00:02बारत की पहली ओसकर विजेता भानू आग्थ्या का नाम इंडियन सिनेमा के इतिहास में बेहत सम्मान के साथ लिया जाता
00:10है उन्होंने साल 1983 में फिल्म गांधी के लिए बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन को ओसकर अवार्ड जीता था ये भारत के
00:17लिए एक बहुत ही बड़े
00:18उपलबदी थी क्योंकि ये पहला मौका था जब किसी इंडियन महिला को इस तरीके से आसकर मिला हुए आपको जादे
00:25भानू ने अपनी मेहनत और हुनर से इंटरनेशनल सर्ट पर फैचान मनाई उन्होंने फिल्म गांधी में कलाकारों के कपड़ों को
00:32इस तरीके से डिजा
00:47कर दिया दिसम्बर 2012 में भानू ने अपना ओसकर अवर्ड वापस अकैडमी ओफ मोशन पिक्चर आर्ट्स और साइंस को लटा
00:55दिया उनके इस कदम के पीछे एक खास वज़ा थी दरसल भानू का अपने अवर्ड की सुरक्षा को लेकर चिंता
01:00थी उन्हें लगता था कि उनक
01:14अपना ओसकर अवर्ड अकैडमी को गिफ्ट कर दिया उन्हें ने ये कहा था कि ये अवर्ड एक बहुत ही खास
01:20यादगार और उसे सुरक्षित रखना बेहत जरूरी है अकैडमी के पास भेतर सुविधाएं हैं जहां इसे एतिहासिक चीजों को सई
01:28तरीके से रखा जा सकता
01:30है वहीं भानु का ये फैसला ये दिखाता है कि वो सिर्फ एक महान कलाकार नहीं बल्कि एक अच्छी सोच
01:36रखने वाली इंसान भी थी और उन्हें अपने व्यक्तित वो सम्मान से जादा उसकी सुरक्षा और महत्र को काफी जादा
01:43प्राइरटी दी आज भी उनका एक अदम
01:45लोगों के लिए इंस्पिरेशन है और उन्हें ये थाबित किया कि असली सम्मान सिर्फ और वार्ट जीतना नहीं बल्कि उसकी
01:50इंपोर्टेंस को समझता है फिलाल वीडियो में इतना ही असे इन्रेटेइन्मेंट से जोड़ी किया बिक्तरी एक पीमीट
02:15झाल
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