मैं घेर
01:06सारी सुबकाम रहें और दन्याबाद बदाए दिन बदे का हूँ और इसी तरह से हम सभी कहुँ दैसे मैं कहूंगा
01:15कि पराकिंटिक तेह तरह से उने चलता
01:46जाने और पहचाने सरकार को ये संदेश है
01:51कि हमारा अधिवासी एक जूटता है और आसा करते हैं कि हमारा समुदाए एक बार चाड़ के मुकाम हासिन करें
02:01धन्याबाद
02:02चैतर महिने के तीसरे दिन साल व्रिष्ट की पूजा की जाती है यह नए साल की सुरुवात का परतीक है
02:09जिसमें जल जंगल और प्रकृति के अनित तर्तों की पूजा की जाती है
02:13करमा के साथ साथ सरूल भी आदिवासिस है मुदाई का सबसे बड़ा पर्व है प्रकृतिक पर्व सरूल पर पाहन ये
02:20बताते है कि इस बर कैसी वर्सा होगी
02:22सोभा यात्रा के दौरान भिल को देखते हुए अधरित सुरक्षाबल तमाम चौकों पर तैनाद किया गया
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