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होर्मुज के लिए ट्रंप को मदद क्यों मांगनी पड़ी? देखें वारदात

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00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:04काईदे से अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी को इरान पर हमला कर जिस जंग की शुरुआत की थी
00:10वो जंग अब खुद अमेरिका के गले की फांस बन गई है
00:14अमेरिका ने जिस जंग को दो चार दिन का खेल समझा था
00:17असल में इस खेल में अब खुद अमेरिका फांस गया है
00:21यहां तक के इस खेल में अब अमेरिका के मित्र नाटो देश ने भी
00:25अमेरिका की मदद करने से साफ इंकार कर दिया है
00:29वैसे भी जो जंग एरान में तखता पलट के लिए शुरू हुई थी
00:33अब वो जंग सिर्फ दो जगों पर आकर सिमट गई है
00:59सत्रा दिन पहले इरान पर हमला करें जिस अमेरिका ने इसे एक बेहत आसान जंग बताया थी
01:07वही आसान जंग अब खास तौर पर अमेरिका के लिए सबसे मुश्किल जंग देए
01:19इतनी मुश्किल कि अब अमेरिका को खुलकर नाटो देशों से मदद मागनी पड़ रही है
01:24खास कर नाटो देशों के नेवी से ताकि उस हॉर्मुज स्टेट का रास्ता साफ किया जा सकी
01:30जिस रास्ते से होकर दुनिया के बाजार में 20 शी सदी कच्चा तेर पहुँचता है
01:41दुनिया की सबसे बड़ी ताकतवर नेवी रखने का दावा करने वाले अमेरिका को
01:46आखिर अब नाटो देशों की नेवी की जरूरत क्यों पढ़ गए
01:52और पड़ी तो पड़ी नाटो देशों ने हॉर्मूज स्टेट के रास्ते पर अपने जंगी जहाजों को भेजने से इंकार क्यों
02:00कर दिया
02:00और इससे भी बड़ा सवाल ये के खुद को सुपर पावर कहने वाला अमेरिका समंदर के छोटे से रास्ते के
02:07आगे इतना बेबस कैसे हो के पाँ
02:11And as we take decisive action to stop the threat posed by the terrorist regime in Iran with Operation Epic
02:20Fury
02:30Is that a great name? Well, it's only good if you win. You know, you can only do it. And
02:36we've won. Let me tell you, we've won.
02:38You know, you never like to say too early you won. We won. We won the best. In the first
02:43hour, it was over.
02:44So, in the two pictures, it's the whole story of American publicity. The first picture is of the Hormuz State,
02:51जहां से कच्चे तेल का करीब 20 फीसदी हिस्सा दुनिया के अलग-अलग देशों में पहुचता है. और ये दूसरी
02:58तस्वीर उस Khark Island की है, जहां से एरान का 90 फीसदी तेल दुनिया के बाजारों में पहुचता है. इस
03:06Khark Island को फारस की खाड़ी का अनात्मोती भी कहा जाता ह
03:12पस यू समझ लीजे कि अमेरिका और इसराइल ने इरान के साथ जिस जंग की शुरुआत हामने के तख्ता पलट
03:19के लिए की थी, वो जंग धीरे धीरे अब इन दो इलाकों में सिमट आई है. एक हॉर्मुस और दूसरा
03:25खार.
03:31हॉर्मुस की वज़ा से एशिया और यूरोप के तमाम देशों तेल और गैस की न सिर्फ कमी होती जा रहे
03:36हैं, बलकि दाव आस्मान छूते जा रहे हैं.
03:41चुके ये अमेरिका की बज़ा से हो रहा है, लहाजा ज्यादा तर देश अब इरान पर अमेरिकी हमले के फैसले
03:48को लेकर न सिर्फ सवाल उठा रहे हैं, बलकि खुद अमेरिका अब दबाव में आ गया है.
03:56दूसरा इलाका ये खार्ग आईलेंड है, एरान की लाइफ लाइब, जहांसे एरान का 90 फीसदी कच्चाते पूरी दुनिया में पहुंचता
04:04है.
