00:07पीरा साल पहले का एक हादसा और उसके बाद जिन्दकी भर की खामोशी हम बात कर रहे हैं गाज़बाद की
00:15खरीश राना की जिनके साथ साल 2013 में एक हादसा हुआ जिसके बाद उन्होंने सिर्फ गम और बेचेनी में बाकी
00:23की जिन्दकी को गुजारा
00:24उनका शरीर तो जिन्दा है पर दिमाग शान्थ है वो कुछ भी बोल नहीं सकते और नहीं शरीर का कोई
00:31अंग हिला सकते हैं बस पल के जपकाने के अलावा उनके पास कोई भी और बताने का रास्ता नहीं है
00:38ना वो कुछ बोल सकते हैं और नहीं उनसे कुछ उमीद की जा सकते ह
00:43पिछले हफते एक सुप्रीम गोट ने एतिहासिक फैसला सुनाया
00:47जिसके बाद इच्छा मित्यू का पूरा प्रोसेस डॉक्टर्स ने स्टार्ट कर दिया
00:51आपको बता दें इसके बाद हरीश को दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में एड्मिट कराये गया
00:56जहां पर धीरे धीरे उनका जो सपूर्ट सिस्टम था जिसके सारे बोल जिन्दकी अब तक जी रही थे उसे हटा
01:02दिया गया
01:03घरवालों के लिए ये काफी जादा कटिन वक्त है और घरवाले इस मुश्किल वक्त में हरीश के पास है
01:09और अपनी आखों के आगे लाडले को विदा होते हुए देखेंगे लेकिन इसके अलावा उनके पास और कोई रास्ता भी
01:15तो नहीं है
01:16आपको बता दें आज हरीश को पानी देना भी बंद कर दिया जाएगा
01:20दरसल दिल्ली के एमस होस्पिटल की बात करें तो इस वक्त हरीश उसी में एडमिट है और आज उनको पानी
01:26देना बंद कर दिया जाएगा
01:27हरीश को इसके अलावा ऑक्सिजन जो सपोर्ट पहले दिया जाता था वो अब नहीं दिया जा रहा
01:33इसके साथ ही जो ट्यूब के सहरे उने भोजन यानि की खानक लाय जाता था अब उसे भी बंद कर
01:39दिया गया है
01:40आज हरीश का पानी बंद करने के बाद जो ट्यूब का कैप है उसे लगा दिया जाएगा
01:45हाला कि बताये ये गया है कि ट्यूप कोड़ की शरीर के अंदर से निकाला नहीं जाएगा
01:52आपको बता दिक 30 साल के हरीश की बात करें तो उनकी कहानी जिसमें भी सुनी उसकी आखे नम हो
01:57गई
01:57दिली के एम्स में एड्मिट हरीश की कहानी आपको अंदर से हिला देगी
02:02सुप्रेवन कोड के एतिहासिक फैसले के बाद जो प्रोटोकोल थे उने स्टार्ट किया गया
02:06वही सोर्सिस का कहना है कि सब पूरे प्रोसेस में दो से तीन हपते का वक्त लग सकता है
02:12भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है और इसके लिए डॉक्टर्स की एक टीम भी बनाई गई है
02:17उससे टीम को लीड कर रही है डॉक्टर्स सीमा मिश्रा
02:21फिलाल हरीश के नाम से हर कोई प्रातना करता दिखाई दे रहा है
02:24में स्टीम मीडिया हो या फिर शूशल मीडिया
02:27लोग लगातार हरीश की कहानी को सुनना चाते हैं
02:31उनकी आांखी नम है
02:32हरीश का दर्द हर कोई महसूस कर रहा है
02:35और इस से फैसले के बाद लोगों के सामनी के ऐसी कहानी है
02:39जिससे सुनकर हर किसी की रूहु काप गई है।
02:42फिलाल सूशल मीडिया पर लोग हरीश के लिए प्रात्ना करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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