00:00निकलते हैं रवी जिद्धी होकर कहते हैं नहीं हम इतनी दूर आए हैं वीडियो शूट करके ही जाएंगे वो आगे
00:11बढ़े पर उनके हर कदम के साथ ऐसा लग रहा था जैसे कोई उनके पीछे चल रहा हो पर जब
00:18उन्होंने मुड़ कर देखा वहां कोई नहीं था चलते चल
00:25कोटा सा कमरा मिला जिसमें पुरानी लकडी की अलमारिया और खिलोने रखे थे कमरे के बीच में एक पुरानी गुडिया
00:32बैठी थी फटी हुई आखे और उसके हूंठोन पर हलकी सीहंसी नेहा कहती है ये गुडिया इतनी डरावनी क्यों लग
00:42रही है इम्रान ने कहा लगत
00:46है किसी बच्चे की होगी जैसे ही रवी ने उस गुडिया को हाथ लगाया वो खुद बखुद हिलने लगी नेहा
00:55चीकते हुए कहती है ये ये हिली कैसे गुडिया की आखों से खून के आसू बहने लगे दीवारों पर लाल
01:05रंग से लिखा उभरने लगा तुम बचकर नही
01:11क्या होगा क्या ये तीनों दोस्त जिन्दा बच पाएंगे क्या हवेली की भूतिया आत्मा उन्हें कभी बाहर जाने देगी या
01:21फिर वे भी बन जाएंगे भूल भुलिया का अगला शिकार हवेली की ठंडी हवा अब और भी भारी लगे
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