00:00जिन्दगी के पिंजरे को तोड़ने की इजाज़त खुद देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रिम कोर्ट में दी थी
00:06आखरी दो शब्द में तेरह साल से खामोश लेटे हरीश से इजाज़त लेने की रस्म अदाएगी भी अब पूरी हो
00:14चुकी थी
00:15तेरह मार्च की रात अपने घर में हरीश की आखरी रात थी मालूम नहीं ये बात हरीश को भी मालूम
00:22थी