04:10इस खार्ग आईलेंड पर अमेरिका ने बंबारी भी की, लेकिन बंबारी के फौरण बाद अमेरिका ये सफाई भी देता है,
04:17कि खार्ग आईलेंड पर बंबारी सिर्फ और सिर्फ सेन ने ठिकानों को बर्बाद करने के लिए किया गया, तेल के
04:23ठिकानों पर नहीं.
04:25असल में अमरिका जानता है कि अगर इरान की लाइफ लाइफ लाइन यानि खार्क आइलेंड के तेल के ठिकानों पर
04:31हमला हुआ तो पूरी दुनिया में न सिर्फ तेल के लिए हाहकार मत जाएगा बलकि तेल के दाम आस्मान छूने
04:38लगेगा
04:40इससे महेंगाई भी हद से ज्यादा बढ़ जाएगी ऐसे में दुनिया के ज्यादा तर देश अमेरिका को अपना दुश्वन मानने
04:47लगेगी
04:47वैसे भी इरान पहले ही ये धमकी दे चुका है कि अगर खार को दीब को बरबात किया गया तो
04:53खाड़ी के देशों के तमाम तेल के खूओं में आग लगा देगा
04:57अगर ऐसा हुआ तो अंदाजा लगाई पूरी दुनिया में तेल और गैस को लेकर कैसा हाहाकार मचेगा
05:18इंकार करने वाले देशों में ब्रिटन, आउस्टेलिया, जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया, जर्मनी, इटली और यूरोपियन यूनियन शामिर
05:28दरसल इन देशों को भी पता है कि हॉर्मुज स्टेट का रास्ता खुलवाना इतना असान नहीं है
05:35दरसल हॉर्मुज का रास्ता बेहर छोटा और संकरा समुदरी रास्ता है
05:51ये हॉर्मुज से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो जाता है
05:57चुकि एरान का तक हॉर्मुज स्टेट से लगा हुआ है
06:00लेहाजा एरान के लिए यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करना बहुत आसान है
06:08जहाजों पर हमले के अलावा इस रास्ते के नीचे एरान में समुद्री माइन्स भी बिछा रखा है
06:15जहाजों है
06:45हाला कि एरान अब भी ये कह रहा है
06:47कि उसने हॉर्मूस का रास्ता बंद नहीं किया
06:49बलके सिर्फ उस पर कंट्रोल किया है
06:52अमेरिका ये उसके सहियोगी देशों के लिए ये रास्ता पूरी तरह बंद है
06:56जबकि जो भी अमेरिका के खलाफ है
06:58उन देशों के लिए इस रास्ते से जहाजों के गुज़रने पर कोई रोप ले
07:03दरसल हॉर्मूस का ही वो रास्ता है जहां से इरान के अलावा इराप, क्वेर, सौधी अरब और युई भी अपने
07:10देल और गैस दुनिया भर के देशों को निर्याद करता है
07:13एक रिपोर्ट के मताबिक इस एक अकेले रास्ते से सालाना पांच सो बिलियन डॉलर के इंधन का कारूबार होता है
07:31दुनिया के नक्षे पर जमीन के दो टुकों के बीच मौजूद इस पतले से समुधरी रास्ते पर इस वक्त सब
07:38की निगाहे टिकी है
07:39जोके इसराइल और अमेरिका के साथ जंग के बीच इरान ने इसी समुधरी रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर
07:46दिया सिवाए चीन के
07:47सवाल यह है कि सिर्फ 33 किलोमीटर चोड़े इस रास्ते को बंद कर देने से क्यों और कैसे पूरी दुनिया
07:54के तेल में आग लग रही है
08:07यही नाम है इस संकरे समुधरी रास्ते का जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से
08:14जोड़ता है
