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  • 1 day ago
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रामनगरी अयोध्या पहुंचीं. यहां गुरुवार को 150 किलोग्राम का श्री राम यंत्र स्थापित किया गया. स्थापना समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुईं. उन्होंने भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि पर भूमि पूजन, प्राण प्रतिष्ठा, राम दरबार का उद्घाटन और धर्म ध्वज फहराना,  ये सभी हमारे इतिहास के स्वर्णिम क्षण हैं. राष्ट्रपति ने इससे पहले रामलला की पूजा और राम दरबार में आरती की. उन्होंने अपने संबोधन की शुरूआत ‘जय श्री राम’’ से की और अयोध्या को भगवान राम के लिए ‘स्वर्ग से भी अधिक प्रिय’ बताया. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यही भारत की आस्था है, जिसे अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था. अपमानित करने वाले वही लोग हैं. जो उत्तरप्रदेश या देश की सत्ता में रहते थे.इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं. आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी अपने अनुयायियों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया.

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Transcript
00:09ुप्तर प्रदेश के आयोध्या के राम मंदीर की हैं
00:12जहां गुरु आर को 150 kg का स्री राम यंत्र अस्थापित किया गया
00:17इस अस्थापना समारों में राष्टपती द्रब्दी मुर्मू स्रामिल हुई
00:21और उन्होंने भगतों को सुपकामनाय देते हुए कहा
00:24इस पभित्र श्री राम यंत्र मंदीर का भूमी पुजन
00:29यहां राम लेला के दिव्य विग्रह के प्राण प्रतिष्टा
00:33राम दोरबार का भक्तो जना के लिए खला जाना
00:38तो था मंदीर के सिखर पर धर्म धज्जा रहन की तिथियां
00:54राष्ट पती ने इस से पहले राम लला की पुजा और राम दरबार में आरती की
00:57उन्होंने अपने संबोधन की सुरुवात जैस्री राम से की
01:01सयंग प्रभू स्री राम ने अपनी इस जन्मभुमी को सर्ग से विश्रेश्ट बताया था
01:08जननी जन्मभुमी से सर्गादपी गरी यसी
01:14इसी ओज़्धा यानी अवधपुरी और आसपास की लोगभासा में
01:19संथ कभी तुलशिद्धास जी ने स्री राम चरीत्र मानस की रचना की थी
01:25मानस में प्रभू स्री राम सिता जी से कहते है
01:30ज़्ध्यों की सबने बईखुंठों का बखना किया है
01:47इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंतरी योगी आदित नाथ ने कहा
01:51जिस आस्ता को पहले अंदविश्वास कह करके अपमानित किया गया था
02:01या पमानित करने वाले वही लोग है जो उत्तर प्रदेश या देश की सत्ता में रहते थे
02:08अपनी सत्ता को बचाने के लिए वे नोड़ा नहीं जाते थे
02:14वह उनके लिए अंदविश्वास और उड़िवादी नहीं था
02:20लेकिन राम मंदिर की बात करना, कासी में कासी विश्वनात, धाम के निर्मान की बात करना
02:27और कृष्ण कनहिया के मुथरा ब्रिंदावन की बात करना उनके लिए अंदविश्वास का प्रयाई था
02:33इस औसर पर राजपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद रही, आध्यात्मिक गुरू माता अमरिता नंद मई ने अपने अनुआईयों के
02:41साथ इसकारेक्रम में भाग लिया
02:42और सैकड़ो लोग इस पल के साक्षी बने
02:45ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारत
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