00:00शुरुदी हवाम दियाचम रिड़यं त्वाम अवस्युराजग तीर्थवरुनायन मासकलूपचारार दिगंदाक्षत पुष्पानी समरबयामी यंत्राधिष्ठा तुरुदी वतानाम आवाहनं जंत्री राड्डियंत्रियसी जामानी दुरुवासी दरित्री
00:16इखेत्वो
00:17जेत्वार जेत्वापो गायत्वाप लोगंदा इंद्रम्वाप लोगंदा इंद्रम्वाप
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