08:14इसके किनारे की बात करें तो इसमें एक तरफ सौधी अरब है और दूसरी तरफ इरान
08:20देखा जाये तो हॉर्मुच का जल डमरू मत्य महस 33 किलो मीटर चोड़ा है
08:25लेकिन इसी 33 किलो मीटर के छोटे से हिस्से से होकर
08:28दुनिया में करीब 25 फीसदी कच्चे तेल का और 25 फीसदी ही नेचरल गैस का कारोबार होता है
08:35यहां तक कि सौधी अरब, इराब, प्वैद और कतर जैसे देश भी अपना कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के
08:42बाकी हिस्सों में भेजते हैं
08:45अगर भारत की बात करें तो भारत में 40 फीसदी से ज्यादा तेल इसी रास्ते से होकर आता है
08:51इन हालात में जब एरान हॉर्मज स्टेट को बंद कर देता है तो फिर भारत की जरूरत के हिसाब से
08:58तेल की आवग कम होने लगेगा और इससे पेट्रल और डीजल की क्योंतों का बढ़ना तैह हो जाएगा
09:06दुनिया भर में कारोबार के लिए एहम हॉर्मज स्टेट के साथ कुछ पुद्रती मजबूरियां भी है जो इसकी खासियत को
09:12और बढ़ा देती है
09:13असल में हॉर्मज जल्डमरू मत्य की कुल चोड़ाई बेशक 33 किलो मीटर है लेकिन समंदर के बीज जिस रास्ते से
09:21होकर जहाजों की आवाजाही होती है वो बमुश्कित 3 किलो मीटर ही चोड़ा है
09:26दरसल इस जगहा पर समंदर की गहराई बेहत कम है अधिकतम गहराई की बात करें तो 90 मीटर है जबके
09:33नियुनतम गहराई 50 मीटर है और इतने कम गहरे समंदर से बड़े बड़े जहाजों का गुजरना कोई आसान काम नहीं
09:40है
09:41इसलिए तमाम मालवाहक जहाज समंदर के सबसे गहरे 90 मीटर वाले हिस्से का ही इस्तमाल करते है और ये रास्ता
09:49करीब 2 मीटर यानि करीब 3 किलो मीटर चोड़ा है
09:53ऐसे में यहाँ जहाजों की एंट्री भी बारी बारी से खोपाती है
10:02ये भारत में मौजूद खूबसूरत अंडमान निकुबार दूइप अंग्रेजों के जमाने में इसे काला पानी भी कहा जाता था
10:12वो इसलिए क्योंकि अंग्रेज उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले आजादी के परवानों को इसी दीप में बने जेल में रखा
10:20करते थी
10:22ये अंडमान निकुबार से हजारों किलोमेटर दूर एरान के बुशर बंदरगा से पच्पन किलोमेटर आगे
10:30और एरान की सरहदी जमीन से सिर्फ 28 किलोमेटर के फासले पर और्फिन पर्ल आफ दा पर्शियन कल्फ यानी फारस
10:39की खाड़ी का अनात मूत है
10:41वैसे इसका असली नाम खारग आईलेंड है जिसे कभी खारक, हाराज या खारेच के नाम से भी जाना गे
10:51सिर्फ 8 किलोमेटर लंबा और 5 किलोमेटर चोड़ा ये वो दीब है जो अमेरिका, इसराईल और इरान के भी जारी
10:59जंग को न सिर्फ तीसरे विश्वयुद में बदल सकता है
11:02बलकि पूरी दुनिया को तिल तिल के लिए तेल से दरसा सकता है
11:11अगर इरान पिछले 13 दिनों से सुपर पावर अमेरिका और इसराईल से एक साथ लोहा ले रहा है
11:18तो सिर्फ और सिर्फ इसे एक आईलेंड की विजा से
11:23ये सिर्फ एक आईलेंड नहीं है बलकि इरान की लाइफ लाइन है
11:27दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उत्पादन करने वाले इरान के तेल का नबपे फीसदी कारोबार इसे एक छोटे से
11:35दूइप से ही चलता है
11:39पस यूँ समझ दीजिए कि अगर इस आईलेंड पर अमेरिका या इसराइल ने गलती से भी हमला कर दिया तो
11:45एक साथ चार चीज़े होगी
11:57तीसरा बिश्विजद पूरी मिडलीस्ट की बरबादी पूरी दुनिया में देल के लिए हाहकार और इरान का कंगार होगा
12:07दरसल अमेरिका के लिए खार आईलेंड एक रिड लाइन है एक ऐसी लक्षमन रेखा जिसे ना ट्रम पार कर सकते
12:15हैं ना उनसे पहले के किसी अमेरिकी राष्ट्रपती ने पार करने की कोशिश की
12:21क्योंकि अन्जाम सब को पता है इस आईलेंड पर हमले का मतलब है इरान का ऐसा पलटवार जो इससे पहले
12:28कभी दुनिया ने देखी ही ना
12:30आखिर क्या है ये खारगदीब और क्यों इतना एहम है कि इस एक दुईब पर हमले से तीसरा विश्वियुत छड़
12:37सकता है
12:39और सबसे बड़ा सवाल ये कि ये दुईब इरान के लिए इतना खास क्यों है और अमेरिका और इसराहिल को
12:45ये खौफ क्यों है कि इस एक दूइब के चलते पूरी दुनिया जंग की चपेट में आ जाएगी
12:51तो चलिए आठ किलो मिटर लंबे और पांच किलो मिटर चोड़े इस दूइब की वो कहानी सुनाता हूँ
12:57जिसे सुनने के बाद आप खुद ये मानने को मजबूर हो जाएंगे कि एक दूइब पूरी दुनिया को तीसरे विश्वयुद
13:04में छोग सकता है
13:08पूर्टगालियों और डच इस्ट इंडिया कमपनी से होते हुए कई हाथों से गुजर कर ये छोटा सा खार्ग आइलेड बीस्वी
13:15सदी में इरान का हिस्सा बना
13:181925 से 1941 तक इरान के शाहर है रजाशा पहलवी के तोर में इस दूइब का इस्तमाल राजनीतिक कैदियों को
13:26रखने के लिए किया जाता था
13:28क्योंकि ये इरान की सरहदी जमीन से हलक एकांत में एक ऐसा दूइब था जैसा ठीक अंग्रेजों के वक्त अंडमान
13:35निकोबार यानि काला पानी
13:37हालाकि रजाशा पहलवी की हुकूमत से करीब 17 साल पहले ही 1908 में इरान में तेल के भंडार का पता
13:45चल चुका था
13:46लेकिन इरान में असल में मौडरन पेट्रोलियम दोर की शुरुआत 1958 में हुए जब उन्हें तेल और गैस की एहमियत
13:53का अंदाजा हुए
13:541960 तक विदेशी निवेश और कमपनीयों की मदस से इरान एक बड़े ऑईल एक्सपोर्ट सेंटर के तौर पर उभरना शुरू
14:02हुआ
14:04कच्चे तेल को इरान से निकाल कर दुनिया तक पहुँचाने के लिए इरान को कई चीजों की जरूरत थी
14:10तेल निकालना तेल का भंडार करना और इरान के अंदर ये अलग अलग शहरों में मौजूद तेलों को पाईपलाइन के
14:17जरीए एक ऐसी जगा पहुचाना जहां से बड़े-बड़े जहाजों में उस तेल को दुनिया के बाजार तक पहुचाया जा
14:23सके
14:23और तब ही इस छोटे से दीब यानी खार्गी के खिसमत चमक उठी
14:29दरअसल दुनिया भर के जिन बंदरगाहों पर बड़े बड़े जहाज डॉक करते हैं
14:34यानी आकर लंगर डालते हैं
14:36उन जहाजों को डॉक करने के लिए उस जगह पर काफी गहराई की जरूरत होती है
14:41इरान के जितने भी बंदरगाह हैं जिन में हॉरमुस तक शामिल है
14:45उन सब के मकाबले खार्ग दुईब की खासियत ये है
14:48कि ये बहत छोटा होने के बावजूद यहां समंदर की गहराई काफी ज़्यादा है
14:53इस गहराई का फायदा ये होता है कि तेल ढोने वाले दुनिया के जो सबसे बड़े जहाज होते हैं
14:59वो भी यहां पर आसानी से डॉक कर सकते हैं
15:02बस इस दुईब की इसे खासियत के चलते इरान ने तैकिया
15:06कि वो अपने देश का तेल दुनिया के बाजार में इसी रास्ते से भेजेगा
15:12तैयारी शुरू ही इरान के तेल सप्लाई का सबसे बड़ा टर्मिनल
15:16इसी दुईब को बनाने का काम 1960 में इरान ने एक अमेरिकी कमपनी को दिया
15:22इरान की जो तीन सबसे बड़े इलाके जहां से तेल बाहर निकाला जाता
15:27वो अहवास, मरूर और गजसारण है
15:30इन सभी जगों से कच्चे तेल को पाइपलाईन के जरी अब टर्मिनल यानि खार्क दुईब तक पहुचाने का काम शुरू
15:37हुआ
15:37इसके लिए इस दुईब के नीचे समंदर में पाइपलाईन बिछाई गए
15:41धीरे धीरे एक वक्त ऐसा है जब इरान का 90 फीसदी तेल इस एक दुईब यानि खार्क दुईब के रास्ते
15:48दुनिया के बाजारों तक पहुचने लगा
15:51और ये सलसला आज भी जा रही है
15:53आज ये दुईब इसी तेल टरमिनल के चलते इरान की लाइफ लाइन बन चुकी है
15:58बस यूं समझ लीजिए कि अगर ये छोटा सा दुईब जंग का शिकार हो गया
16:03तो ना सिर्फ इरान की पूरी अर्थ व्यवस्ता चर्मरा जाएगी
16:07बलकि पूरी दुनिया में तेल में आग लग जाएगी
16:10वज़ा ये है कि अगर इस खार्ग दीप पर हमला हुआ
16:13तो इरान इस हमले का जवाब पूरी ताकत से देगा
16:17क्योंकि उसके पास फिर कुछ बचेगा ही नहीं
16:20मनीशा जहा के साथ सुपरती बैनर्ज आज तक
16:26पूरी दुनिया में रहने वाले आठ अरब इनसान
16:29सिर्फ एक दिन में 16 अरब लीटर तेल फूग देते हैं
16:32अकेले भारत में हर रोज करीब 52 करोर लीटर तेल फूग दिया जाता है
16:37हाला कि कहते ये हैं कि इस दुनिया में तेल का भंडाल इतना है
16:41जो आने वाले कई सो सालों तक खत नहीं होगा
16:44लेकिन सिर्फ एक रास्ता बंद क्या हुआ पूरी दुनिया परेशान हो गए
16:50अब आप सोच रहे होंगे कि इस एक दुईब से तीसरा विश्वियत कैसे हो सकता है
16:55तो इसकी तीन वज़ा है
16:57पहला चुकि ये आईलन्ड इरान की एकोनोमी का सबसे बड़ा स्रोत है
17:01ये इरान के अस्तित्व का सवाल है
17:04जिस तेल पर इरान टिका है
17:06उसका 90 फीसदी हिस्सा इसी दुईब से दुनिया के बाजारों तक पहुंचता है
17:10ऐसे में इरान सबसे पहले तो हॉमर्स को पूरी तरह बंद करेगा
17:15और दूसरा दुईब पर हमला करने वाले देशों पर पलटवार करेगा
17:19अब चुकि अमरिका मिडिलीस्ट के देशों में मौजूद अपने सैनने ठिकानों से इरान पर हमले कर रहा है
17:26तो ऐसे में इरान मिडिलीस्ट के उन देशों पर पूरी ताकत से पलटवार करेगा
17:32दूसरा हॉमर्स के बंद होने के बाद हमले की वज़ा से
17:35अगर खार्ग से भी तेल की सप्लाई बंद हो गई तो पूरी दुनिया बिना तेल के ठप पर जाएगी
17:41चुकि खार्ग जीब के तेल का चीन सबसे बड़ा खरीदार है
17:46तो ऐसे में इस हमले के बाद चीन समेथ इरान के बाकी दोस्त जिनमें रूस भी शामिल है
17:51इस जंग में कूत पड़ेंगे
17:53क्योंकि बात सिर्फ इरान पर हमले की नहीं होगी
17:56बल्कि अमरिका को इसलिए कटगरे में खड़ा किया जाएगा
18:00कि उसने खार्ग पर हमला कर पूरी दुनिया में तेल का संकट पैदा कर देगा
18:04वैसे भी इरान पहले भी कई बार कह चुका है
18:07बल्कि साफ साफ ये धमकी दे चुका है
18:10कि अगर खार्ग आईलेंड पर हमला हुआ
18:12तो वो तमाम खाड़ी देश के तेल के कुवों में आग लगा देगा
18:16इरान का कहना है कि वो अकेला नहीं डूबेगा
18:19बल्कि पूरी दुनिया की और्जा सप्लाई को तबाह कर देगा
18:23जाहर है ऐसे में जंग यकीनी हो जाएगा
18:27अमरिका की ये पुरानी रेड लाइन है
18:29कि जिस देश पर हमला करो उसे कमजोर तो कर दो
18:32लेकिन उसके अर्थ वेवस्ता की बनियात को बर्बार बत करो
18:35एक खबर ये भी है कि अमरिका की इस खार्ग दुीब पर शुरू से नजर है
18:40वो इसे हत्याना चाहता है और इसलिए बर्बार नहीं कर पा रहा
18:48हाला कि खार्ग दुीब को बर्बार करना या उस पर हमले करना इतना आसान भी नहीं
18:53दरसल इरान की लाइफ लाइफ लाइन होने की वजह से इस दुीब पर सुरक्षा की जो इंतिजाम है
18:58उसे अभूत पूर्व कहा जा सकता है ये पूरा दुीब ही प्रतिबंधित छेतर है
19:03आम लोग तो छोड़ी बड़े बड़े सरकारी या सेना के अफसर भी बिना पूर्व इजासत के यहां कदम नहीं रख
19:10सकते
19:10इरान ने इस आईलेंड को किसी भी हमले से बचाने के लिए इसे एक किले में तबदील कर रखा है
19:16यह पूरा दुीब इरान की सबसे ताकतवर कोर्स इरानी रिवरुशनरी गार्ड कॉप्स यानि आई आर जीसी के कंट्रोल में है
19:24इस दुीब पर इरान की सबसे खतरनाक मीजाइले इस 300 और बावर 373 तैना थे
19:31जो दुश्मनों के किसी भी हमले का पलक जपकते जवाब दे सके
19:35यहां समंदर के नीचे सीक्रेट टरनल और कमांड सेंटर बनाए गए है
19:40ताके किसी भी हवाई हमले के दौरान आपरेशन जारी रहे
19:43आयर जीसी की फास्ट अटेक क्राफ्ट्स और पंडुब्या 24 घंटे इस बीब के चारों तरफ गश्ट करती रहती है
19:51शायद यही वज़ा है कि खुद इसराइल जो इरान के अलग-अलग तेल ठेकानों और निउकलियर ठेकानों पर बंगिरा चुका
19:58है
19:58उस इसराइल ने भी कभी खार्ट को निशाना बनाने की कोशिश नहीं की
20:04हाला कि ऐसा भी नहीं है कि कभी खार्ट पर हमला नहीं हुआ
20:081980 से 1988 तक आठ साल तक चले इरान इराक युद्ध के दोरान इराक में सैक्डों बार खार्गदीग पर हवाई
20:16हमले की
20:17लेकिन इन हमलों के बावजूद इरान ने कभी भी इसे पूरी तरह बंद होने नहीं दिया
20:22कहते हैं कि इरानी इंजिनियरों को खार्ट की पाई प्लाइने और ट्रेमिनल ठीक करने में इस कदर महारत हासिल है
20:30यह उन्हें इस तरह की ट्रेनिंग दी गई है कि वो बंबारी के कुछ घंटे के अंदर ही नुकसान को
20:36ठीक कर तेल की सप्लाई शुरू कर देते हैं
20:43तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाके खबरों के लिए आप देखते रहें आज तक
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